
मध्य
प्रदेश
को
आठवें
पब्लिक
एरोड्रम
की
सौगात
मिली
है।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
बताया
कि
नागर
विमानन
महानिदेशालय
(डीजीसीए)
ने
शुक्रवार
को
दतिया
हवाई
अड्डे
को
3सी/वीएफआर
श्रेणी
के
तहत
पब्लिक
एरोड्रम
के
रूप
में
लाइसेंस
प्रदान
किया
है।
इस
लाइसेंस
के
मिलने
के
बाद
दतिया
हवाई
अड्डा
मध्य
प्रदेश
का
आठवां
सार्वजनिक
हवाई
अड्डा
बन
गया
है,
जो
आम
नागरिकों
के
उपयोग
के
लिए
उपलब्ध
होगा। मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
दतिया
के
साथ
प्रदेशवासियों
को
बधाई
दी
है।
सितंबर
2024
से
पहले
मध्य
प्रदेश
में
केवल
5
हवाई
अड्डे
भोपाल,
इंदौर,
जबलपुर,
खजुराहो
और
ग्वालियर
को
ही
पब्लिक
यूज
के
लिए
लाइसेंस
प्राप्त
थे।
इसके
बाद
9
सितंबर
2024
को
रीवा
हवाई
अड्डे
को
3सी/आईएफआर
श्रेणी
में
लाइसेंस
प्रदान
किया
गया।
इसका
उद्घाटन
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
20
अक्टूबर
2024
को
किया।
इसके
पहले
23
दिसंबर
2024
को
सतना
हवाई
अड्डे
को
भी
2बी/वीएफआर
श्रेणी
में
पब्लिक
एरोड्रम
के
रूप
में
लाइसेंस
प्राप्त
हुआ
है।
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118
एकड़
में
फैला
है
दतिया
हवाई
अड्डा
दतिया
हवाई
अड्डा
लगभग
118
एकड़
क्षेत्रफल
में
विकसित
किया
गया
है।
इस
हवाई
अड्डे
का
रन-वे
1810
मीटर
लंबा
और
30
मीटर
चौड़ा
है।
हवाई
अड्डे
का
टर्मिनल
भवन
768
वर्ग
मीटर
क्षेत्र
में
फैला
हुआ
है,
जो
प्रति
घंटे
100
यात्रियों
की
क्षमता
रखता
है।
एप्रोन
को
दो
एटीआर-72
विमानों
के
लिए
अनुकूलित
किया
गया
है।
यात्रियों
की
सुविधा
को
ध्यान
में
रखते
हुए
एक्स-रे
मशीन
(आरबी
एंड
एचबी),
ईटीडी,
सीसीटीवी
प्रणाली,
डीएफएमडी,
एचएचएमडी,
वॉकी-टॉकी,
आरटी-सेट
और
बैगेज
हैंडलिंग
सिस्टम
जैसी
सुरक्षा
व्यवस्थाएं
भी
हवाई
अड्डे
पर
स्थापित
की
गई
हैं।
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हवाई
अड्डे
पर
यह
यात्री
सुविधाएं
दतिया
हवाई
अड्डे
पर
यात्रियों
की
सुविधा
के
लिए
टीवी,
एफआईडीएस
(फ्लाइट
इनफॉर्मेशन
डिसप्ले
सिस्टम),
पीए
सिस्टम,
रिजर्व
लॉन्ज
और
वाई-फाई
की
सुविधा
दी
गई
है।
आपातकालीन
परिस्थितियों
से
निपटने
के
लिए
अग्निशमन
केन्द्र
में
एक
अग्निशमन
वाहन
और
एक
एंबुलेंस
भी
तैनात
की
गई
है।
सतना
और
दतिया
हवाई
अड्डों
का
विधिवत
लोकार्पण
शीघ्र
किया
जाएगा,
इसके
बाद
इन
हवाई
अड्डों
से
आम
यात्रियों
के
लिए
उड़ानों
का
संचालन
शुरू
होगा।