
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
उस
वक्त
हड़कंप
मच
गया,
जब
हाथी
के
बच्चे
का
कंकाल
मिला।
उमरिया
जिले
के
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
हाथी
के
बच्चे
का
कंकाल
मिला
है,
ये
कंकाल
सोन
नदी
के
कक्ष
क्रमांक
458
बीट
सेहरा
बी
वन
परिच्छेद
पनपथा
कोर
एरिया
के
पास
मिला।
बताया
जा
रहा
है
कि
जिस
जगह
ये
कंकाल
मिला
है
वो
वन्य
जीव
हाथियों
के
नदी
पार
करने
की
जगह
है।
यहां
से
अक्सर
ही
हाथियों
का
झुंड
नदी
पार
करता
है।
जिससे
अब
ये
कयास
लगाए
जा
रहे
हैं
कि
नदी
पार
करने
के
दौरान
हाथी
का
बच्चा
दलदल
में
फंस
गया
होगा
और
सोन
नदी
में
डूब
गया
होगा।
इसके
बाद
मगरमच्छ
जैसे
जलीय
जीव
या
दूसरे
मांसाहारी
जलीय
जीव
इसे
खा
लिए
होंगे।
दूसरे
स्थलीय
मांसाहारी
जीव
इसे
सोन
नदी
की
सतह
पर
खींच
कर
ले
आए
होंगे,
इसके
बाद
इसका
कंकाल
मिला
है।
विज्ञापन
Trending
Videos
हाथी
कंकाल
का
ऐसे
हुआ
अंतिम
संस्कार
हाथी
के
बच्चे
का
कंकाल
मिलते
ही
तुरंत
ही
घटनास्थल
को
सुरक्षित
किया
गया
और
वहां
पर
उसके
आसपास
छानबीन
की
गई।
पोस्टमार्टम
किया
गया
और
फिर
उसके
बाद
वन्य
जीव
हाथी
के
बच्चे
के
कंकाल
और
बचे
हुए
अवशेष
बरामद
किए
गए।
पूरी
प्रक्रिया
के
तहत
हाथी
के
बच्चे
का
अंतिम
संस्कार
किया
गया।
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
क्षेत्र
संचालक
अनुपम
सहाय
ने
बताया
है
कि
हाथी
के
बच्चे
का
एक
कंकाल
मिला
है
और
वो
नदी
हाथियों
के
पार
करने
की
जगह
है।
संभावना
है
कि
हाथी
का
बच्चा
नदी
में
दलदल
में
फंस
गया
होगा,
जिससे
उसकी
मौत
हो
गई
होगी।
विज्ञापन
बांधवगढ़
में
हाथियों
की
संख्या
वैसे
तो बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
बाघों
की
भरमार
है
और
यहां
अक्सर
ही
बाघों
की
दीदार
बड़ी
आसानी
से
हो
जाते
हैं।
इसीलिए
यहां
पर्यटकों
का
जमावड़ा
लगा
रहता
है,
लेकिन
पिछले
कुछ
वर्षों
से
अब
यहां
हाथियों
की
अच्छी
खासी
संख्या
हो
चुकी
है
और
लगातार
ये
संख्या
बढ़ती
ही
जा
रही
है।
अब
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
की
पहचान
हाथियों
को
लेकर
भी
होने
लगी
है।
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
हाथियों
की
संख्या
इन
दिनों
लगातार
बढ़
रही
है,
वर्तमान
में
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
60-65
से
ज्यादा
हाथियों
की
संख्या
बताई
जा
रही
है,
जो
अभी
वर्तमान
में
मौजूद
है,
और
अक्सर
ही
उनका
मूवमेंट
इधर-उधर
होता
रहता
है।