
दमोह
जिले
के
जबेरा
ब्लॉक
के
भाट
खमरिया
गांव
में
खनन
को
लेकर
विवाद
खड़ा
हो
गया
है।
शुक्रवार
रात
भगवती
मानव
कल्याण
संगठन
के
सदस्यों
ने
इसे
अवैध
बताते
हुए
काम
रुकवा
दिया।
संगठन
की
शिकायत
पर
जबेरा
तहसीलदार
सोनम
पांडे
ने
मौके
पर
पहुंचकर
दो
जेसीबी
और
तीन
डंपर
जब्त
कर
लिए।
संगठन
के
कार्यकर्ताओं
ने
दमोह
विधायक
जयंत
मलैया
के
बेटे
सिद्धार्थ
मलैया
की
कंपनी
अर्जुन
कंस्ट्रक्शन
पर
अवैध
खनन
का
आरोप
लगाया
है।
उनका
कहना
है
कि
खनन
कर
रहे
कर्मचारियों
के
पास
जरूरी
दस्तावेज
नहीं
थे
और
उन्होंने
मलैया
परिवार
का
नाम
लेकर
धमकी
दी।
तहसीलदार
सोनम
पांडे
ने
पुष्टि
की
कि
कर्मचारियों
के
पास
कोई
वैध
दस्तावेज
नहीं
मिले,
जिसके
बाद
कार्रवाई
की
गई।
इस
पर
सिद्धार्थ
मलैया
ने
कहा
कि
कार्रवाई
गलत
तरीके
से
की
गई
है।
उन्होंने
बताया
कि
पंचायत
की
अनुमति
से
तालाब
के
गहरीकरण
और
चौड़ीकरण
के
दौरान
निकाली
गई
मुरम
का
उपयोग
दमोह-जबलपुर
स्टेट
हाईवे
की
मरम्मत
में
किया
जा
रहा
है।
उन्होंने
दावा
किया
कि
इस
कार्य
के
लिए
माइनिंग
विभाग
की
अनुमति
की
जरूरत
नहीं
होती
और
रॉयल्टी
भी
नहीं
देनी
पड़ती।
शनिवार
को
सिद्धार्थ
मलैया
ने
दमोह
एसपी
को
खनन
संबंधी
दस्तावेज
प्रस्तुत
किए
और
शिकायत
दर्ज
कराई।
उन्होंने
कहा
कि
उनके
पास
सभी
आवश्यक
परमिशन
और
वर्क
ऑर्डर
मौजूद
हैं,
तथा
यह
कार्य
शासकीय
आदेशानुसार
किया
जा
रहा
है।
उन्होंने
इसे
अवैध
उत्खनन
मानने
से
इनकार
किया
और
कहा
कि
भविष्य
में
भी
तालाबों
के
गहरीकरण
व
नवीनीकरण
के
दौरान
मिट्टी
और
मुरम
का
उपयोग
शासकीय
कार्यों
में
किया
जाएगा।