
राजधानी
भोपाल
के
कोलार
थाना
क्षेत्र
में
रहने
वाली
एक
युवती
को
मनी
लान्ड्रिंग
और
दिल्ली
एयरपोर्ट
पर
कोरियर
पकड़े
जाने
का
झूठा
आरोप
लगाकर
साइबर
जालसाजों
ने
डिजिटल
अरेस्ट
करने
की
कोशिश
की।
जालसाजों
ने
युवती
को
करीब
दो
घंटे
तक
अपने
झांसे
में
रखा
और
गिरफ्तारी
का
डर
दिखाकर
ठगी
का
प्रयास
किया।
हालांकि,
युवती
ने
सूझबूझ
दिखाते
हुए
अपने
पिता,
जो
कि
रिटायर्ड
प्रधान
आरक्षक
हैं,
को
इस
घटना
की
जानकारी
दी।
उनके
सतर्कता
दिखाने
पर
भोपाल
पुलिस
सक्रिय
हुई
और
युवती
को
ठगी
से
बचाया।
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युवती
का
विवरण
और
ठगी
का
तरीका
कोलार
थाना
प्रभारी
संजय
सोनी
के
अनुसार,
28
वर्षीय
प्रिया
सक्सेना
अवंतिका
अपार्टमेंट
में
अपने
परिवार
के
साथ
रहती
हैं
और
एमबीए
कर
चुकी
हैं।
वर्तमान
में
वे
एमपी
नगर
स्थित
एक
निजी
कंपनी
में
नौकरी
करती
हैं।
शनिवार
को
उन्हें
एक
अज्ञात
फोन
कॉल
आया,
जिसमें
कॉल
करने
वालों
ने
खुद
को
साइबर
पुलिस
अधिकारी
बताया।
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जालसाजों
ने
कहा
कि
उनके
बैंक
खाते
का
उपयोग
मनी
लान्ड्रिंग
में
किया
जा
रहा
है
और
उनके
आधार
नंबर
का
उपयोग
कर
एक
कोरियर
भेजा
गया
था,
जिसे
दिल्ली
एयरपोर्ट
पर
पकड़ा
गया
है।
इन
आरोपों
से
घबराकर
प्रिया
ने
बार-बार
कहा
कि
उनके
खाते
का
कोई
दुरुपयोग
नहीं
हुआ
है
और
उन्होंने
कोई
कोरियर
नहीं
भेजा
है।
लेकिन
जालसाजों
ने
फर्जी
साइबर
थाना
दिखाते
हुए
पुलिस
अधिकारी
बनकर
बैंक
डिटेल
मांगनी
शुरू
कर
दी
और
जांच
में
सहयोग
करने
को
कहा।
गिरफ्तारी
की
धमकी
से
डरी,
फिर
पुलिस
को
दी
सूचना
जब
जालसाजों
ने
गिरफ्तारी
और
जेल
भेजने
की
धमकी
दी,
तो
प्रिया
डर
गईं
और
उन्होंने
अपने
पिता
गोपाल
सक्सेना
को
इस
घटना
की
जानकारी
दी।
पिता
ने
तुरंत
समझ
लिया
कि
यह
साइबर
ठगी
का
मामला
है
और
उन्होंने
कोलार
थाना
पुलिस
को
सूचित
किया।
सूचना
मिलते
ही
थाना
पुलिस
और
अधिकारी
प्रिया
के
घर
पहुंचे
और
जालसाजों
को
धमकाया,
जिससे
वे
घबरा
गए
और
फोन
काट
दिया।
इस
तरह
युवती
ठगी
का
शिकार
होने
से
बच
गई।
साइबर
सेल
कर
रही
जांच
थाना
प्रभारी
संजय
सोनी
ने
बताया
कि
युवती
की
शिकायत
के
आधार
पर
कॉल
करने
वाले
का
आईपी
एड्रेस
ट्रेस
किया
जा
रहा
है
ताकि
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
जा
सके।
इस
कार्य
में
साइबर
सेल
की
भी
मदद
ली
जा
रही
है।
पुलिस
ने
नागरिकों
से
अपील
की
है
कि
वे
किसी
भी
संदिग्ध
कॉल
पर
तुरंत
सतर्कता
बरतें
और
पुलिस
को
सूचना
दें।