Rajgarh News: पूर्व भाजपा नेता पर दुष्कर्म के लगे आरोप, मकान पर चला बुलडोजर…अब कोर्ट से दोष मुक्त; जानें


मध्यप्रदेश
के
राजगढ़
जिले
के
सत्र
न्यायालय
सारंगपुर
ने
14
फरवरी
2025
को
आदेश
पारित
करते
हुए
पूर्व
भाजपा
नेता
शफीक
अंसारी
को
रेप
और
उनके
दोनों
पुत्रों
को
शासकीय
कार्य
में
बाधा
डालने
जैसे
आरोपों
से
दोषमुक्त
किया
है।

दरअसल
भाजपा
अल्पसंख्यक
मोर्चा
के
पूर्व
जिलाध्यक्ष
शफीक
अंसारी
पर
4
मार्च
2021
को
सारंगपुर
पुलिस
ने
एक
महिला
की
शिकायत
पर
रेप
सहित
जान
से
मारने
की
धमकी
देने
के
आरोप
में
दुष्कर्म
सहित
अन्य
धाराओं
में
प्रकरण
पंजीबद्ध
कर
विवेचना
में
लिया।
अपने
ऊपर
लगे
आरोपों
के
विरुद्ध
शफीक
अंसारी
ने
उन
पर
दर्ज
की
गई
कथित
रेप
की
एफआईआर
को
रद्द
करने
के
लिए
इंदौर
हाईकोर्ट
में
482
सीआरपीसी
के
तहत
पिटीशन
दायर
की,
जिसे
न्यायालय
ने
स्वीकार
किया
और
राजगढ़
एसपी
को
पूरे
मामले
की
निष्पक्ष
जांच
करने
के
आदेश
दिए।

लेकिन
रेप
के
आरोप
में
फरारी
काट
रहे
पूर्व
भाजपा
नेता
शफीक
अंसारी
के
मकान
को
नगरपालिका
ने
13
मार्च
2022
को
अवैध
निर्माण
बताकर
ध्वस्त
कर
दिया।
कोर्ट
से
दोष
मुक्त
हुए
पूर्व
भाजपा
नेता
शफीक
अंसारी
के
मुताबिक
14
मार्च
2022
को
उन्होंने
सारंगपुर
एसडीओपी
के
समक्ष
समर्पण
कर
दिया
और
वे
लगभग
3
माह
जेल
में
भी
रहे।
वहीं
14
फरवरी
2025
को
प्रथम
अपर
सत्र
न्यायाधीश
सारंगपुर
के
द्वारा
पारित
किए
गए
आदेश
के
मुताबिक
न्यायालय
ने
पीड़िता
उसके
पति
और
बेटे
द्वारा
दर्ज
कराई
गई
शिकायत
और
उनके
बयानों
को
क्रॉस
चेक
करते
हुए
अविश्वसनीय
बताया।
साथ
ही
पुलिस
के
द्वारा
विवेचना
के
दौरान
पूर्व
भाजपा
नेता
शफीक
अंसारी
और
उनके
पुत्रों
पर
दर्ज
की
गई
आरोपी
की
मदद
करने
और
शासकीय
कार्य
में
बाधा
डालने
के
आरोपों
पर
भी
प्रकाश
डालते
हुए
आरोपों
में
भिन्नता
पाए
जाने
पर
अस्वीकार
किया
और
उन्हें
भी
दोष
मुक्त
किया
है।

पूर्व
भाजपा
नेता
शफीक
अंसारी
ने
बात
करते
हुए
बताया
कि
जिस
समय
उनके
ऊपर
रेप
का
आरोप
दर्ज
किया
गया
था।
उस
दौरान
वे
भाजपा
के
अल्पसंख्यक
मोर्चा
के
जिलाध्यक्ष
थे,
लेकिन
जेल
से
छूटने
के
बाद
उन्होंने
भाजपा
छोड़
दी
और
उसके
बाद
में
वे
कांग्रेस
में
शामिल
हो
गए।
उन
पर
दर्ज
हुई
एफआईआर
के
बाद
से
ही
उन्होंने
पुलिस
के
वरिष्ठ
अधिकारियों
से
निष्पक्ष
जांच
की
मांग
की,
लेकिन
उनकी
सुनवाई
नहीं
की
गई।
बल्कि
उनके
दो
बेटों
पर
भी
शासकीय
कार्य
में
बाधा
का
प्रकरण
दर्ज
कर
जेल
भेज
दिया
गया।
उनका
लगभग
2
करोड़
रूपये
का
मकान
अवैध
निर्माण
बताकर
तोड़
दिया
गया।
न्यायालय
द्वारा
दिए
गए
निर्णय
के
बाद
अब
वे
अपने
मकान
के
उचित
मुआवजे
के
लिए
अपने
वकील
के
माध्यम
से
उचित
कार्रवाई
करने
की
तैयारी
कर
रहे
है।