Bhopal: GIS को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा,पटवारी बोले-GIS में PM का भाषण बासी कड़ी में उबाल लाने का प्रयास


मध्य
प्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
में
सोमवार
को
ग्लोबल
इन्वेस्टर
समिट
(GIS)
का
शुभारंभ
किया
गया,
इसमें
देश
के
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
मौजूद
रहे।
इस
आयोजन
में
प्रधानमंत्री
द्वारा
दिए
गए
भाषण
को
लेकर
मध्य
प्रदेश
कांग्रेस
के
कई
नेताओं
ने
तंज
कसा
है।
प्रदेश
कांग्रेस
अध्यक्ष
जीतू
पटवारी
ने
कहा
कि प्रधानमंत्री
का
भाषण
बासी
कड़ी
में
उबाल
लाने
का
प्रयास
है।
उन्होने
कहा
कि
आज
पूरा
प्रदेश
इन्वेटर
समिट
में
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
का
भाषण
बड़ी
उम्मीद
लगाकर
सुन
रहा
था।
प्रधानमंत्री
जैसे
पद
पर
आसीन
व्यक्ति
जब
बोलता
है
तब
परिवर्तन
और
विकास
सुनिश्चित
होता
है,
किंतु
उनके
रटे-रटाये
भाषण
में

कोई
दृष्टिकोण
था,

ही
कोई
संकल्प
था।
प्रदेशवासियों
को
उनसे
औद्योगिक
विकास
के
लिए
कोई
विशेष
पैकेज
एवं
घोषणा
की
अपेक्षा
थी
और
वे
यह
भी
बताते
कि
पिछली
भाजपा
सरकारों
में
की
गई
इन्वेस्टर
समिट
की
विफलताओं
के
क्या
कारण
थे,
जिसमें
दावों
के
अनुपात
में
महज
3
प्रतिशत
का
ही
निवेश
आया? 


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उद्योगपतियों
का
आत्मीय
स्वागत

जीतू
पटवारी
ने
कहा
कि
मप्र
में
औद्योगिक
विकास
के
जरिये
गरीबी
और
बेरोजगारी
जैसी
समस्याओं
को
दूर
किया
जा
सकता
है,
इस
आशा
से
हम
प्रदेश
के
पधारे
निवेशकर्ताओं
और
उद्योगपतियों
का
आत्मीय
स्वागत
करते
हैं,
अभिनंदन
करते
हैं।
पटवारी
ने
कहा
कि
मैं
आप
सभी
का
स्वागत
करते
हुये
यह
कहना
भी
चाहता
हूं
कि
मेरे
मध्य
प्रदेश
की
एक
अलग
परंपरा
और
पहचान
है।
देश
का
हृदय
प्रदेश
भी
औद्योगिक
विकास
के
जरिए
गरीबी
और
बेरोजगारी
जैसी
समस्याओं
से
लड़कर,
उन्हें
दूर
करना
चाहता
है।
मैं
मानता
हूं
कि
प्रदेश
में
उचित
निवेश
बड़ी
समस्याओं
से
निपटने
के
लिए
औद्योगिक
उन्नति
सुधार
का
एक
बड़ा
रास्ता
बना
सकता
है।
निवेश
आज
के
मप्र
की
आवश्यकता
ही
नहीं,
अब
अनिवार्यता
बन
चुकी
है।
इसीलिए,
आप
सभी
की
उपयोगिता
अत्यंत
आवश्यक
है। पटवारी
ने
कहा
कि
आग्रह
यही
है
निवेश
और
विकास
के
सभी
दावे
सच्चे
हों,
क्योंकि
ऐसी
कागजी-कलाबाजियां
और
इवेंटबाजियां
अब
तक
प्रदेश
देखता
चला

रहा
है
और
प्रदेशवासियों
को
निराशा
ही
हाथ
लगी
है।


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इतने
बडे़
मंच,
से
ऐसी
छोटी
राजनीति

पटवारी
ने
कहा
कि
मोदी
ने
उद्योगपतियों
का
कीमती
समय
20
साल
पहले
कांग्रेस
सरकारों
की
आलोचना
करने
में
खराब
कर
दिया,
जबकि
उन्हें
बताना
था
कि
उनके
पास
निवेश
के
लिए
क्या
सहूलियतें
हैं
इतने
बडे़
मंच,
से
ऐसी
छोटी
राजनीति
करने
से
उद्योगपति
बिदक
जाते
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
सरकारों
के
दौरान
बम्फर
निवेश
आया
था,
जिसके
ज्वंलत
उदाहरण
मंडीदीप,
गोविंदपुरा,
मालनपुर,
पीथमपुर
जैसे
औद्योगिक
क्षेत्र
हैं।
वहीं
भाजपा
सरकारों
के
दौरान
एक
भी
औद्योगिक
क्षेत्र
विकसित
नहीं
हुआ
और
जो
कांग्रेस
ने
उद्योग
लगाये
थे,
उनकी
हालत
दयनीय
हो
चुकी
है।
जिन
निवेशकों
ने
भाजपा
सरकार
के
वादों
पर
विश्वास
कर
80
हजार
करोड़
रूपये
लॉजिस्टि
एवं
वेयरहाउसिंग
क्षेत्रों
में
लगाये
थे,
उनका
लगभग
8
हजार
करोड़
रूपये
शासन
पर
बकाया
है।
स्थिति
यह
है
कि
आज
उन
निवेशकर्ताओं
के
घरवार
बिकने
की
नौवत

चुकी
है।


कपास
उत्पादक
किसान
को
न्यूनतम
मूल्य
भी
नहीं

पटवारी
ने
कहा
कि
प्रधानमंत्री
ने
मप्र
को
कपास
की
राजधानी
बताया
लेकिन
कपास
उत्पादक
किसान
को
न्यूनतम
मूल्य
भी
नहीं
मिल
पा
रहा
है,
जिससे
मालवा-निमाड़
में
किसानों
की
स्थिति
बद
से
बदतर
होती
जा
रही
हैं।
पटवारी
ने
कहा
कि
मोदी
जी
आपसे
मप्र
को
अपेक्षा
थी
कि
कोई
विशेष
पैकेज,
करों
में
राहत,
बड़े
उद्योगों
को
प्रदेश
में
स्थापित
करने
की
दिशा
में
घोषणा
करेंगे,
जैसा
आप
गुजरात
में
करते
हैं,
किंतु
आपने
हमारे
प्रदेश
को
निराश
ही
किया
है।
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
शासन
में
परंपरा
रही
है,
जब
भी
कोई
नया
औद्योगिक
क्षेत्र
विकसित
किया
जाता
था
तो
उन
उद्योगों
को
पांच-सात
साल
तक
कर-मुक्त
रखा
जाता
था,
लेकिन

आपने
और

ही
प्रदेश
सरकार
ने
ऐसी
कोई
छूट
प्रस्तावित
की
है। 


17
गंदे
नाले
लगातार
नर्मदा
को
कर
रहे
प्रदूषित 

पटवारी
ने
पुण्य
दायिनी
मां
नर्मदा
का
उल्लेख
करते
हुए
कहा
कि
प्रधानमंत्री
जी
आपने
नर्मदा
नदी
को
प्रदेश
की
जीवनरेखा
बताया,
किंतु
जिस
तरह
नर्मदा
नदी
का
भाजपा
नेताओं
द्वारा
अवैध
उत्खनन
कर
नर्मदा
घाटी
की
जैवविविधता
को
नष्ट
किया
जा
रहा
है,
उस
पर
आपका
ध्यानाकर्षण
जरूरी
है।
वर्तमान
में
17
गंदे
नाले
लगातार
नर्मदा
को
प्रदूषित
कर
रहे
हैं,
जिससे
नर्मदा
मैया
की
पवित्रता
पर
संकट
छाया
हुआ
है। पटवारी
ने
सवाल
करते
हुये
कहा
कि
प्रधानमंत्री
जी,
बिना
रेल
विकास
के
औद्योगीकरण
की
कल्पना
नहीं
की
जा
सकती
है।
जहां
प्रदेश
के
अनेक
अंचलों
में
रेल
सुविधा
को
लेकर
आंदोलन
चल
रहे
हैं
और
अनेक
जिले
रेल
सुविधा
से
वंचित
हैं
ऐसी
स्थित
में
औद्योगिक
विकास
की
परिकल्पना
संभव
नहीं
है।
 पटवारी
ने
प्रधानमंत्री
पर
तंज
कसते
हुये
कहा
कि
मप्र
की
अपेक्षा
थी
कि
मोदी
जी
औद्योगीकरण
के
लिए
अतिआवश्यक
रेल्वे
सेवाओं,
वायुसेवा
और
राजमार्गों
के
उन्नयन
की
भी
एक
पर्ची
निकालेंगे,
किंतु
आप
प्रदेश
की
जनता
को
सिर्फ
बातों
की
जमाखर्ची
देकर
चले
गए।