
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
है
कि
मध्य
प्रदेश
ने
नवीन
और
नवकरणीय
ऊर्जा
क्षेत्र
में
तीव्र
गति
से
प्रगति
की
है।
वर्तमान
में
यह
राज्य
अपने
कुल
ऊर्जा
उत्पादन
का
15%
नवकरणीय
ऊर्जा
से
प्राप्त
कर
रहा
है
और
प्रदेश
ने
सबसे
सस्ती
बिजली
बनाने
का
रिकॉर्ड
भी
स्थापित
किया
है।
नीमच
जिले
में
स्थापित
सोलर
परियोजना
में
2
रुपये
14
पैसे
प्रति
यूनिट
की
दर
से
बिजली
उत्पादन
हो
रहा
है,
जो
भारतीय
रेलवे
को
बेची
जा
रही
है।
यह
एक
बड़ी
उपलब्धि
है।भोपाल
में
आयोजित
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
के
अंतर्गत
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
पर
आयोजित
विभागीय
शिखर
सम्मेलन
में
मुख्यमंत्री
ने
यह
बात
कही।
मुख्यमंत्री
ने
प्रदेश
में
हो
रहे
विभिन्न
नवकरणीय
ऊर्जा
परियोजनाओं
का
उल्लेख
करते
हुए
कहा
कि
रीवा
में
750
मेगावाट
क्षमता
का
अल्ट्रा
मेगा
सोलर
पार्क,
नीमच
में
500
मेगावाट
सोलर
प्लांट
और
ओंकारेश्वर
में
भारत
का
सबसे
बड़ा
फ्लोटिंग
सोलर
प्रोजेक्ट
स्थापित
किया
गया
है।
इसके
साथ
ही
नर्मदापुरम
में
पावर
और
रिन्यूएबल
एनर्जी
इक्विपमेंट
मैन्युफैक्चरिंग
जोन
भी
स्थापित
किया
गया
है।
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निवेश
का
अच्छा
माहौल
बना
:
रेल
मंत्री
रेल
मंत्री
अश्विनी
वैष्णव
ने
वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग
के
माध्यम
से
अपने
संबोधन
में
कहा
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
के
नेतृत्व
में
मध्य
प्रदेश
में
निवेश
का
अच्छा
माहौल
बना
है।
उन्होंने
बताया
कि
वर्ष
2030
तक
भारतीय
रेल
ऊर्जा
के
क्षेत्र
में
“नेट
जीरो”
हो
जाएगी,
अर्थात
शत-प्रतिशत
बिजली
पर
चलेगी।
अभी
97%
रेलवे
लाइन
का
इलेक्ट्रिफिकेशन
कर
लिया
गया
है।
आज
मध्य
प्रदेश
के
साथ
170
मेगावाट
का
बिजली
खरीदी
अनुबंध
किया
गया,
जो
अपने
आप
में
अत्यंत
महत्वपूर्ण
है।
मध्य
प्रदेश
जितनी
भी
अतिरिक्त
बिजली
उत्पादित
करेगा
हम
खरीदेंगे।
वैष्णव
ने
कहा
कि
मध्य
प्रदेश
में
रेलवे
नेटवर्क
का
ऐतिहासिक
कार्य
चल
रहा
है।
इस
क्षेत्र
में
1
लाख
4
हजार
करोड
रुपये
का
निवेश
किया
जा
रहा
है।
मध्य
प्रदेश
में
वर्ष
2014
के
बाद
2456
किलोमीटर
का
रेलवे
नेटवर्क
तैयार
किया
गया
है।
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दो
बिजली
खरीदी
अनुबंध
हुए
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
की
उपस्थिति
में
शिखर
सम्मेलन
में
दो
बिजली
खरीदी
अनुबंध
किए
गए।
पहला
भारतीय
रेल,
नीमच
सोलर
प्रोजेक्ट,
रीवा
अल्ट्रा
मेगा
सोलर
लिमिटेड
और
वारी
के
बीच
तथा
दूसरा
एमपी
पावर
मैनेजमेंट
कंपनी,
वारी
और
रीवा
अल्ट्रा
मेगा
सोलर
लिमिटेड
के
बीच
संपादित
हुए।
इसके
साथ
ही
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
के
क्षेत्र
में
विभिन्न
निवेशकों
के
साथ
निवेश
अनुबंध
भी
हुए।