
उमरिया
जिले
में
इन
दिनों
कहीं
दो
लोग
तो
कहीं
पूरा
परिवार
मिलेट्स
की
श्रेणी
में
आने
वाले
कोदो
को
खाने
से
बीमार
हो
रहा
है।
ऐसा
ही
एक
मामला
नौरोजाबाद
से
सामने
आया,
जहां
एक
ही
परिवार
की
तीन
महिलाएं,
एक
पुरुष
और
एक
बच्चा
कोदो
की
रोटी
खाने
से
बीमार
हो
गए।
परिजनों
ने
उन्हें
सामुदायिक
स्वास्थ्य
केंद्र
पाली
में
भर्ती
कराया,
जहां
से
प्राथमिक
उपचार
के
बाद
जिला
अस्पताल
रेफर
कर
दिया
गया।
सभी
का
जिला
अस्पताल
में
उनका
इलाज
चल
रहा
है।
विज्ञापन
Trending
Videos
नौरोजाबाद
कुदरी
निवासी
पीड़ित
रवि
कोल
(35)
पुत्र
प्रीतम
कोल
ने
बताया
कि
कल
रात
उनके
घर
में
कोदो
की
रोटी
बनी
थी
और
परिवार
के
पांच
सदस्यों
ने
उसे
खाया
था।
खाने
के
कुछ
देर
बाद
सभी
को
हाथ
कांपने,
चक्कर
आने
और
आंखों
के
आगे
अंधेरा
छाने
की
शिकायत
हुई।
मां
चंदा
बाई
कोल
(60)
पत्नी
प्रीतम
कोल,
बड़ी
मां
ललबतिया
कोल
(60)
पत्नी
राम
विशाल
कोल,
भाभी
ज्योति
कोल
(30)
पत्नी
सवि
कोल,
भतीजा
अजीत
कोल
(9)
पुत्र
सवि
कोल
की
हालत
बिगड़ने
लगी।
सभी
को
तुरंत
पाली
अस्पताल
ले
जाया
गया,
जहां
प्राथमिक
इलाज
के
बाद
उमरिया
जिला
अस्पताल
रेफर
कर
दिया
गया।
रवि
कोल
ने
कहा
कि
अब
उनकी
तबीयत
ठीक
लग
रही
है।
विज्ञापन
कोदो
में
फंगस
लगने
से
हो
रही
बीमारी
जिला
अस्पताल
के
सिविल
सर्जन
डॉ.
एनएल
रुहेला
ने
बताया
कि
पहले
भी
कई
बार
कोदो
खाने
से
बीमार
होकर
लोग
अस्पताल
आ
चुके
हैं।
कोदो
खाने
से
पहले
यह
सुनिश्चित
करना
जरूरी
है
कि
फसल
कटाई
के
बाद
और
गहाई
से
पहले
बारिश
में
भीगी
तो
नहीं
थी।
यदि
कोदो
अधिक
दिनों
तक
गीली
अवस्था
में
पड़ा
रहा,
तो
उसमें
फंगस
लग
सकता
है।
फंगस
युक्त
कोदो
का
सेवन
मानव
स्वास्थ्य
के
लिए
हानिकारक
हो
सकता
है।
लोगों
को
सतर्क
रहना
चाहिए
और
खराब
कोदो
का
उपयोग
नहीं
करना
चाहिए।