
के
पावन
पर्व
पर
महेश्वर
नगरी
शिवमय
हो
गई।
नर्मदा
तट
पर
डेढ़
लाख
से
अधिक
श्रद्धालुओं
ने
आस्था
की
डुबकी
लगाकर
काशी
विश्वनाथ
और
राजराजेश्वर
मंदिर
में
पूजा-अर्चना
की।
अलसुबह
5
बजे
से
ही
नर्मदा
जी
के
28
घाटों
पर
भक्तों
का
तांता
लग
गया।
हर
आयु
वर्ग
के
बच्चे,
युवा,
महिलाएं
और
बुजुर्ग
पुण्यलाभ
अर्जित
करने
पहुंचे।
महिलाओं
और
कन्याओं
ने
मांगी
विशेष
मनोकामनाएं
महिलाओं
ने
तेरस
की
बत्ती
जलाकर
महादेव
की
पूजा-अर्चना
की
और
अपने
सुहाग
की
लंबी
उम्र
की
कामना
की।
वहीं,
कुंवारी
कन्याओं
ने
भी
शिव
की
आराधना
कर
मनपसंद
वर
प्राप्त
करने
का
आशीर्वाद
मांगा।
प्रमुख
मंदिरों
में
विशेष
पूजा-अर्चना
और
महाआरती
श्रद्धालुओं
ने
तिल
बाणेश्वर,
काशी
विश्वनाथ,
राजराजेश्वर,
बाणेश्वर,
कालेश्वर,
जालेश्वर,
वृद्ध
कालेश्वर
सहित
विभिन्न
मंदिरों
में
जल
अर्पित
कर
विशेष
पूजा-अर्चना
की।
मनोकामनेश्वर
मंदिर
में
विशेष
श्रृंगार
के
साथ
रात्रि
में
तीन
महाआरती
की
गई।
राजराजेश्वर,
बाणेश्वर,
सिद्धनाथ
और
मातोश्वर
मंदिरों
में
रात्रि
अभिषेक
का
आयोजन
हुआ।
नगर
में
भक्ति
और
सेवा
का
अद्वितीय
संगम
महेश्वर
के
प्रमुख
मार्गों
पर
श्रद्धालुओं
का
जनसैलाब
उमड़ा।
किला
घाट
और
धामनोद-बड़वाह
मार्ग
पर
भी
भारी
भीड़
देखी
गई।
यातायात
व्यवस्था
को
सुचारु
बनाने
के
लिए
यातायात
पुलिसकर्मी,
एनसीसी,
कोटवार,
स्काउट
छात्र-छात्राएं,
नगर
परिषद
कर्मचारी,
नगर
सुरक्षा
समिति
के
सदस्य
और
विद्यार्थी
सक्रिय
नजर
आए।
सेवा
और
प्रसाद
वितरण
की
अनोखी
पहल
महेश्वर
में
श्रद्धालुओं
की
सेवा
में
कोई
कमी
नहीं
रही।
सोनी
धर्मशाला
के
नीचे
नवयुवक
मित्र
संघ
ने
फलहारी
खिचड़ी
और
सियाराम
कुटी
पर
अन्य
श्रद्धालुओं
ने
फलहारी
खिचड़ी
व
चाय
वितरित
की।
जगह-जगह
101
क्विंटल
साबूदाना
खिचड़ी,
फरियाली
मिक्चर,
101
किलो
आलू
चिप्स
का
वितरण
किया
गया।
नगर
के
समाजसेवी
और
सुरक्षा
कर्मी
भी
सेवा
कार्यों
में
शामिल
रहे।
33
वर्षों
से
चल
रही
शृंगार
परंपरा
दयालु
मित्र
मंडल
के
तत्वावधान
में
पिछले
33
वर्षों
से
प्रति
सप्ताह
भगवान
काशी
विश्वनाथ
का
मनमोहक
शृंगार
किया
जा
रहा
है।
इस
परंपरा
को
निभाते
हुए
इस
वर्ष
भी
महाशिवरात्रि
पर
भव्य
शृंगार
किया
गया।
भजन
प्रतियोगिता
में
प्रसिद्ध
कलाकारों
ने
भजनों
की
रसगंगा
प्रवाहित
की,
जिससे
भक्त
भावविभोर
हो
उठे।
प्रशासन
की
मुस्तैदी
और
व्यवस्थाएं
महाशिवरात्रि
पर्व
के
दौरान
एसडीएम
अनिल
जैन,
तहसीलदार
राकेश
सस्तिया,
एसडीओपी
मनोहर
सिंह
गवली,
थाना
प्रभारी
और
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
सक्रिय
रही।
यातायात
व्यवस्था,
सुरक्षा
और
स्वच्छता
का
विशेष
ध्यान
रखा
गया,
जिससे
श्रद्धालुओं
को
किसी
भी
प्रकार
की
असुविधा
न
हो।