
मध्यप्रदेश
के
खरगोन
जिले
की
बेड़िया
थाना
पुलिस
ने
अवैध
हथियारों
की
खरीद
फरोख्त
को
लेकर
बड़ी
कार्रवाई
अंजाम
दी
है।
पुलिस
ने
पंजाब
से
आए
दो
हथियार
तस्करों
को
गिरफ्तार
किया
है।
इनके
कब्जे
से
सात
देसी
किस्म
की
हैंडमेड
पिस्टल
बरामद
की
गई
हैं।
जिनकी
बाजार
कीमत
करीब
एक
लाख
75
हजार
रुपये
आंकी
गई
है।
मुखबिर
से
मिली
एक
सूचना
पर
की
गई
इस
कार्रवाई
में
दोनों
ही
आरोपी,
पंजाब
से
हथियार
खरीदने
आकर,
जिले
के
ग्रामीण
अंचल
से
होते
हुए
भागने
की
फिराक
में
थे।
जहां
श्मशान
घाट
के
पास
पुलिस
ने
दोनों
ही
आरोपियों
को
धर
दबोचा
है।
अब
पकड़े
गए
आरोपियों
का
रिकॉर्ड
खंगाला
जा
रहा
है।
साथ
ही
न्यायालय
से
उनका
रिमांड
भी
लिया
गया
है।
इसके
बाद
पूछताछ
में
हथियार
तस्करों
से
जुड़े
और
भी
लोगों
के
नाम
सामने
आ
सकते
हैं।
इससे
पुलिस
को
इस
मामले
में
अब
बड़े
खुलासे
होने
की
उम्मीद
है।
इस
पूरे
मामले
की
जानकारी
देते
हुए
खरगोन
एसपी
धर्मराज
मीणा
ने
बताया
कि
खरगोन
पुलिस
द्वारा
एक
बार
फिर
से
अवैध
हथियारों
को
लेकर
बड़ी
कार्रवाई
की
गई
है।
यहां
की
बड़वाह
अनुभाग
के
अंतर्गत
आने
वाली
बेड़िया
थाना
पुलिस
ने
दो
अवैध
हथियार
तस्करों
को
गिरफ्तार
किया
है।
जिनके
कब्जे
से
सात
आधुनिक
किस्म
के
अवैध
हथियार
भी
जब्त
किए
गए
हैं।
इन
हथियारों
की
बाजार
कीमत
करीब
1
लाख
75
हजार
रु
आंकी
गई
है।
दरअसल
25
फरवरी
को
बेड़िया
थाना
प्रभारी
धर्मेंद्र
यादव
को
मुखबिर
से
सूचना
मिली
थी।
इसमें
पंजाब
प्रांत
के
रहने
वाले
दो
व्यक्तियों
का
खरगोन
जिले
के
ग्राम
सिगनूर
से
अवैध
हथियारों
की
खरीद
करना
बताया
गया
था।
साथ
ही
इन
दोनों
व्यक्तियों
का
हथियार
लेकर
ग्राम
अम्बा
की
और
जाना
मालूम
चला
था।
इस
मामले
में
कार्रवाई
करते
हुए
थाना
प्रभारी
धर्मेंद्र
यादव
ने
तत्काल
एक
पुलिस
टीम
का
गठन
किया।
इस
टीम
ने
मुखबिर
के
बताए
स्थान
ग्राम
अम्बा
में
सर्चिंग
शुरू
की।
इसके
बाद
वहां
स्थित
शमशान
घाट
पर
लगे
हैंडपंप
के
पास
दो
संदेही
व्यक्ति
दिखाई
दिए।
वे
अपने
हाथ
में
बैग
लेकर
खड़े
थे।
जो पुलिस
को
देखकर
भागने
की
कोशिश
करने
लगे।
जिस
पर
पुलिस
ने
घेराबंदी
कर
उन्हें
पकड़
लिया।
वहीं
दोनों
आरोपियों
से
पूछताछ
करने
पर
उन्होंने
अपना
नाम
सुनील
एवं
संदीप
बताया।
दोनों
ही
आरोपियों
ने
अपना
निवास
बलेल
के
हासल
थाना
अमीर
खास,
तह
जलालाबाद
जिला
फाजिल्का
पंजाब
का
बताया।
इस
दौरान
पुलिस
को
सुनील
के
बैग
से
चार
देशी
पिस्टल
एवं
संदीप
के
बैग
से
तीन
देशी
पिस्टल
बगैर
किसी
वैध
दस्तावेज
एवं
लायसेंस
के
बरामद
हुईं।
जिन्हें
विधिवत
रूप
से
जब्त
किया
गया
है।
इसके
बाद
दोनों
ही
आरोपियों
को
न्यायालय
में
पेश
कर
उनका
रिमांड
लिया
गया
है।