
पीथमपुर
में
यूनियन
कार्बाइड
के
जहरीले
कचरे
को
जलाने
के
लिए
56
दिन
बाद
कटेंनर
खोले
गए।
अब
इस
कचरे
को
शुक्रवार
से
भस्मक
में
जलाने
की
तैयारी
होगी।
उससे
पहले
सुरक्षा
के
पुख्ता
इंतजाम
कोर्ट
के
निर्देश
पर
किए
जाएंगे।
रामकी
कंपनी
के
आसपास
गुरुवार
को
पुलिस
के
पुख्ता
सुरक्षा
इंतजाम
है।
अब
शुक्रवार
से
कचरा
जलाने
की
प्रक्रिया
शुरू
हो
जाएगी।
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सुप्रीम
कोर्ट
ने
इस
मामले
में
हाईकोर्ट
के
आदेश
के
खिलाफ
दायर
याचिका
को
खारिज
कर
दिया
है।
इसके
बाद
से
ही
कचरा
जलाने
का
रास्ता
साफ
हो
गया
था।
कुछ
दिनों
पहले
कटेंनरों
को
ट्रकों
से
अलग
किया
गया
था।
अब
उस
कचरे
को
चार
से
छह
माह
के
भीतर
जलाया
जाएगा।
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शुक्रवार
को
विशेषज्ञों
की
मौजूदगी
में
कचरे
के
निपटान
का
ट्रायल
रन
विशेषज्ञों
की
मौजूदगी
में
होगा।
इस
दौरान
वातावरण
में
कचरा
जलाने
के
प्रभाव
का
आंकलन
किया
जाएगा
और
उसकी
रिपोर्ट
तैयार
कर
अगली
सुनवाई
में
हाईकोर्ट
को
सौंपी
जाएगी।
हाईकोर्ट
के
आदेश
पर
दस
मीट्रिक
टन
कचरे
के
ट्रायल
रन
को
जलाने
की
प्रक्रिया
शुरू
कर
दी।
इंदौर संभागायुक्त
दीपक
सिंह
ने
बताया
कि
कचरा
जलाने
के
दौरान
कलेक्टर
और
एसपी
धार
मौके
पर
मौजूद
रहेंगे
और
यह
ट्रायल
रन
हाईकोर्ट
के
निर्देशों
के
अनुसार
किया
जाएगा।
विरोध
प्रदर्शन
कर
रहे
संगठनों
ने
कहा
है
कि
वे
हाईकोर्ट
में
अपनी
बात
रखेंगे
और
आंदोलन
जारी
रखेंगे।
800
डिग्री
तक
गर्म
करेंगे
भट्टी
कचरे
का
निपटान
आशापुरा
गांव
में
लगे
भस्मक
में
होगा।
कचरे
को
800
डिग्री
तापमान
से
ज्यादा
में
जलाया
जाएगा।
इसके
लिए
रात
से
ही
भट्टी
को
गर्म
करने
की
प्रक्रिया
शुरू
होगी।
तीन
दिन
मेें
अलग-अलग
मात्रा
में
कचरे
का
निपटान
होगा
और
जो
कचरा
जलाने
के
बाद
जो
राख
निकलेगी,
उसे
परिसर
में
ही
लैंडफील
किया
जाएगा।
30
टन
कचरा
जलाने
के
बाद
हाईकोर्ट
में
पेश
की
जाएगी
रिपोर्ट
ट्रायल
रन
की
अनुमति
मिलने
के
बाद
पीथमपुर
बचाओ
समिति
और
अन्य
आंदोलनकारियों
में
हलचल
तेज
हो
गई
है।
वे
मांग
कर
रहे
हैं
कि
जब
तक
हाईकोर्ट
उनकी
बात
नहीं
सुन
लेता,
तब
तक
ट्रायल
रन
पर
रोक
लगाई
जाए।
हालांकि,
प्रशासन
ने
साफ
कर
दिया
है
कि
ट्रायल
रन
27
फरवरी
से
ही
शुरू
होगा।
हाईकोर्ट
के
आदेश
के
तहत,
27
फरवरी
को
10
मीट्रिक
टन
कचरे
का
पहला
ट्रायल
रन
किया
जाएगा।
इसके
बाद,
4
मार्च
को
10
मीट्रिक
टन
और
10
मार्च
को
10
मीट्रिक
टन
अतिरिक्त
कचरा
जलाया
जाएगा।
इस
30
मीट्रिक
टन
कचरे
की
रिपोर्ट
27
मार्च
को
हाईकोर्ट
में
पेश
की
जाएगी।