
महाशिवरात्रि
पर
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
परिसर
में
विक्रम
विश्वविद्यालय
उज्जैन
के
विद्यार्थियों
ने
अनवरत
72
घंटे
शिव
बारात
की
रंगोली
बनाकर
किए
गए
अद्भुत
प्रदर्शन
को
देशभर
में
सराहा
गया।
इस
पूरे
कला
प्रदर्शन
में
विश्वविद्यालय
के
कुलगुरु
प्रो.
अर्पण
भारद्वाज
ने
अथक
मेहनत
करके
विद्यार्थियों
द्वारा
बनाई
गई
इस
प्रदर्शनी
के
लिए
लगातार
प्रेरित
किया
जाता
रहा।
इस
प्रदर्शन
के
लिए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
विद्यार्थियों
की
प्रशंसा
की
है।
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विक्रम
विश्वविद्यालय
उज्जैन
के
विद्यार्थियों
का
यह
पहला
प्रयास
नहीं
है,
बल्कि
विगत
दो
वर्षों
में
इन्होंने
देश
के
विभिन्न
प्रमुख
आयोजन
पर
अपना
ये
प्रदर्शन
किया
है,
जिसमें
राम
मंदिर
के
शुभारंभ
पर
जो
रांगोली
बनाई
गई
थी।
उसकी
भी
देशभर
में
सराहना
हुई
थी।
विक्रम
विश्वविद्यालय
के
कुलगुरु
प्रो.
अर्पण
भारद्वाज
के
मार्गदर्शन
में
23
फरवरी को
विश्वविद्यालय
की
ललित
कला
अध्ययनशाला
के
14
विद्यार्थियों
ने
3040
फीट
की
शिव
बारात
की
अद्भुत
रंगोली
24
घंटे
के
अथक
प्रयासों
में
बना
दी।

इस
शिव
बारात
को
परंपरागत
और
आध्यात्मिक
वैभव
देने
के
लिए
430
किलोग्राम
रंगोली
कलर
का
उपयोग
इन
विद्यार्थियों
ने
किया।
सबसे
पहले
इन्होंने
आदि
देव
शिव
के
प्राचीन
वैभव
का
स्केच
धरातल
पर
उतारा।
यह
कार्य
अक्षित
शर्मा
ने
पूरा
किया
इसके
उपरांत
विद्यार्थियों
ने
अपने
क्रिएटिव
विजन
से
कलरफुल
इस
रंगोली
को
डिजाइन
किया।
शिव
बारात
रंगोली
का
प्रदर्शन
23
फरवरी
की
शाम
से
लेकर
27
फरवरी
की
रात्रि
तक
कुल
72
घंटे
से
अधिक
किया
गया।
जिसे
महाकाल
दर्शन
के
लिए
आने
वाले
दर्शनार्थियों
ने
देखा
और
उसकी
सराहना
की,
बल्कि
इस
रंगोली
प्रदर्शन
की
चर्चा
देश
भर
में
विभिन्न
माध्यमों
के
द्वारा
की
गई
और
इस
प्रशंसनीय
कार्य
को
लेकर
मुख्यमंत्री
द्वारा
भी
विद्यार्थियों
की
सराहना
की
गई।
इस
रंगोली
की
रचना
में
और
इस
आकार
देने
में
पंकज
सेहरा
छात्र
ने
इसे
स्वरूप
प्रदान
किया
और
अक्षित
शर्मा,
मुकुल,
जगबंधु
महातो,
आदित्य
चौहान,
लक्ष्मी
कुशवाह,
प्रथा
शाक्य,
जीत
दे,
धर्मेंद्र
मालवीय,
नैसा
खान,
सलोनी
परमार,
इशा
सोनगरा
आदि
ने
इस
रंगोली
प्रदर्शन
में
अपना
अथक
परिश्रम
किया।
इस
रंगोली
प्रदर्शन
में
विद्यार्थियों
का
मार्गदर्शन
ललित
कला
अध्ययनशाला
के
विभागाध्यक्ष
प्रो.
जगदीश
शर्मा,
डॉ,
महिमा
मरमट,
लक्ष्मी
नारायण
सिंह
रोडिया
आदि
ने
भी
किया।