
सीहोर
जिले
के
ऐसे
ग्रामीण
क्षेत्र,
जहां
की
बसाहटों
की
दूरी
500
मीटर
से
अधिक
है,
अब
सड़कों
से
जुड़ेंगी।
भारत
सरकार
द्वारा
ग्रामीणजनों
की
सुविधा
के
लिए
प्रधानमंत्री
ग्राम
सड़क
योजना
चतुर्थ
स्वीकृत
की
गई
है।
इस
योजना
के
तहत
चयनित
बसाहटों
के
लिए
विशेष
मापदंड
निर्धारित
किए
गए
हैं।
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क्या
है
संपर्क
विहीन
बसाहट?
संपर्क
विहीन
बसाहट
वह
बसाहट
होती
है,
जो
बारहमासी
सड़क
से
जुड़ी
किसी
अन्य
बसाहट
से
500
मीटर
या
अधिक
दूरी
पर
स्थित
हो।
ऐसी
संपर्क
विहीन
बसाहटें,
जो
500
मीटर
के
रेडियस
के
अंदर
स्थित
हैं,
उन्हें
क्लस्टर
बनाकर
बारहमासी
सड़क
निर्माण
के
लिए
पात्र
माना
जाएगा।
प्रधानमंत्री
ग्राम
सड़क
योजना-4
के
अंतर्गत
वर्ष
2011
की
जनगणना
के
अनुसार
सीहोर
जिले
में
500
से
अधिक
आबादी
वाली
संपर्क
विहीन
बसाहटों
को
बारहमासी
सड़कों
से
जोड़ा
जाएगा।
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जिले
में
550
संपर्क
विहीन
बसाहटों
का
सर्वे
ग्रामीण
सड़क
विकास
प्राधिकरण
के
परियोजना
क्रियान्वयन
महाप्रबंधक
ने
बताया
कि
सीहोर
जिले
में
चयनित
550
संपर्क
विहीन
बसाहटों
का
सर्वेक्षण
पंचायत
सचिवों
द्वारा
ग्राम
संपर्कता
एप
के
माध्यम
से
किया
जा
रहा
है।
सर्वे
के
उपरांत
पात्र
बसाहटों
को
प्रधानमंत्री
ग्राम
सड़क
योजना-4
के
तहत
बारहमासी
सड़कों
से
जोड़ने
की
स्वीकृति
प्रदान
की
जाएगी।
साथ
ही,
राज्य
शासन
द्वारा
प्रदेशभर
में
संपर्क
विहीन
बसाहटों
के
सैटेलाइट
सर्वे
के
माध्यम
से
भी
भौतिक
सत्यापन
कराया
जा
रहा
है।
100
से
अधिक
जनसंख्या
वाली
बसाहटों
का
भी
होगा
सर्वे
प्रदेश
में
उन
संपर्क
विहीन
बसाहटों
का
भी
सर्वे
और
चयन
किया
जाएगा,
जहां
की
वर्तमान
जनसंख्या
100
से
अधिक
है।
इसके
लिए
डामरीकृत
अथवा
सीसी
सड़क
से
संपर्क
विहीन
बसाहट
की
दूरी
50
मीटर
से
अधिक
होनी
चाहिए।
साथ
ही,
यदि
पहले
से
बनी
डामरीकृत
या
सीसी
सड़क
की
केरिजवे
चौड़ाई
3
मीटर
से
कम
है,
तो
उस
बसाहट
को
भी
संपर्क
विहीन
माना
जाएगा।