
मध्य
प्रदेश
के
सिवनी
जिले
में
गो-तस्करी
को
लेकर
एक
बड़ा
खुलासा
हुआ
है।
कान्हीवाड़ा
थाना
प्रभारी
ओमेश्वर
ठाकरे
और
भारतीय
जनता
युवा
मोर्चा
(भाजयुमो)
के
पूर्व
प्रदेश
कार्यसमिति
सदस्य
मयूर
दुबे
की
दो
ऑडियो
क्लिप
वायरल
होने
के
बाद
राजनीतिक
और
प्रशासनिक
हलकों
में
हड़कंप
मच
गया
है।
वायरल
ऑडियो
में
हिंदूवादी
संगठनों
के
बड़े
नेताओं
को
गो-तस्करी
में
फंसाने
की
साजिश
रचने
की
बातचीत
सुनाई
दे
रही
है।
इतना
ही
नहीं,
मयूर
दुबे
द्वारा
थाना
प्रभारी
के
खाते
में
पैसे
भेजने
की
बात
भी
सामने
आई
है।
ऑडियो
लीक
होने
के
बाद
प्रशासन
ने
तुरंत
थाना
प्रभारी
ओमेश्वर
ठाकरे
को
निलंबित
कर
दिया।
वहीं,
मयूर
दुबे
पहले
से
ही
मारपीट
के
एक
मामले
में
जेल
में
बंद
है।
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क्या
है
पूरा
मामला?
यह
ऑडियो
14
मार्च
के
बताए
जा
रहे
हैं।
पहला
ऑडियो
दो
मिनट
14
सेकंड
और
दूसरा
एक मिनट
29
सेकंड
का
है।
इसमें
टीआई
और
भाजयुमो
नेता
के
बीच
गो-तस्करी
को
लेकर
पैसों
के
लेन-देन
और
हिंदू
संगठनों
के
नेताओं
को
फंसाने
की
साजिश
पर
बातचीत
हो
रही
है।
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में
बड़ा
हादसा,
जर्जर
दीवार
गिरने
से
तीन
मजदूर
दबे,
दो
को
निकाला,
रेस्क्यू
जारी
पहले
ऑडियो
में
क्या
बातचीत
हुई?
मयूर
दुबे,
थाना
प्रभारी
ओमेश्वर
ठाकरे
से
कह
रहा
है
कि
गो-तस्करों
को
चार-पांच
अलग-अलग
मोबाइल
नंबरों
से
पैसे
भेजने
होंगे।
वह
व्हाट्सऐप
पर
मैसेज
भेजने
और
कुछ
लोगों
को
पीटने
की
योजना
बना
रहा
है।
बातचीत
के
दौरान
मयूर
दुबे
किसी
बड्डा
बघेल
नामक
व्यक्ति
को
टीआई
से
बात
कराता
है।
दूसरे
ऑडियो
में
क्या
बातचीत
हुई?
थाना
प्रभारी
ओमेश्वर
ठाकरे,
मयूर
दुबे
को
बता
रहा
है
कि
उसने
विश्व
हिंदू
परिषद
और
अन्य
हिंदू
संगठनों
के
नेताओं
की
कथित
गलत
गतिविधियों
की
रिपोर्ट
तैयार
की
है।
वह
कहता
है
कि
यह
रिपोर्ट
भाजपा
और
संघ
के
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
भी
भेज
दी
गई
है।
ऑडियो
में
मयूर
दुबे,
टीआई
को
धमकाने
वाले
अंदाज
में
बात
करता
सुनाई
दे
रहा
है।
ऑडियो
लीक
होते
ही
प्रशासन
ने
सख्त
कार्रवाई
करते
हुए
थाना
प्रभारी
ओमेश्वर
ठाकरे
को
निलंबित
कर
दिया।
सिवनी
में
गो-तस्करी
क्यों
है
बड़ी
समस्या?
सिवनी
जिला
महाराष्ट्र
की
सीमा
से
सटा
हुआ
है
और
गो-तस्करी
के
लिए
ट्रांजिट
पॉइंट
माना
जाता
है।
यहां
से
70%
मामलों
में
गोवंशीय
पशु
उत्तर
प्रदेश
और
राजस्थान
से
नागपुर
और
हैदराबाद
ले
जाए
जाते
हैं।
यही
वजह
है
कि
जिले
में
गो-तस्करी
के
मामले
लगातार
सामने
आते
रहते
हैं।
पिछले
कुछ
वर्षों
में
हिंदू
संगठनों
और
पुलिस
प्रशासन
के
बीच
गो-तस्करी
को
लेकर
विवाद
गहराते
गए
हैं।
अब
इस
ऑडियो
क्लिप
के
लीक
होने
के
बाद
यह
स्पष्ट
हो
रहा
है
कि
कुछ
प्रभावशाली
लोग
गो-तस्करी
के
मामलों
में
पुलिस
और
संगठनों
को
आपस
में
भिड़ाने
की
साजिश
रच
रहे
थे।
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में
एसपी
ऑफिस
चौक
पर
तीन
युवकों
पर
जानलेवा
हमला,
मारपीट
का
वीडियो
वायरल
मारपीट
के
मामले
में
जेल
में
बंद
मयूर
दुबे
ऑडियो
वायरल
होने
के
बाद
यह
भी
सामने
आया
कि
भाजयुमो
नेता
मयूर
दुबे
पहले
से
ही
मारपीट
के
एक
मामले
में
जेल
में
बंद
है।
17
मार्च
को
सिवनी
के
गणेश
चौक
के
पास
मयूर
दुबे
और
उसके
साथियों
ने
सूरज
जंघेला
नामक
युवक
पर
हमला
कर
दिया।
पुलिस
ने
इस
मामले
में
मयूर
दुबे,
जितेंद्र
बघेल,
मयंक
दुबे
और
अतुल
रैकवार
को
हिरासत
में
लिया।
जांच
में
सामने
आया
कि
मयूर
दुबे
पर
हत्या,
हत्या
के
प्रयास,
बलवा,
मारपीट
और
शांति
भंग
जैसे
छह
गंभीर
अपराध
दर्ज
हैं।
थाना
कोतवाली
सिवनी
की
गुंडा
बदमाश
सूची
में
भी
उसका
नाम
शामिल
है।
मारपीट
के
इस
मामले
के
बाद
भाजयुमो
ने
उसे
संगठन
से
निष्कासित
कर
दिया।
इस
मामले
पर
प्रशासन
और
राजनीतिक
दलों
की
प्रतिक्रिया
हाई-प्रोफाइल
मामले
के
उजागर
होने
के
बाद
पुलिस
प्रशासन
और
राजनीतिक
दलों
में
हलचल
मच
गई
है।
हिंदू
संगठनों
ने
इस
मामले
की
निष्पक्ष
जांच
की
मांग
की
है।
प्रशासन
ने
संकेत
दिए
हैं
कि
इस
मामले
से
जुड़े
अन्य
लोगों
पर
भी
कार्रवाई
हो
सकती
है।
अब
आगे
क्या?
पुलिस
इस
पूरे
मामले
की
जांच
कर
रही
है
और
ऑडियो
की
सत्यता
की
पुष्टि
की
जा
रही
है।
इस
केस
में
किसी
और
अधिकारी
या
नेता
की
भूमिका
थी
या
नहीं,
इसकी
भी
जांच
की
जाएगी।
प्रशासन
इस
बात
पर
भी
गौर
कर
रहा
है
कि
क्या
यह
एक
सुनियोजित
षड्यंत्र
था?
अब
इस
मामले
में
आगे
की
कार्रवाई
पर
सभी
की
नजरें
टिकी
हुई
हैं।