Shivpuri News: गैंगमैनों के नाम पर आई करोड़ों की राशि दूसरे खातों में कर दी ट्रांसफर, PWD के 15 लोगों पर FIR

शिवपुरी
जिले
में
एक
और
बड़ा
घोटाला
सामने
आया
है।
पीडब्ल्यूडी
संभाग-1
में
गैंगमैनों
के
नाम
पर
प्राप्त
सरकारी
राशि
को
हेराफेरी
कर
अन्य
खातों
में
ट्रांसफर
कर
दिया
गया।
इस
घोटाले
की
कुल
रकम
सात
करोड़
रुपये
आंकी
गई
है।
आयुक्त
कोष
एवं
लेखा,
मध्यप्रदेश
भोपाल
द्वारा
इस
घोटाले
का
पर्दाफाश
किया
गया,
जिसके
बाद
शिवपुरी
कलेक्टर
के
आदेश
पर
कोतवाली
थाने
में
15
लोगों
के
खिलाफ
एफआईआर
दर्ज
की
गई
है।


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घोटाले
का
खुलासा
और
प्रारंभिक
जांच

आयुक्त
कोष
एवं
लेखा,
मध्यप्रदेश
भोपाल
को
वित्तीय
अनियमितताओं
की
सूचना
मिली
थी।
इसके
आधार
पर
जांच
के
दौरान
पाया
गया
कि
पीडब्ल्यूडी
संभाग-1
में
गैंगमैनों
के
नाम
पर
आई
राशि
को
अधिकारियों
और
कर्मचारियों
ने
मिलकर
अन्य
खातों
में
ट्रांसफर
कर
दिया।
इस
पर
आयुक्त
ने
शिवपुरी
कलेक्टर
को
पत्र
लिखकर
जांच
के
आदेश
दिए।
कलेक्टर
रविंद्र
कुमार
चौधरी
ने
डिप्टी
कलेक्टर
से
मामले
की
जांच
करवाई,
जिसके
बाद
पूरा
रिकॉर्ड
जब्त
कर
जांच
प्रतिवेदन
तैयार
किया
गया।


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पढ़ें- लक्ष्मीदास
90
लाख
गबन
मामला,
हाईकोर्ट
सख्त,
कहा-
बिना
राशि
जमा
कराए
आरोपी
को
जमानत
नहीं


एफआईआर
दर्ज,
कौन-कौन
आरोपी?

जांच
के
बाद
कोतवाली
थाने
में
15
लोगों
पर
एफआईआर
दर्ज
की
गई।
इसमें
पांच
तत्कालीन
कार्यपालन
यंत्री,
तीन
संभागीय
लेखा
अधिकारी,
दो
सहायक
ग्रेड-3
कर्मचारी
और
पांच
आउटसोर्स
कर्मचारी
शामिल
हैं।
मामले
में सेवानिवृत्त
कार्यपालन
यंत्री
ओमहरि
शर्मा,
जीबी
मिश्रा,
बीएस
गुर्जर,
हरिओम
अग्रवाल, वर्तमान
कार्यपालन
यंत्री
धर्मेंद्र
सिंह
यादव,
संभागीय
लेखा
अधिकारी
एचके
मीना,
संजय
शर्मा,
वैभव
गुप्ता,
सहायक
ग्रेड-3
दयाराम
शिवहरे,
प्रेमनारायण
नामदेव,
आउटसोर्स
कर्मचारी
गौरव
श्रीवास्तव,
सौरभ
श्रीवास्तव,
शाहरुख
खान,
नसीम
खान,
धूलजी,
सरिता
देवी
को
आरोपी
बनाया
गया
है।
इन
पर
आरोप
है
कि
सरकारी
राशि
को
अनधिकृत
रूप
से
अन्य
खातों
में
ट्रांसफर
करना,
आहरण
अधिकारी
के
लॉगिन
पासवर्ड
का
दुरुपयोग।
कपटपूर्ण
भुगतान
में
संलिप्तता।
सरकारी
दायित्वों
का
पालन

करना
जैसे
आरोप
लगे
हैं।

ये
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पढ़ें- ‘यहां
चार
घंटे
से
तमाशा
चल
रहा
है’,
हाईकोर्ट
जस्टिस
के
सामने
अधिवक्ता
ने
दिखाया
गुस्सा,
जानें
मामला


कैसे
हुआ
हेरफेर?

आरोपी
गौरव
श्रीवास्तव
ने
आहरण
अधिकारी
के
लॉगिन
का
उपयोग
कर
5,38,35,808
रुपये
अपने
और
अन्य
खातों
में
ट्रांसफर
कर
लिए।
अन्य
आरोपियों
ने
भी
अपने
खातों
में
राशि
स्थानांतरित
कर
उसका
उपयोग
किया।
शिवपुरी
पुलिस
इस
मामले
में
विस्तृत
जांच
कर
रही
है।
सभी
आरोपियों
के
बैंक
खातों
और
संपत्तियों
की
जांच
की
जा
रही
है।
प्रशासन
का
कहना
है
कि
दोषियों
पर
सख्त
कार्रवाई
की
जाएगी
और
सरकारी
राशि
की
वसूली
सुनिश्चित
की
जाएगी।