
दमोह
जिले
के
पथरिया
नगर
में
रहने
वाले
एक
अंडा
विक्रेता
के
नाम
दिल्ली
में
फर्जी
कंपनी
खुलने
का
मामला
सामने
आया
है। इस
कंपनी
ने
वहां
करोड़ों
का
कारोबार
किया।
इसके
बाद
आयकर
विभाग
ने
पथरिया
के
युवक
के
6
करोड़
रुपए
जीएसटी
बकाया
का
नोटिस
भेजा
तो
उसके
होश
उड़
गए।
21
मार्च
को
उसने
आयकर
अधिवक्ता
से
मिलकर
नोटिस
के
बारे
में
जानकारी
दी।
मिले
नोटिस
के
अनुसार,
वर्ष
2022
में
दिल्ली
के
स्टेट
जॉन
3
वार्ड
33
में
प्रिंस
इंटरप्राइजेज
नाम
से
एक
फर्म
शुरू
की
गई।
इस
कंपनी
ने
2022-23
से
2024
तक
लगभग
50
करोड़
रुपए
का
कारोबार
किया।
कंपनी
ने
चमड़ा,
लकड़ी
और
आयरन
का
व्यापार
किया,
लेकिन
जीएसटी
का
भुगतान
नहीं
किया।
अब
कंपनी
पर
करीब
6
करोड़
रुपए
का
जीएसटी
बकाया
है।
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द्वारा
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दी
सफाई
पथरिया
नगर
के
वार्ड
क्रमांक
14
निवासी
प्रिंस
सुमन,
जिसके
नाम
पर
यह
कंपनी
चलाई
गई,
वह
अंडे
का
ठेला
लगाकर
अपना
गुजारा
करता
है।
प्रिंस
का
कहना
है
कि
वह
कभी
दिल्ली
गया
ही
नहीं
2023
में
वह
इंदौर
में
मजदूरी
करने
गया
था,
लेकिन
उसने
किसी
को
अपना
पैन
कार्ड
या
आधार
कार्ड
नहीं
दिया।
आयकर
विभाग
ने
प्रिंस
से
बैंक
स्टेटमेंट
और
अन्य
दस्तावेज
मांगे
हैं।
नोटिस
मिलने
के
बाद
पूरा
परिवार
भयभीत
है।
प्रिंस
के
पिता
श्रीधर
सुमन
एक
छोटी
किराना
दुकान
चलाते
हैं।
उन्होंने
इस
मामले
की
जांच
के
लिए
एसपी
को
आवेदन
दिया
है।
उन्होंने
कहा
कि
यदि
न्याय
नहीं
मिला
तो
परिवार
के
पास
आत्महत्या
के
अलावा
कोई
विकल्प
नहीं
बचेगा। अधिवक्ता
अभिलाष
खरे
ने
बताया
कि
जानकारी
मिलने
के
बाद
हमने
आयकर
विभाग
को
भी
पत्राचार
किया
है।
पुलिस
में
भी
शिकायत
की
है
ताकि
युवक
के
खिलाफ
रचे
गए
षड्यंत्र
का
खुलासा
हो
सके।
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थी
गोली
इंदौर
में
की
थी
एक
साल
मजदूरी
पीड़ित
प्रिंस
ने
बताया
कि
वह
2023
में
मजदूरी
करने
के
लिए
इंदौर
गया
था।
वहां
उसने
करीब
एक
साल
मजदूरी
की,
लेकिन
अपना
पैन
कार्ड
और
आधार
कार्ड
किसी
को
नहीं
दिया।
अभी
वह
पथरिया
नगर
में
अंडे
का
ठेला
लगाकर
अपने
परिवार
का
गुजारा
कर
रहा
है।
प्रिंस
ने
बताया
उसने
कभी
सपने
में
भी
इतनी
बड़ी
रकम
नहीं
देखी
और
जब
उसे
6
करोड़
का
नोटिस
मिला
तो
उसके
तो
होश
उड़
गए
कि आखिर
उसके
नाम
इतनी
बड़ी
कंपनी
कैसे
खुल
गई।
वह
चाहता
है
पुलिस
जल्द
ही
इस
मामले
में
आरोपी
को
गिरफ्तार
करे।