Guna News: गुना में मरीजों की जगह खरबूजे लेकर पहुंची एम्बुलेंस, लोगों ने वीडियो बनाया तो ड्राइवर मौके से फरार


गुना
में
मरीजों
की
जगह
खरबूजे
लेकर
पहुंची
एम्बुलेंस…
ये
सुनकर
आप
भी
हैरान
होंगे
कि
आखिर
ऐसा
कैसे
संभव
है।
ये
मध्य
प्रदेश
के
गुना
जो
एक
बार
फिर
से
सुर्खियों
में
है,
लेकिन
इस
बार
सरकारी
संसाधनों
के
बेतहाशा
दुरुपयोग
और
प्रशासनिक
लापरवाही
देखने
को
मिल
रही
है।


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बता
दें
कि
गुना
में
उत्तर
प्रदेश
की
सरकारी
एंबुलेंस
को
मरीजों
के
इलाज
के
लिए
नहीं,
बल्कि
खरबूजे
ढोने
के
लिए
इस्तेमाल
किया
गया।
सबसे
चौंकाने
वाली
बात
यह
है
कि
इस
एंबुलेंस
पर
कोई
नंबर
प्लेट
नहीं
थी,
उत्तर
प्रदेश
गवर्नमेंट
सॉफ
तौर
पर
एंबुलेंस
पर
लिखा
हुआ
है।
यानी
कि
यह
उत्तर
प्रदेश
से
चलकर
गुना
पहुंची
है।
इसे
पहचान
छिपाने
के
लिए
पीले
रंग
के
तिरपाल
से
भी
इस
दौरान
ढंकने
की
कोशिश
यहां
की
गई।


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जरिया

जब
स्थानीय
लोगों
ने
इस
नजारे
को
देखा
तो
वे
भी
हैरान
रह
गए।
दांतों
तले
उंगलियां
दबा
ली।
गुना
पुलिस
ने
भी
शायद
एंबुलेंस
समझकर
कोई
कार्रवाई
नहीं
की।
यहां
पुलिस
की
कार्रवाई
पर
वही
सवाल
खड़े
हो
जाते
हैं
कि
बिना
नंबर
प्लेट
के
एम्बुलेंस
आखिर
गुना
की
सड़कों
पर
क्यों
दौड़
रही
है।
सड़कों
पर
दौड़ती
इस
एंबुलेंस
को
देखकर
पहले
तो
लोगों
को
लगा
कि
कोई
गंभीर
मरीज
अस्पताल
ले
जाया
जा
रहा
होगा,
लेकिन
जब
यह
एंबुलेंस
सीधे
सब्जी
मंडी
आढ़त
पहुंची,
तो
लोग
चौंक
गए।
वहां
पहले
से
मौजूद
व्यापारी
और
ग्राहक
भी
उस
वक्त
अवाक
रह
गए,
जब
उन्होंने
देखा
कि
मरीजों
की
जगह
एंबुलेंस
से
खरबूजे
उतारे
जा
रहे
हैं
और
मंडी
में
मोल
भाव
कर
बेचे
जा
रहे
हैं।
इस
दौरान
कई
लोगों
ने
इस
पूरे
मामले
का
वीडियो
भी
बना
लिया
और
वीडियो
वायरल
होते
ही
मामला
गरमाने
लगा
और
मामले
की
पोल
खुल
गई।
अब
जरा
इस
पूरे
घटनाक्रम
को
देखिए
जिसने
एक
नहीं
कई
बड़े
सवाल
खड़े
कर
दिए
हैं।
कि
क्या
सरकारी
संसाधनों
का
इतना
बड़ा
दुरुपयोग
बिना
किसी
प्रशासनिक
मिलीभगत
के
संभव
हो
सकता
है?
आपको
बता
दें
गुना
में
यह
पहली
बार
नहीं
हुआ
है
जब
सरकारी
सेवाओं
का
गलत
इस्तेमाल
किया
गया
हो।
कुछ
दिन
पहले
ही
एक
मासूम
की
मौत
इसलिए
हो
गई
थी
क्योंकि
उसे
समय
पर
एंबुलेंस
नहीं
मिली
थी।
तब
भी
प्रशासन
चुप्पी
साधे
रहा
था।
दूसरी
बार
जब
एंबुलेंस
में
ऑक्सीजन
सिलेंडर
खत्म
हो
जाने
के
बाद
मासूम
नाबालिक
ने
दम
तोड़
दिया
था।
मामला
गरमाया
था।
परिजनों
ने
शिकायत
की
थी।

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करेंगे

एंबुलेंस
से
जुड़ा
अब
यह
तीसरा
मामला
सामने
आया
है।
जब
एंबुलेंस
को
व्यावसायिक
रूप
से
इस्तेमाल
किया
गया
है,
कई
नियम
तोड़े
लेकिन
कोई
सख्त
कार्रवाई
नहीं
की
गई।
गुना
में
पुलिस
और
प्रशासन
ने
अब
तक
इस
मामले
में
कोई
कार्रवाई
नहीं
की
है। 
सवाल
कई
हैं
जिनके
जवाब
किसी
के
पास
नहीं
है।
अगर
यह
एंबुलेंस
यूपी
से
आई
थी,
तो
उसे
मध्य
प्रदेश
में
प्रवेश
कैसे
मिल
गया?
क्या
किसी
चेकपोस्ट
पर
इसकी
जांच
नहीं
हुई?
बिना
नंबर
प्लेट
वाली
एंबुलेंस
को
शहर
में
घूमने
की
इजाजत
किसने
दी?
इन
सवालों
के
जवाब
प्रशासन
जबाब
देने
के
लिए
तैयार
नहीं
है।