Damoh News: पहली बार लगा पुस्तक मेला, अभिभावक खुश होकर बोले- हमारा दर्द किसी ने समझा

दमोह
शहर
के
एमएलबी
स्कूल
में
गुरुवार
से
पुस्तक,
गणेश
और स्टेशनरी
मेला
आयोजित
किया
गया।
जहां
कम
दाम
पर
अभिभावकों
को
पुस्तकें
मिल
रही
हैं।
सभी
पुस्तकें
एनसीईआरटी
की
हैं,
जिससे
इनका
दाम
बहुत
कम
है।
उन्होंने
खुश
होकर
कहा,
हमारा
दर्द
किसी
ने
समझा।
यह
पुस्तक
मेला
27
से
31
मार्च
तक
रोजाना
शाम
को
चार बजे
से
लेकर
के
रात
को
10
बजे
तक
चलेगा।
सैकड़ों
की
संख्या
में
अभिभावक
अपने
बच्चों
को
लेकर
पहुंचे।

दीपक
पाराशर
ने
कहा
कि
पुस्तक
मेले
से
किताबें
खरीदी
है,
किताबें
खरीदने
में
करीब
सात
हजार
रुपये का
फायदा
हुआ
है।
पिछले
साल
गुरुनानक
स्कूल
की
किताबें
करीब
8000
रुपये में
खरीदी
थी,
इस
बार
1200
रुपये की आई
हैं।
प्रतीक
पांडे
ने
कहा,
भतीजे
के
लिए
किताबें
खरीदी
हैं।
पहले
2
हजार
से
4
हजार
लगते
थे
अब
सिर्फ
250
रुपये में
काम
हो
गया
है।
छात्रा
दीप्ति
पटेल
ने
कहा,
1090
की
किताबें
खरीदी
हैं।
पहले
किताब
में
बहुत
ज्यादा
पैसों
में
मिलती
थी,
आज
यहां
से
किताबें
लेने
में
फायदा
है।


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होना
है
जरूरी,
31
मार्च
को
बंद
हो
जाएगा
पोर्टल

कलेक्टर
सुधीर
कोचर
ने
कहा,
सारे
पुस्तक
विक्रेताओं
को
यहां
अपनी
तरफ
से
आमंत्रण
दिया
है।
सभी
के
लिए
पर्याप्त
व्यवस्था
भी
है।
सभी
पुस्तक
विक्रेता,
सभी
स्टेशनरी
विक्रेता
यहां
पर
आएंगे,
जो
लोग
अपनी
सहमति
दे
रहे
हैं,
वे
सब

रहे
हैं।
किसी
प्रकार
की
एकाधिकार
की
कोई
उम्मीद
नहीं
लगती
है।


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उन्होंने कहा
कि
हम
एक
बार
और
पुस्तक
मेला
आगे
लगाएंगे तो
किसी
को
ऐसी
चिंता
करने
की
जरूरत
नहीं
है।
स्कूलों
को
भी
सख्त
निर्देश
दिए
हैं
कि
कोई
भी
स्कूल
किसी
भी
तरीके
से
बच्चों
को
बाध्य
नहीं
कर
सकता
कि चार
दिन
में
किताब
लाओ।
जब
किताबें
उपलब्ध
होंगी,
तभी
बच्चों
को
मिलेंगी
और
बच्चे
लेकर
आएंगे।
हम
इस
पर
लगातार
पूरी
नजर
रखेंगे।
कोशिश
करेंगे
कि अभिभावकों
को
बिल्कुल
भी
असुविधा
न हो।