
मैहर
में
माता
रानी
का
एक
ऐसा
मंदिर
है,
जहां
हर
रोज
चमत्कार
दिखाई
देता
है।
मंदिर
खुलने
से
पहले
ही
माता
रानी
की
आरती
हो
जाती
है,
पुजारी
के
पट
खोलने
पर
अद्भुत
दृश्य
दिखाई
पड़ता
है।
आइए
आपको
ले
चलते
हैं
मैहर,
जहां
स्थित
है
मां
शारदा
का
रहस्यमयी
मंदिर।
में
माता
रानी
का
एक
ऐसा
मंदिर
है,
जहां
हर
रोज
चमत्कार
दिखाई
देता
है।
मंदिर
खुलने
से
पहले
ही
माता
रानी
की
आरती
हो
जाती
है,
पुजारी
के
पट
खोलने
पर
अद्भुत
दृश्य
दिखाई
पड़ता
है।
आइए
आपको
ले
चलते
हैं
मैहर,
जहां
स्थित
है
मां
शारदा
का
रहस्यमयी
मंदिर।
एमपी
के
नवगठित
जिला
मैहर
में
स्थित
शारदा
मां
का
यह
मंदिर
चमत्कारों
से
भरा
हुआ
है।
इस
मंदिर
में
दूर-दूर
से
भक्त
माता
शारदा
के
दर्शन
करने
आते
हैं।
इस
मंदिर
के
चमत्कारों
के
चर्चा
हर
तरफ
रहती
है।
के
नवगठित
जिला
मैहर
में
स्थित
शारदा
मां
का
यह
मंदिर
चमत्कारों
से
भरा
हुआ
है।
इस
मंदिर
में
दूर-दूर
से
भक्त
माता
शारदा
के
दर्शन
करने
आते
हैं।
इस
मंदिर
के
चमत्कारों
के
चर्चा
हर
तरफ
रहती
है।
मैहर
में
त्रिकूट
पर्वत
पर
600
फीट
की
ऊंचाई
पर
बना
ये
मंदिर
काफी
भव्य
है।
माता
शारदा
के
मंदिर
तक
पहुंचने
के
लिए
भक्तों
को
1065
सीढ़ियां
चढ़कर
जाना
पड़ता
है।
में
त्रिकूट
पर्वत
पर
600
फीट
की
ऊंचाई
पर
बना
ये
मंदिर
काफी
भव्य
है।
माता
शारदा
के
मंदिर
तक
पहुंचने
के
लिए
भक्तों
को
1065
सीढ़ियां
चढ़कर
जाना
पड़ता
है।
मान्यता
है
कि
जब
शिव
जी
के
हाथ
में
सती
माता
का
शव
का
था,
तो
विष्णु
भगवान
ने
अपने
सुदर्शन
चक्र
से
सती
माता
के
शरीर
के
कई
हिस्से
कर
दिए
थे।
माता
सती
के
अंग
के
हिस्से
कई
स्थानों
पर
गिरे,
जो
बाद
में
शक्तिपीठ
बने।
मैहर
में
माता
सती
का
हार
गिरने
के
कारण
इस
जगह
का
नाम
मैहर
पड़ा
है।
है
कि
जब
शिव
जी
के
हाथ
में
सती
माता
का
शव
का
था,
तो
विष्णु
भगवान
ने
अपने
सुदर्शन
चक्र
से
सती
माता
के
शरीर
के
कई
हिस्से
कर
दिए
थे।
माता
सती
के
अंग
के
हिस्से
कई
स्थानों
पर
गिरे,
जो
बाद
में
शक्तिपीठ
बने।
मैहर
में
माता
सती
का
हार
गिरने
के
कारण
इस
जगह
का
नाम
मैहर
पड़ा
है।