
दमोह
जिले
के
तेंदूखेड़ा
कृषि
उपज
मंडी
में
कई
लाइसेंसधारी
व्यापारी
हैं।
इसके
बावजूद
यहां
पर
डाक
अनाज
की
नीलामी
नहीं
हो
रही
थी।
जिससे
किसान
के
साथ
व्यापारी
भी
परेशान
थे।
एसडीएम
सौरव
गंधर्व
को
मामले
की
जानकारी
लगी
तो
उन्होंने
शुक्रवार
दोपहर
मंडी
पहुंचकर
व्यापारियों
की
बात
सुनकर
समाधान
निकाला।
दो
अप्रैल
से
अब
मंडी
में
अनाज
की
बोली
लगेगी।
बता
दें
तेंदुखेड़ा
नगर
में
20
लाइसेंसधारी
व्यापारी
हैं,
लेकिन
कृषि
उपजमंडी
में
डाक
न
होने
के
कारण
कई
व्यापारियों
के
पास
किसान
की
उपज
नहीं
पहुंच
पाती
थी।
उसके
बाद
एसडीएम
ने
व्यापारियों
के
साथ
बैठक
ली।
इस
दौरान
व्यापारी,
मंडी
कर्मचारी
और
मंडी
सचिव
मौजूद
रहे।
तेंदुखेड़ा
एसडीएम
सौरभ
गंधर्व
ने
बैठक
में
व्यापारियों
से
उनकी
समस्याएं
सुनी
और
निर्देश
दिए
कि
अब
किसान
की
उपज
को
कोई
भी
व्यापारी
दुकानों
में
खरीदी
नहीं
करेंगे।
किसान
की
उपज
पहले
मंडी
में
आयेगी
उसके
बाद
बोली
लगेगी
और
उस
उपज
को
व्यापारी
खरीदेंगे।
उन्होंने
निर्देश
दिये
कि
कोई
भी
व्यापारी
नियमों
का
उल्लंघन
न
करे
और
यदि
कोई
अवैध
रूप
से
अनाज
की
खरीद
करता
है
तो
उसकी
जानकारी
मुझे
दे
कार्रवाई
की
जाएगी।
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वजह
दोनों
को
होगा
फायदा
बैठक
के
दौरान
एसडीएम
ने
कहा
डाक
होने
से
पूरी
खरीदी
होगी।
इससे
किसानों
को
उसकी
उपज
का
सही
दाम
मिलेगा
और
व्यापारियों
को
लाभ
होगा,
क्योंकि
बोली
के
दौरान
सभी
व्यापारी
मौजूद
रहेंगे।
किसी
के
साथ
भेदभाव
नहीं
होगा।
ऐसे
लोगों
पर
कड़ी
कार्रवाई
की
जाएगी,
जिनके
पास
खरीदी
का
लाइसेंस
नहीं
है
और
वह
खरीदी
कर
रहा
है।
मंडी
कर्मचारियों
को
भी
एसडीएम
ने
निर्देश
दिये
कि
वह
इस
बात
पर
विशेष
ध्यान
दें
कि
उपज
कहीं
दूसरे
जिले
से
तो
नहीं
आ
रही।
यदि
ऐसा
करते
कोई
मिलता
है
तो
उस
पर
कार्रवाई
की
जाएगी।
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1
अप्रैल
को
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बारिश
का
अलर्ट
मिलेगी
सभी
सुविधाएं
बैठक
के
बाद
एसडीएम
सौरभ
गंधर्व
ने
तेंदुखेड़ा
तहसीलदार
विवेक
व्यास,
मंडी
सचिव
महिलापाल
सिंह
के
साथ
मंडी
परिसर
का
भ्रमण
किया
और
व्यवस्थाओं
का
जायजा
लिया।
व्यापारियों
द्वारा
साफ
सफाई,
बैठक
व्यवस्था
और
कैंटीन
संबंधी
बातें
रखीं।
एसडीएम
ने
एक
सप्ताह
के
अंदर
शुरू
कराने
का
आश्वासन
दिया।
मंडी
परिषर
के
उस
सेट
का
भी
निरीक्षण
किया,
जहां
किसानों
की
लाई
गई
उपज
की
बोली
लगेगी।
किसानों
में
दिखा
उत्साह
तेंदुखेड़ा
कृषि
मंडी
खुले
दस
साल
से
अधिक
हो
गया,
लेकिन
यहां
नियमित
डाक
नहीं
होती
थी।
किसान
भी
परेशान
थे,
क्योंकि
उनको
उपज
का
सही
दाम
नहीं
मिल
पाता
था
और
कई
व्यापारी
ऐसे
थे,
जिनके
पास
लाइसेंस
तो
था
मगर
किसान
उनकी
दुकानों
तक
नहीं
पहुंच
पाते
थे।
अब
दो
अप्रैल
से
शुरू
हो
रही
अनाज
नीलामी
सुविधा
के
बाद
किसानों
में
उत्साह
देखने
मिल
रहा
है।