
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
में
एक
जनहित
याचिका
के
जरिए
आरोप
लगाया
गया
है
कि
सौ
साल
पुरानी
नूर
मस्जिद
पर
नमाज
अदा
करने
से
उन्हें
कर्नल
द्वारा
रोका
गया
है।
जबकि
दावा
किया
गया
कि
उक्त
स्थान
के
आसपास
के
चर्च
और
मंदिरों
में
लोगों
को
जाने
से
नहीं
रोका
जाता।
मामले
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
चीफ
जस्टिस
सुरेश
कुमार
कैत
व
जस्टिस
विवेक
जैन
की
युगलपीठ
ने
सचिव
रक्षा
मंत्रालय,
कैंटोनमेंट
बोर्ड,
चीफ
ऑफ
आर्मी
स्टॉफ,
आर्मी
हेड
क्वॉर्टर,
जनरल
आफिसर
कमांडिंग
मध्य
एरिया,
कमांडिंग
ऑफिसर
डिफेंस
स्टेट
सहित
अन्य
को
नोटिस
जारी
कर
दो
सप्ताह
में
जवाब
पेश
करने
के
निर्देश
दिए हैं।
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यह
जनहित
का
मामला
जबलपुर
निवासी
माजिद
नूर
की
ओर
से
दायर
किया
गया
है,
जिनकी
ओर
से
अधिवक्ता
सौरभ
सुंदर
ने
पक्ष
रखा,
जिनकी
ओर
से
बताया
गया
कि
कंट्रोलर
डिफेंस
अकाउंट्स
(सीडीए)
जो
कि
रिज
रोड
से
सीएमएम
की
ओर
जाने
वाले
मार्ग
के
पीछे
की
ओर
बी-3
लैंड
पर
वर्ष
1918
से
नूर
मस्जिद
स्थित
है।
जहां
लोगों
वर्षो
से
नमाज
अदा
करने
जाते
है।
विज्ञापन
यह
भी
पढ़ें: कोतमा
में
एसडीएम
और
सीएमएचओ
की
उपस्थिति
में
क्लीनिक
सील,
जानें
पूरा
मामला
आरोप
है
कि
स्टेशन
कमांडर
कर्नल
जांगू
ने
हाल
में
लोगों
को
वहां
नमाज
अदा
करने
से
रोक
दिया
है,
जो
कि
अनुचित
है।
इतना
ही
नहीं
आवेदक
की
ओर
से
कहा
गया
कि
इस
संबंध
में
आवेदन
भी
दिया
गया,
जिसे
लेने
से
उन्होंने
इंकार
कर
दिया।
दलील
दी
गई
कि
आसपास
स्थित
चर्च
व
अन्य
धार्मिक
स्थलों
में
लोगों
को
जाने
से
नहीं
रोका
गया
है।
मामले
की
प्रारंभिक
सुनवाई
दौरान
आरोपों
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
न्यायालय
ने
अनावेदकों
को
शपथ
पत्र
पर
दो
सप्ताह
में
जवाब
पेश
करने
के
निर्देश
दिये
है।