पानीपत के बाद अब यमुनानगर…स्कूल में उगी थी अफीम की फसल, 100 से ज्यादा पौधे बरामद

पानीपत के बाद अब यमुनानगर…स्कूल में उगी थी अफीम की फसल, 100 से ज्यादा पौधे बरामद
पानीपत के बाद अब यमुनानगर...स्कूल में उगी थी अफीम की फसल, 100 से ज्यादा पौधे बरामद


पुलिस
ने
कब्जे
में
लिए
अफीम
के
पौधे.

हरियाणा
के
यमुनानगर
स्थित
एक
स्कूल
से
अफीम
के
पौधे
मिलने
का
मामला
सामने
आया
है.
एक
दो
नहीं,
बल्कि
स्कूल
में
अफीम
के
100
से
ज्यादा
पौधे
उगे
थे.
यही
नहीं,
माली
रोज
इन
पौधों
को
पानी
भी
दे
रहा
था.
मामला
पुलिस
प्रशासन
तक
पहुंचा
तो
एक
टीम
स्कूल
जा
पहुंची.
वहां
से
पौधों
को
कब्जे
में
ले
लिया
गया.
फिलहाल
इस
मामले
में
जांच
की
जा
रही
है
कि
आखिर
ये
पौधे
कैसे
उगे
या
किसने
इन्हें
उगाया.
वहीं,
स्कूल
प्रबंधन
का
कहना
है
कि
ये
पौधे
अपने
आप
उगे
हैं.

इसका
पता
भी
तब
लगा
जब
स्कूल
में
बच्चों
को
दाखिला
दिलाने
के
लिए
यहां
अभिभावक
पहुंचे.
इसी
दौरान
किसी
ने
अफीम
के
पौधों
की
पहचान
करे
पुलिस
को
सूचना
दे
दी.
स्कूल
में
पौधे
उगाए
जाने
से
पुलिस
में
भी
हड़कंप
मच
गया.
पुलिस
जब
स्कूल
पहुंची,
तब
तक
पौधे
उखाड़
लिए
गए
थे.
पुलिस
ने
सभी
पौधों
को
कब्जे
में
ले
लिया
है.
स्कूल
प्रिंसिपल
को
जब
फोन
किया
गया
तो
उन्होंने
कॉल
नहीं
उठाई.
पुलिस
ने
बताया
कि
इस
बारे
में
स्कूल
मैनेजमेंट
से
जब
बात
की
गई
तो
उन्होंने
कहा
कि
इस
बारे
में
उन्हें
बिल्कुल
भी
नहीं
पता.


पानीपत
के
स्कूल
में
भी
मिले
अफीम
के
पौधे

ये
भी
पढ़ें

बता
दें,
इससे
एक
दिन
पहले
पानीपत
से
भी
ऐसा
ही
मामला
सामने
आया
था.
शुक्रवार
को
पानीपत
के
रिफाइनरी
क्षेत्र
में
पुलिस
को
एक
निजी
स्कूल
में
अफीम
के
पौधे
मिले
थे.
ड्यूटी
मजिस्ट्रेट
की
अध्यक्षता
में
पूरी
कार्रवाई
की
गई.
सभी
पौधों
को
अपने
कब्जे
में
लेकर
उनका
वजन
करवाया
गया
जो
102
ग्राम
मिला.
पुलिस
ने
स्कूल
प्रबंधन
के
खिलाफ
एनडीपीएस
के
तहत
केस
दर्ज
किया.


क्या
है
अफीम?

बता
दें,
अफीम
के
पौधे
को
नशे
की
सामग्री
बनाने
के
लिए
इस्तेमाल
किया
जाता
है.
दुनिया
में
सबसे
अधिक
अफीम
का
उत्पादन
अफगानिस्तान
में
होता
है,
जहां
से
विश्व
भर
में
उसे
एक्सपोर्ट
किया
जाता
है.
अगर
भारत
की
बात
करें
तो
यहां
पर
अफीम
की
खेती
बड़ी
मात्रा
में
नहीं
की
जाती
है.
इसकी
खेती
करने
के
लिए
सरकार
से
एक
अलग
लाइसेंस
लेना
पड़ता
है
और
सरकार
लाइसेंस
को
कुछ
ही
राज्यों
के
किसानों
को
जारी
करती
है.


अफीम
कितने
की
बिकती
है?

इसके
बीजों
से
मार्फिन,
लेटेक्स,
कोडीन
और
पनैनथ्रिन
जैसे
शक्तिशाली
एल्कालोड्स
बनाया
जाता
है.
हेरोइन
को
भी
इसी
का
सोर्स
माना
जाता
है.
जहां
तक
रही
बात
इसके
कीमत
की
तो
वह
फसल
की
क्वालिटी
के
आधार
पर
तय
होती
है.
अमूमन
यह
8,000
से
1,00,000
प्रति
किलो
की
रेट
पर
मार्केट
में
बिकता
है.
आपको
जानकर
हैरानी
होगी
कि
इसके
पुड़ियों
में
बिकने
पर
इसकी
कीमत
लाखों
रुपये
तक
पहुंच
जाती
है.


कैसा
होता
है
पौधा?

इसके
पौधे
की
लंबाई
3
से
4
फिट
तक
होती
है.
यह
पौधा
हरे
रेशों
और
चिकने
कांडवाला
होता
है.
अफीम
के
डंठल
विहीन,
पत्ते
लम्बे
और
गुड़हल
के
पत्तों
की
तरह
ही
होते
हैं.
इस
फसल
के
फूल
सफेद
और
नीले
रंग
में
कटोरीनुमा
होते
हैं.
अफीम
का
रंग
काला
होता
है.
टेस्ट
की
बात
करें
तो
यह
बहुत
कड़वा
लगता
है.


(रिपोर्ट:
तिलक
भारद्वाज)