Mukhtar Ansari: जेल जाने से पहले ही पहुंच जाते थे मुख्तार के जूते, कपड़े और ब्रीफकेस! बैरकों में सजती थी महफिल

Mukhtar Ansari: जेल जाने से पहले ही पहुंच जाते थे मुख्तार के जूते, कपड़े और ब्रीफकेस! बैरकों में सजती थी महफिल
वह सन् 1990 के बाद का दौर था। पता चलता था कि मुख्तार अंसारी को जेल हो गई है। जिस जेल में मुख्तार अंसारी को बंद किया जाना है, वहां पर सरगर्मियां बढ़ने लगती थीं।