
मध्य
प्रदेश
में
नर्मदा
नदी
पर
प्रस्तावित
क्रूज
संचालन
को
लेकर
सियासी
पारा
भी
बढ़ता
जा
रहा
है।
प्रदेश
की
पूर्व
मुख्यमंत्री
और
भाजपा
की
वरिष्ठ
नेता
उमा
भारती
ने
इस
परियोजना
का
खुला
विरोध
करते
हुए
इसे
नर्मदा
जी
की
पवित्रता
के
विरुद्ध
बताया
है।
उन्होंने
कहा
कि
नर्मदा
केवल
एक
नदी
नहीं,
बल्कि
श्रद्धा
और
आध्यात्मिक
आस्था
का
केंद्र
है,
जिसकी
धारा
में
किसी
प्रकार
की
भौतिक
गतिविधि,
विशेषकर
मनोरंजन
या
पर्यटन
के
नाम
पर
छेड़छाड़
स्वीकार्य
नहीं
है। उमा
भारती
ने
स्पष्ट
किया
है
कि
वे
इस
विषय
पर
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
से
चर्चा
करेंगी
ताकि
नर्मदा
की
धार्मिक,
सांस्कृतिक
और
पारंपरिक
पहचान
को
अक्षुण्ण
रखा
जा
सके।
इससे
पहले
भी
वे
शराबबंदी
जैसे
मुद्दों
पर
अपनी
ही
सरकार
के
खिलाफ
मुखर
रही
हैं।
Trending
Videos
सोशल
मीडिया
पर
जताई
नाराजगी
उमा
भारती
ने
सोशल
मीडिया
प्लेटफॉर्म
पर
सिलसिलेवार
पोस्ट
करते
हुए
कहा
कि
महेश्वर
से
बड़वानी
तक
क्रूज
संचालन
की
जो
योजना
सामने
आई
है,
वह
नर्मदा
की
धार्मिक
गरिमा
को
ठेस
पहुंचा
सकती
है।
उन्होंने
लिखा
कि
तीन
साल
पहले
भी
ऐसा
प्रस्ताव
आया
था,
जिसे
तत्कालीन
विरोध
के
चलते
रद्द
कर
दिया
गया
था।
इस
बार
फिर
टेंडर
प्रक्रिया
तक
शुरू
हो
गई
है।
विज्ञापन
परिक्रमा
मार्ग
और
धार्मिक
आस्था
का
हवाला
उन्होंने
याद
दिलाया
कि
नर्मदा
नदी
के
दोनों
किनारों
पर
परिक्रमा
मार्ग
(राम
पथ)
स्थित
हैं,
जहां
हर
वर्ष
लाखों
श्रद्धालु
पैदल
यात्रा
करते
हैं।
क्रूज
चलने
से
खानपान
और
अन्य
व्यावसायिक
गतिविधियां
आरंभ
होंगी,
जिससे
धार्मिक
वातावरण
प्रभावित
होगा।
उन्होंने
यह
भी
कहा
कि
गंगा
नदी
में
जलमार्ग
परंपरा
रही
है,
लेकिन
नर्मदा
में
ऐसी
कोई
ऐतिहासिक
परंपरा
नहीं
रही।
सरकार
की
परियोजना
और
संभावित
विवाद
सरकारी
योजना
के
अनुसार
नर्मदा
नदी
में
धार
जिले
से
लेकर
गुजरात
स्थित
स्टैच्यू
ऑफ
यूनिटी
तक
करीब
270
किलोमीटर
के
क्षेत्र
में
क्रूज
संचालन
की
योजना
बनाई
गई
है।
इसके
लिए
मध्य
प्रदेश
सरकार
ने
गुजरात
सरकार
और
इनलैंड
वॉटरवेज
अथॉरिटी
ऑफ
इंडिया
के
साथ
मिलकर
लगभग
चार
करोड़
रुपये
की
परियोजना
पर
सहमति
जताई
है।