Dindori News: डिंडौरी में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता

डिंडौरी
में
गुरुवार
दोपहर
अचानक
मौसम
ने
करवट
ली
और
पश्चिमी
विक्षोभ
के
प्रभाव
से
जिला
मुख्यालय
सहित
आसपास
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
आंधी-तूफान
के
साथ
तेज
बारिश
शुरू
हो
गई।
दोपहर
लगभग
डेढ़
बजे
से
शुरू
हुई
इस
बारिश
के
साथ
कई
स्थानों
पर
ओले
गिरने
की
भी
खबरें
सामने
आई
हैं।
मौसम
में
अचानक
आए
इस
बदलाव
ने
जहां
आम
लोगों
को
गर्मी
से
राहत
दी,
वहीं
किसानों
की
चिंता
बढ़ा
दी
है।

गौरतलब
है
कि
बीते
कुछ
दिनों
से
क्षेत्र
में
तापमान
लगातार
बढ़
रहा
था
और
बुधवार
को
अधिकतम
तापमान
38
डिग्री
सेल्सियस
तक
पहुंच
गया
था,
लेकिन
गुरुवार
को
बारिश
के
कारण
अधिकतम
तापमान
गिरकर
28
डिग्री
सेल्सियस
पर

गया,
जबकि
न्यूनतम
तापमान
22
डिग्री
सेल्सियस
दर्ज
किया
गया।
अचानक
आई
इस
ठंडक
ने
आम
लोगों
को
तो
राहत
दी,
लेकिन
कृषि
कार्यों
में
लगे
किसानों
के
लिए
यह
मौसम
का
बदला
मिजाज
नुकसानदायक
साबित
हो
सकता
है।

ये
भी
पढ़ें- शहडोल
में
मौसम
ने
किसानों
की
बढ़ाई
चिंता,
ओलावृष्टि
से
फसलों
को
खतरा

स्थानीय
किसानों
ने
बताया
कि
गर्मी
के
मौसम
में
फसल
कटाई
के
बाद
वे
खेतों
में
जुताई
कर
मिट्टी
को
सूखने
के
लिए
छोड़
देते
हैं।
सूखी
मिट्टी
ही
बारिश
के
मौसम
में
धान
की
खेती
के
लिए
उपयुक्त
मानी
जाती
है।
सूखने
के
बाद
जमीन
में
नमी
को
लंबे
समय
तक
बनाए
रखने
की
क्षमता
होती
है,
जिससे
धान
की
अच्छी
पैदावार
होती
है।
लेकिन
मई
महीने
की
इस
बेमौसम
बारिश
से
खेतों
में
दोबारा
नमी

गई
है,
जिससे

सिर्फ
जुताई
कार्य
प्रभावित
होगा,
बल्कि
आने
वाले
खरीफ
सीजन
की
तैयारियों
पर
भी
असर
पड़
सकता
है।

किसानों
का
यह
भी
कहना
है
कि
अचानक
हुई
बारिश
से
वे
खेतों
में
किसी
भी
प्रकार
का
कार्य
नहीं
कर
पा
रहे
हैं।
जिन
किसानों
ने
जुताई
की
योजना
बना
रखी
थी,
उन्हें
अब
कुछ
दिन
और
इंतजार
करना
पड़ेगा,
क्योंकि
खेतों
की
मिट्टी
गीली
हो
गई
है।
इसके
अलावा
ओलावृष्टि
की
वजह
से
कुछ
स्थानों
पर
रखी
गई
कटी
हुई
फसल
को
भी
नुकसान
पहुंचने
की
आशंका
जताई
जा
रही
है।

ये
भी
पढ़ें- उमरिया
में
मौसम
ने
बदला
मिजाज,
किसानों
की
बढ़ी
चिंता

मौसम
विभाग
ने
आने
वाले
दिनों
में
और
भी
बदलाव
की
संभावना
जताई
है।
विभाग
के
अनुसार,
पश्चिमी
विक्षोभ
के
प्रभाव
से
अगले
24
से
48
घंटों
तक
हल्की
से
मध्यम
बारिश
की
संभावना
बनी
हुई
है।
ऐसे
में
किसानों
को
फिलहाल
सतर्क
रहने
और
मौसम
के
अनुसार
खेती
कार्यों
की
योजना
बनाने
की
सलाह
दी
जा
रही
है।