
छिंदवाड़ा
जिले
के
बारंगा
गांव
9
साल
का
अंश
10
अप्रैल
को
ज्वारे
विसर्जन
में
गया
था,
लेकिन
लौटकर
कभी
नहीं
आया।
मां-बाप
की
रातें
जागते
हुए
बीतीं,
गांव-गांव
बेटे
को
तलाशते
रहे…
पर
कुछ
नहीं
मिला।
और
फिर
20
दिन
बाद
जो
सच्चाई
सामने
आई,
उसने
सबको
झकझोर
दिया।
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सौतेले
पिता
ने
किया
था
13
वर्षीय
बेटी
से
दुष्कर्म,
अब
सारी
उम्र
कटेगी
सलाखों
के
पीछे
विज्ञापन
जिस
जगह
अंश
के
माता-पिता
रोज
मजदूरी
कर
रहे
थे,
ईंटों
की
मिट्टी
बना
रहे
थे,
उसी
मिट्टी
में
उनका
मासूम
दफन
था।
बुधवार
को
भट्टे
के
टांके
से
मिट्टी
हटाई
गई,
तो
कंकाल
नजर
आया।
कपड़ों
और
हाथ
के
कड़े
से
उसकी
पहचान
की
गई।
पुलिस
ने
शव
को
कब्जे
में
लेकर
पोस्टमार्टम
के
लिए
भेज
दिया
है।
देहात
थाना
प्रभारी
गोविंद
सिंह
राजपूत
ने
बताया
कि
10
अप्रैल
को
अंश
के
पिता
बलराम
ने
बेटे
की
गुमशुदगी
की
शिकायत
दी
थी।
अपहरण
की
आशंका
जताई
थी।
धारा
363
के
तहत
केस
दर्ज
हुआ
था।
अब
जब
कंकाल
मिला
है,
तो
सवाल
उठ
रहे
हैं—अंश
की
हत्या
हुई
या
हादसा
हुआ?
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भीषण
सड़क
हादसा,
डिवाइडर
से
टकराकर
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चार
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पर
मौत
डीएनए
टेस्ट
से
खुलेगा
राज
शव
पूरी
तरह
कंकाल
में
बदल
चुका
है,
इसलिए
मौत
की
असली
वजह
जानने
के
लिए
डीएनए
और
मेडिकोलीगल
जांच
कराई
जा
रही
है।
जिस
मिट्टी
से
किसी
का
घर
बनने
वाला
था,
उसी
में
किसी
का
पूरा
संसार
खत्म
हो
गया।
अंश
के
मां-बाप
ने
कभी
सोचा
नहीं
होगा
कि
जहां
वो
रोज
काम
करते
हैं,
वहीं
उनका
बच्चा
अंतिम
सांस
ले
चुका
है।