Rain in Indore: मई महीने में हुई बारिश का 138 साल पुराना कनेक्शन, तब तुकोजीराव ने शुरू करवाया था जलसंग्रह

पाकिस्तान
के
आतंकवादी
ठिकानों
पर
की
गई
एयर
स्ट्राइक
के
बाद
देश
की
राजनीति
का
वातावरण
जरूर
गर्म
है,
परंतु
इंदौर
नगर
में
मौसम
का
मिजाज
ठंडा
है।
मई
महीने
में
इंदौर
के
मौसम
का
मिजाज
गर्म
ही
रहता
है।
परंतु
पिछले
चार-पांच
दिनों
से
मौसम
ने
जो
करवट
ली
है,
उसने
गर्मी
के
मौसम
में
वातावरण
को
खुशमिजाज
बना
दिया
है।
पिछले
कई
दिनों
से
नगर
में
शाम
को
बादल
आसमान
में
उमड़
आते
हैं
और
फिर
बारिश
का
दौर
शुरू
हो
जाता
है।

138
साल
का
रिकॉर्ड
टूटा

मौसम
विभाग
के
रिकॉर्ड
के
अनुसार,
मई
महीने
की
सर्वाधिक
वर्षा
107.7
मिलीमीटर
साल
1886
में
दर्ज
की
गई
थी,
जो
सर्वाधिक
महीने
की
अभी
तक
की
सर्वाधिक
वर्षा
है।
इंदौर
में
छह
मई
की
रात
तक
120.25
 मिलीमीटर
वर्षा
हुई
है।
इस
तरह
मई
महीने
में
138
साल
के
बाद
सर्वाधिक
वर्षा
दर्ज
की
गई
है।
मई
महीने
में
हुई
अभी
तक
की
साल
1886
से
करीब
12.5
मिलीमीटर
यानी
आधा
इंच
अधिक
बारिश
हुई
है।
अभी
तक
मई
महीने
में
इंदौर
में
4.8
इंच
बारिश
दर्ज
की
गई
है।


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मई
से
होगी
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की
बारिश,
अभ्यास
मंडल
की
व्याख्यानमाला
में
आएंगे
कई
क्षेत्रों
के
दिग्गज

बताते
चलें
कि
1886
में
जब
मई
महीने
में
सर्वाधिक
वर्षा
हुई
थी,
उस
समय
इंदौर
के
रियासत
के
प्रमुख
तुकोजीराव
होलकर
द्वितीय
थे।
जो
जून
1886
तक
प्रमुख
रहे
थे।
मई
महीने
में
सर्वाधिक
वर्षा
का
रिकॉर्ड
तुकोजीराव
द्वितीय
के
कार्यकाल
का
है।
इस
तरह
करीब
138
वर्ष
बाद
मई
महीने
में
सर्वाधिक
वर्षा
दर्ज
की
गई
है।


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दिन
में
टूटा
138
साल
पुराना
रिकॉर्ड,
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ने
मचाया
कहर


जल
संग्रह
का
कार्य
इसी
दौर
से
शुरू
हुआ

साल
1875
के
जल
संकट
ने
नागरिकों
की
पेयजल
सुविधा
के
लिए
महाराजा
तुकोजीराव
द्वितीय
के
कार्यकाल
में
1878
में
सिरपुर
तालाब
का
निर्माण
किया
गया
था।
नगर
की
जल
समस्या
से
निजात
पाने
के
लिए
सर्वप्रथम
तुकोजीराव
होल्कर
द्वितीय
(कार्यकाल
1844-1886)
ने
नहर
भंडारा
का
पाला
बनवाकर
नगर
की
जल
योजना
के
लिए
पहली
कड़ी
प्रस्तुत
की
थी।


पूरे
मध्य
प्रदेश
में
सक्रिय
है
मौसम
का
विक्षोभ

मध्यप्रदेश
में
आगामी
दिनों
तक
यानी
10
मई
तक
ओलावृष्टि,
बारिश
और
तेज
आंधी
का
सिलसिला
जारी
रहने
की
संभावना
जताई
गई
है।
वरिष्ठ
मौसम
वैज्ञानिक
डॉ.
दिव्या
ई.
सुरेंद्रन
के
अनुसार,
इस
समय
प्रदेश
में
वेस्टर्न
डिस्टर्बेंस,
दो
साइक्लोनिक
सर्कुलेशन
और
एक
टर्फ
लाइन
की
सक्रियता
के
चलते
मौसम
में
व्यापक
बदलाव
देखा
जा
रहा
है।
अनुमान
है
कि
इस
बार
मई
का
महीना
तापमान
और
वर्षा
दोनों
ही
मामलों
में
पिछले
कई
वर्षों
के
रिकॉर्ड
तोड़
सकता
है।
पूरे
प्रदेश
में
लोग
मौसम
की
इन
असामान्य
गतिविधियों
से
प्रभावित
हो
रहे
हैं।