Barwani News: महिला अस्पताल में टोकन सिस्टम शुरू, मरीज के दो परिजनों को दिए जाएंगे, तो देने होंगे 100 रुपये


मध्यप्रदेश
के
बड़वानी
नगर
के
जिला
अस्पताल
स्थित
महिला
अस्पताल
में
मरीजों
के
साथ
आए
अटेंडरों
की
भीड़
को
रोकने
के
लिए
टोकन
प्रणाली
शुरू
की
गई
है।
यहां
अब
मरीजों
से
मिलने
के
लिए
केवल
दो
टोकन
जारी
किए
जा
रहे
हैं,
जिसे
वापस

करने
पर
100
रुपये
का
शुल्क
भी
अदा
करना
होगा।

दरअसल,
महिला
अस्पताल
ने
निजी
अस्पतालों
की
तर्ज
पर
टोकन
सिस्टम
की
एक
नई
व्यवस्था
लागू
की
है।
इस
टोकन
प्रणाली
का
उद्देश्य
अस्पताल
में
अनावश्यक
भीड़
को
कम
करना
और
मरीजों
को
बेहतर
इलाज
की
सुविधा
प्रदान
करना
है।
यहां
लागू
की
गई
नई
व्यवस्था
के
तहत
अब
अस्पताल
में
मरीजों
से
मिलने
आने
वाले
अटेंडरों
को
टोकन
जारी
किए
जा
रहे
हैं,
जिससे
वार्ड
में
भीड़
नियंत्रित
रहेगी
और
मरीजों
के
साथ
ही
अस्पताल
के
कर्मचारियों
को
भी
काम
करने
में
आसानी
होगी।
 
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इनमें
दो
एक
ही
परिवार
के

बता
दें
कि
अभी
तक
महिला
अस्पताल
के
वार्ड
में
भर्ती
मरीज
के
साथ
एक
अटेंडर
तो
रहता
ही
था,
लेकिन
कई
मामलों
में
उसे
देखने
वाले
10
से
अधिक
परिचित
वार्ड
में
पहुंच
जाते
थे,
जिससे
वार्ड
में
हमेशा
भीड़भाड़
बनी
रहती
थी
और
मरीजों
को
पर्याप्त
आराम
नहीं
मिल
पाता
था।
साथ
ही,
स्टाफ
को
भी
इलाज
करने
में
परेशानी
होती
थी।

वहीं,
इस
नई
व्यवस्था
को
लेकर
सिविल
सर्जन
डॉ.
अनीता
सिंगारे
ने
बताया
कि
अब
मरीज
को
देखने
के
इच्छुक
व्यक्ति
को
टोकन
दिखाने
पर
ही
अंदर
जाने
की
अनुमति
मिलेगी।
बिना
टोकन
के
प्रवेश
नहीं
दिया
जाएगा।
अस्पताल
में
अधिक
भीड़
होने
के
कारण
अक्सर
परिजन
गंदगी
फैला
देते
थे,
लेकिन
अब
कर्मचारियों
को
साफ-सफाई
करने
में
आसानी
होगी।
वहीं,
मरीज
के
पास
कम
लोग
होने
से
उन्हें
पूरा
आराम
मिलेगा
और
वे
जल्द
स्वस्थ
हो
सकेंगे।
पहले
भीड़
की
स्थिति
में
कई
परिजन
मरीज
के
बिस्तर
पर
ही
सो
जाते
थे
और
आसपास
आराम
करते
थे।

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इधर,
नर्सिंग
ऑफिसर
सुनीता
सोलंकी
ने
बताया
कि
गर्भवती
महिला
को
भर्ती
करते
समय
एक
मरीज
को
दो
टोकन
दिए
जा
रहे
हैं।
इससे
महिला
के
पास
केवल
दो
लोग
ही
रह
सकेंगे।
यदि
किसी
अन्य
व्यक्ति
को
मरीज
से
मिलना
है,
तो
वे
अपने
परिजन
को
बुलाकर
टोकन
प्राप्त
करके
ही
जा
सकते
हैं।
जब
महिला
को
अस्पताल
से
डिस्चार्ज
किया
जाएगा,
तो
परिजनों
को
टोकन
वापस
करना
होगा।
यदि
मरीज
टोकन
वापस
नहीं
करते
हैं,
तो
उन्हें
100
रुपये
का
शुल्क
देना
होगा।