
इंदौर
में
सफाई
को
लेकर
नवाचार
तो
हो
रहे
है,
लेकिन
वे
स्थाई
नहीं
रह
पा
रहे
है।
चार
माह
पहले
नगर
निगम
ने
लाखों
रुपये
खर्च
कर
पिलियाखाल
नाले
को
इतना
साफ
कर
दिया
था
कि
वहां
नगर
निगम
ने
प्रदेश
के
मेयरों
के
साथ
योग
किया
था।
क्रिकेट
खेला
था।
वहां
महापौर
परिषद
बैठक
करने
की
तैयारी
थी,
लेकिन
तीन
महीने
बाद
ही
वह
नाला
अपने
पुराने
स्वरुप
में
जा
पहुंचा।
अब
वहां
गाद,
दलदल
है।
पूरे
नाले
में
कचरा
जमा
है।
दो
मिनट
खड़े
नहीं
रह
सकते।
अब
इतनी
बदबू
आने
लगी
है।
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का
पिलियाखाल
इतना
साफ
कि
अब
वहां
होगी
नगर
निगम
परिषद
की
बैठक
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इंदौर
के
पंचकुईया
क्षेत्र
में
कई
प्राचीन
घाट
और
मंदिर
है।
नगर
निगम
ने
यहां
के
घाटों
से
सैकड़ों
टन
मलबा
हटाया।
नाले
से
गाद
निकाली
थी।
जनवरी
माह
में
जब
मेयर
पुष्य
मित्र
भार्गव
घाट
का
दौरा
करने
पहुंचे
थे
तो
वे
घाट
का
बदला
स्वरुप
देखकर
खुश
हो
गए
थे।
उन्होंने
वहां
पर
महापौर
परिषद
बैठक
करने
का
फैसला
लिया
था।
तब
इस
घाट
के
आसपास नगर
निगम
ने
दीवारों
को
अलग-अलग
रंगों
से
पेंट
किया
गया।
नाले
में
बहने
वाले
गंदे
पानी
के
बहाव
को
एक
ट्रेंच
के
जरिए
सीमित
किया
गया।
बाकी
के
हिस्से
में
नाला
पूरी
तरह
सूख
गया।
आसपास
रहने
वाले
लोगों
को
भी
आश्चर्य
होने
लगा
था
कि
यह
घाट
फिर
से
इतना
सुंदर
हो
सकता
है,
लेकिन
यह
सुंदरता
ज्यादा
दिन
नहीं
टिक
सकी।
अब
फिर
वहां
गाद
और
बदबू
का
साम्राज्य
है।