बालाघाट में नक्सलियों पर कसा शिकंजा: CM यादव बोले-‘अब मप्र की धरती पर नहीं बचेंगे नक्सली’, 64 कर्मी पदोन्नत


मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
बालाघाट
में
आयोजित
कार्यक्रम
में
स्पष्ट
संदेश
दिया
कि
मध्यप्रदेश
की
धरती
पर
अब
नक्सलियों
की
कोई
जगह
नहीं
है।
उन्होंने
कहा
कि
नक्सली
या
तो
आत्मसमर्पण
करें
या
फिर
समाप्त
कर
दिए
जाएंगे।
बालाघाट
लांजी
के
अवंतीबाई
स्टेडियम
में
आयोजित
ऐतिहासिक
“क्रम
से
पूर्व
पदोन्नति
समारोह”
में
मुख्यमंत्री
ने
नक्सल
विरोधी
अभियानों
में
अद्वितीय
योगदान
देने
वाले
बालाघाट
और
मण्डला
जिले
के
हॉकफोर्स,
जिला
बल
एवं
विशेष
सशस्त्र
बल
(वि.स.बल)
के
कुल
64
वीर
जवानों
को
क्रम
से
पूर्व
पदोन्नति
प्रदान
की।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
कहा
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
के
नेतृत्व
में
वर्ष
2026
तक
देश
को
नक्सलवाद
से
मुक्त
करने
का
संकल्प
लिया
गया
है,
जिसमें
मध्यप्रदेश
सरकार
भी
पूरी
सक्रियता
से
योगदान
दे
रही
है।
उन्होंने
बताया
कि
बालाघाट
अब
गंभीर
नक्सल
प्रभावित
जिलों
की
सूची
से
बाहर

चुका
है,
जो
सरकार
की
नीति
और
पुलिस
के
परिश्रम
का
प्रमाण
है। 

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कार्यक्रम
के
दौरान
मुख्यमंत्री
ने
169
करोड़
रुपए
की
लागत
से
निर्मित
93
विकास
परियोजनाओं
का
लोकार्पण
और
भूमि-पूजन
किया।
इनमें
बालाघाट
में
बनने
जा
रहे
प्रदेश
के
51वें
आयुर्वेदिक
महाविद्यालय
की
आधारशिला
भी
शामिल
है।
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
आयुर्वेदिक
कॉलेज
में
नर्सिंग
और
पैरामेडिकल
कोर्स
भी
चलाए
जाएंगे,
जिससे
युवाओं
को
रोजगार
के
नए
अवसर
मिलेंगे। डॉ.
यादव
ने
जल
संरक्षण
को
लेकर
चल
रहे
जल
गंगा
संवर्धन
अभियान
की
प्रदर्शनी
का
अवलोकन
किया
और
लांजी
स्थित
लगभग
300
साल
पुरानी
ऐतिहासिक
बावड़ी
के
जीर्णोद्धार
के
बाद
उसका
पुनः
लोकार्पण
किया।


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चिन्नौर
चावल
को
जीआई
टैग
प्राप्त
होगना
गौरव
की
बात

मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
बालाघाट
खनिज
और
जल
संपदा
से
भरपूर
जिला
है।
चिन्नौर
चावल
को
जीआई
टैग
मिलना
यहां
की
विशिष्टता
को
दर्शाता
है।
उन्होंने
पीएम
जनमन
अभियान
के
तहत
बन
रही
23
किलोमीटर
लंबी
सड़क
को
देश
की
पहली
परियोजना
बताया
और
कहा
कि
यह
क्षेत्र
के
विकास
की
दिशा
में
मील
का
पत्थर
होगी।


नक्सल
उन्मूलन
की
दिशा
में
हॉकफोर्स
ने
किया
उल्लेखनीय
कार्य
:
डीजीपी

पुलिस
महानिदेशक
कैलाश
मकवाना
ने
कहा
कि
मुख्यमंत्री
स्वयं
भी
इस
समस्या
के
प्रति
गंभीर
हैं
एवं
शासन
स्तर
से
उन्होंने
हॉक
फोर्स
के
325
नवीन
पद,
SSU
के
850
पद
स्वीकृत
करने,
युवा
IPS,
DSP
की
नक्सल
क्षेत्रो
में
पोस्टिंग
से
अभियानों
में
गति
आयी
है।
बालाघाट
में
मारे
गए
नक्सलियों
पर
कुल
1
करोड़
रुपए
से
अधिक
का
इनाम
था
और
यह
अभियान
भविष्य
में
और
सशक्त
रूप
से
जारी
रहेगा। 

वीरता
के
मुख्य
प्रकरण:


रौंदा
मुठभेड़
(19.02.2025):
बालाघाट
हॉकफोर्स
ने
अदम्य
साहस
का
परिचय
देते
हुए
चार
हार्डकोर
नक्सलियों
(कुल
इनामी
राशि
₹62
लाख)
को
मार
गिराया।

कोठियाटोला
मुठभेड़
(08.07.2024):
हॉकफोर्स
और
जिला
बल
की
संयुक्त
कार्रवाई
में
₹14
लाख
इनामी
हार्डकोर
नक्सली
को
ढेर
किया
गया। 

चुचरुंगपुर
गिरफ्तारी
(05.09.2024):
₹14
लाख
इनामी
महिला
हार्डकोर
नक्सली
की
गिरफ्तारी।

गनेरीदादर-मुण्डीदादर
मुठभेड़
(02.04.2025):
मण्डला
हॉकफोर्स
ने
₹28
लाख
के
दो
इनामी
नक्सलियों
को
मार
गिराया।