
श्योपुर
में
कूनो
नेशनल
पार्क
से
एक
चिंताजनक
लेकिन
उम्मीद
जगाने
वाली
खबर
सामने
आई
है।मादा
चीता
ज्वाला
के
चार
शावकों
में
से
एक
की
तबीयत
बिगड़ने
के
कारण
उसे
जंगल
से
निकालकर
पार्क
के
एक
विशेष
बाड़े
में
डॉक्टरों
की
निगरानी
में
रखा
गया
है।
गर्मी
और
अन्य
प्राकृतिक
कारणों
के
चलते
उसकी
तबीयत
खराब
हुई,
लेकिन
अब
हालत
में
सुधार
देखा
जा
रहा
है।
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ज्वाला
और
उसके
चार
शावकों
को
21
फरवरी
को
खुले
जंगल
में
छोड़ा
गया
था।
शुरू
में
वे
सभी
जंगल
में
सहज
रूप
से
घूम
रहे
थे,
लेकिन
हाल
ही
में
आई
भीषण
गर्मी
ने
एक
शावक
को
कमजोर
कर
दिया।
प्रबंधन
ने
तुरंत
कार्रवाई
करते
हुए
उस
शावक
को
जंगल
से
सुरक्षित
पकड़कर
एक
बाड़े
में
स्थानांतरित
कर
दिया।
यहां
अनुभवी
डॉक्टरों
की
टीम
उसकी
लगातार
देखभाल
कर
रही
है।
हालांकि,
पार्क
प्रशासन
ने
इस
पर
औपचारिक
रूप
से
ज्यादा
जानकारी
नहीं
दी
है,
लेकिन
सूत्रों
का
कहना
है
कि
शावक
की
हालत
गंभीर
थी,
इसलिए
उसे
मां
से
अलग
करना
जरूरी
हो
गया
था।
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वीरपुर
में
बिछड़ा
एक
और
शावक
इस
बीच
वीरपुर
क्षेत्र
से
एक
और
खबर
सामने
आई
जब
ज्वाला
अपने
तीन
शावकों
के
साथ
देखी
गई,
पर
उनमें
से
एक
शावक
रास्ते
में
ही
बिछड़
गया।
दरअसल,
हाईवे
पार
करते
समय
ज्वाला
और
दो
शावक
पार
कर
गए
लेकिन
तीसरा
पीछे
छूट
गया।
हालांकि
यह
सामान्य
प्रक्रिया
है,
क्योंकि
चीते
अपनी
सूंघने
की
शक्ति
से
अपने
बच्चों
को
ढूंढ़
लेते
हैं
और
उम्मीद
की
जा
रही
है
कि
ज्वाला
जल्द
ही
अपने
इस
बिछड़े
शावक
को
फिर
से
अपने
साथ
जोड़
लेगी।