
मंदसौर,
नीमच
और
रतलाम
में
बुधवार
दोपहर
करीब
दो बजे
मौसम
में
अचानक
बदलाव
हुआ
और
तेज
हवाओं
के
साथ
बारिश
शुरू
हो
गई।
मंदसौर
में
हुई
तेज
बारिश
से
मंडी
में
खुले
में
पड़ी
किसानों
की
उपज
बह
निकली
तो
वहीं
रतलाम
के
जावरा
में
अस्पताल
में
पानी
भर
गया,
जिससे
मरीजों
को
परेशानियों
का
सामना
करना
पड़ा।
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मंदसौर,
नीमच
व
रतलाम
में
बुधवार
को
सुबह
से
ही
तीखी
धूप
खिली
रही।
धूप
की
वजह
से
लोगों
को
उमस
भरी
गर्मी
से
परेशान
होना
पड़ा।
दोपहर
करीब
दो
बजे
मौसम
में
अचानक
बदलाव
हुआ
और
तेज
हवाएं
चलना
शुरू
हो
गई
और
आसमान
में
बादल
छाने
लगे।
मौसम
में
हुए
अचानक
बदलाव
से
कुछ
देर
बाद
बूंदाबांदी
शुरू
हो
गई
जो
बाद
में
तेज
बारिश
में
बदल
गई।
मंदसौर,
नीमच
और
रतलाम
में
हुई
बारिश
ने
जहां
लोगों
को
गर्मी
से
राहत
दी
तो
वहीं
बारिश
की
वजह
से
लोगों
को
परेशानियों
का
भी
सामना
करना
पड़ा।
मंदसौर
शहर
में
हुई
तेज
बारिश
से
शहर
की
सडक़ों
पर
पानी
बहने
लगा।
जल
जमाव
की
स्थिति
बन
गई,
जिसने
नगर
पालिका
के
स्वच्छता
अभियान
की
पोल
खोल
दी।
शहर
में
हुई
तेज
बारिश
से
शहर
का
यातायात
थम
गया।
लोग
बारिश
से
बचने
के
लिए
सुरक्षित
स्थानों
की
ओर
दौड़ते
दिखे।
पिछले
कुछ
दिनों
से
मंदसौर,
नीमच
और
रतलाम
का
मौसम
बदला
हुआ
है।
मौसम
में
अनियमितता
देखी
जा
रही
है।
लोगों
को
मई
माह
में
जहां
भीषण
गर्मी
और
लू
का
सामना
करना
पड़ता
है,
वहीं
पिछले
करीब
एक
सप्ताह
से
मंदसौर,
नीमच
और
रतलाम
में
मौसम
में
हुए
बदलाव
ने
लोगों
को
गर्मी
और
लू
से
राहत
दी
है।
हालांकि
जब
भी
धूप
निकलती
है
तो
लोगों
को
उमस
भरी
गर्मी
से
परेशान
होना
पड़ता
है।
मौसम
विभाग
की
मानें
तो
गुरुवार
तक
ऐसा
ही
मौसम
रहने
का
अनुमान
है,
जिसके
बाद
लोगों
को
गर्मी
का
सामना
करना
पड़ेगा।
ये
भी
पढ़ें- इंदौर
में
शाम
को
आफत
की
बारिश,
सड़कें
बनीं
तालाब,
जगह-जगह
लगा
जाम
मंडी
में
खुले
में
रखी
किसानों
की
उपज
बही
मंदसौर
शहर
सहित
जिले
में
दोपहर
दो
बजे
बजे
बाद
मौसम
में
हुए
अचानक
बदलाव
और
बारिश
की
वजह
से
कृषि
उपज
मंडी
मंदसौर
और
दलौदा
में
नीलामी
के
लिए
उपज
लेकर
आए।
किसानों
को
परेशानियों
का
सामना
करना
पड़ा।
मंदसौर
में
कृषि
उपज
मंडी
में
किसानों
द्वारा
मौसम
साफ
देखते
हुए
खुले
में
ही
अपनी
उपज
के
ढेर
लगा
दिए।
दोपहर
को
हुई
बारिश
में
किसानों
की
उपज
बारिश
के
पानी
के
साथ
बहने
लगी,
जिसे
किसान
समेटते
हुए
नजर
आए।
दूसरी
तरफ
दलौदा
कृषि
उपज
मंडी
में
शेड
में
व्यापारियों
का
माल
रखा
होने
की
वजह
से
किसानों
को
खुले
में
ही
उपज
के
ढेर
लगाने
पड़े,
जो
बारिश
के
पानी
के
बहाव
में
बह
गए।
किसानों
ने
विरोध
दर्ज
करवाते
हुए
कहा
कि
मंडी
समिति
को
शेड
में
रखा
व्यापारियों
का
माल
खाली
करवाना
चाहिए
ताकि
किसानों
की
उपज
पानी
के
साथ
बारिश
में
ना
बहे।
ये
भी
पढ़ें- मध्य
प्रदेश
के
25
जिलों
में
आज
तेज
आंधी
और
बारिश
का
अलर्ट,
17
मई
तक
बदला
रहेगा
एमपी
का
मौसम
अस्पताल
प्रांगण
और
बिल्डिंग
में
पानी
ही
पानी
रतलाम
जिले
में
भी
दोपहर
में
हुई
आधे
घंटे
की
बारिश
ने
सरकारी
भवनों
की
खामियों
की
पोल
खोल
दी।
करोड़ों
की
लागत
से
निर्मित
जावरा
का
शासकीय
चिकित्सालय
ओर
महिला
प्रसूति
गृह
में
बुधवार
को
30
मिनट
की
बारिश
में
ही
अस्पताल
परिसर
और
बिल्डिंग
में
दो इंच
तक
पानी
घुस
गया।
मरीजों
को
आने-जाने
में
परेशानियों
का
सामना
करना
पड़ा।
यहां
तक
की
गर्भवती
महिलाएं
टाइल्स
पर
फिसल
गईं।
आश्चर्य
की
बात
यह
है
कि
8
अप्रैल
2023
को
1017
लाख
40
हजार
रुपए
की
लागत
से
निर्मित
महिला
चिकित्सालय
में
सिर्फ
दो
वर्ष
की
अवधि
में
ही
पानी
की
रेलम
पैल
से
हर
कोई
हैरान
रह
गया।
इधर
रतलामी
गेट
चौराहे
से
हॉस्पिटल
रोड
तक
भारी
बारिश
के
कारण
यातायात
अवरुद्ध
हो
गया।
कंचन
टॉकीज
चौराहे
पर
एक-एक
फीट
पानी
भर
गया।
फलस्वरूप
टू
व्हीलर
व
फोर
व्हीलर
वाहन
चालक
के
अलावा
पैदल
आने
जाने
वाले
लोगों
को
भी
काफी
परेशानी
का
सामना
करना
पड़ा।

जावरा
में
शासकीय
अस्पताल
की
बिल्डिंग
से
लेकर
सीढ़ियों
तक
जमा
हुआ
पानी

जावरा
में
शासकीय
अस्पताल
की
बिल्डिंग
से
लेकर
सीढ़ियों
तक
जमा
हुआ
पानी

जावरा
में
शासकीय
अस्पताल
की
बिल्डिंग
से
लेकर
सीढ़ियों
तक
जमा
हुआ
पानी