
सोमवार
सुबह
रोशनपुरा
के
पास
बाणगंगा
चौराहे
पर
सिग्नल
पर
खड़ी
कार
सहित
आधा
दर्जन
दोपहिया
वाहनों
को
कुचलने
वाली
इंटरनेशनल
पब्लिक
स्कूल
की
बस
के
चालक
विशाल
बैरागी
को
टीटी
नगर
पुलिस
ने
गिरफ्तार
कर
लिया।
आरोपी
घटना
के
बाद
से
फरार
था
और
वह
बैरसिया
के
एक
गांव
में
छिपा
था।
आरोपी
के
खिलाफ
लावरवाहीपूर्वक
वाहन
चलाने
का
प्रकरण
दर्ज
किया
गया
है।
पुलिस
ने
स्कूल
बस
चलाने
के
लिए
जरूरी
हैवी
व्हीकल
लाइसेंस
मांगा,
लेकिन
बस
चालक
बैरागी
पुलिस
को
लाइसेंस
नहीं
दे
सका
है।
वह
भारी
वाहन
चलाने
के
लाइसेंस
को
लेकर
पुलिस
को
गुमराह
कर
रहा
है।
आशंका
है
कि
आरोपी
बस
चालक
बैरागी
के
पास
भारी
वाहन
चालाने
का
लाइसेंस
नहीं
है।
अगर
उसके
पास
भारी
वाहन
चलाने
का
लाइसेंस
नहीं
मिला
तो
और
धाराएं
बढ़ाई
जाएंगी।
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जानकारी
के
अनुसार
12
मई
को
सुबह
इंटरनेशनल
पब्लिक
स्कूल
(आईपीएस)
की
बस
ने
बाणगंगा
चौराहे
के
पास
कार
सहित
आधा
दर्जन
से
अधिक
वाहनों
को
कुचल
दिया
था।
हादसे
में
आधा
दर्जन
लोग
घायल
हैं
और
बीएएमएस
डॉ.
आयशा
खान
की
मौत
हो
गई
है।
आयशा
की
कुछ
दिन
बाद
ही
शादी
होने
वाली
थी।
पुलिस
आरोपी
बस
चालक
विशाल
बैरागी
को
गिरफ्तार
कर
पूछताछ
कर
रही
है।
पुलिस
ने
आरोपी
का
मेडिकल
भी
कराया
है,
ताकि
पता
चल
सके
कि
आरोपी
घटना
के
समय
शराब
पीए
हुए
था
या
नहीं।
उसके
साथ
ही
पुलिस
यह
भी
पता
लगा
रही
है
कि
क्या
वाकई
स्कूल
बस
के
ब्रेक
फेल
हुए
थे
या
नशे
में
चालक
ने
बस
को
लोगों
पर
चढ़ा
दिया
था।
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पब्लिक
स्कूल
ने
हादसे
के
बाद
बस
के
बनाए
बैक
डेट
पर
दस्तावेज,
संचालक
और
क्रेता
पर
मामला
दर्ज
उल्लेखनीय
है
कि
हादसे
के
बाद
इंटरनेशनल
पब्लिक
स्कूल
को
संचालित
करने
वाली
एजुकेशन
सोसायटी
के
सचिव
प्रदीप
पांडेय
ने
बस
को
बैक
डेट
पर
प्रवेश
नागर
के
नाम
बेचने
का
शपथ
पत्र
बनवा
दिया
था
और
सोसायटी
को
आरोपी
बनाए
जाने
से
बचाने
का
प्रयास
किया।
जांच
में
सामने
आया
कि
प्रदीप
पांडेय
ने
स्कूल
की
मान्यता
न
जाने
पाए
और
स्कूल
प्रबंधन
को
आरोपी
बनाए
जाने
से
बचाने
के
लिए
प्रवेश
नागर
के
नाम
पर
दस्तावेज
बनाया
था।
पुलिस
ने
इस
मामले
में
एजुकेशन
सोसायटी
के
सचिव
प्रदीप
पांडेय
और
प्रवेश
नागर
को
फर्जीवाड़े
का
प्रकरण
दर्ज
कर
पहले
ही
गिरफ्तार
कर
चुकी
है।
हादसे
वाली
स्कूल
का
बीमा
और
फिटनेस
भी
समाप्त
हो
चुका
था।
इस
मामले
में
परिवहन
विभाग
ने
क्षेत्रीय
परिवहन
अधिकारी
जितेंद्र
शर्मा
की
लापरवाही
माना
और
उन्हें
निलंबित
किया
जा
चुका
है।