
मध्य
प्रदेश
के
आदिवासी
विकास
मंत्री
और
आठ
बार
के
विधायक
कुंवर
विजय
शाह
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
पर
दिए
विवादित
बयान
को
लेकर
बुरे
फंस
गए
हैं।
हाईकोर्ट
के
निर्देश
पर
उनके
खिलाफ
मानपुर
थाने
में
एफआईआर
दर्ज
कर
ली
गई।
बुधवार
देर
रात
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
बेंगलुरु
दौरे
से
लौटने
के
बाद
बड़ी
बैठक
हुई।
सूत्रों
के
अनुसार
इसमें
प्रदेश
भाजपा
अध्यक्ष
वीडी
शर्मा
व
अन्य
वरिष्ठ
नेताओं
ने
शाह
से
इस्तीफे
की
मांग,
लेकिन
शाह
अड़
गए
कि
उन्हें
गुरुवार
को
हाईकोर्ट
में
पक्ष
रखने
का
अवसर
दिया
जाए।
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सीएम
के
बेंगलुरु
से
लौटते
ही
बड़ी
बैठक
हुई
विजय
शाह
मामले
को
लेकर
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
निवास
पर
हुई
बैठक
में
भाजपा
के
प्रदेश
अध्यक्ष
वीडी
शर्मा
और
प्रदेश
संगठन
महामंत्री
हितानंद
शामिल
हुए।
सूत्रों
के
अनुसार
फोन
पर
संगठन
ने
मंत्री
शाह
से
इस्तीफा
मांगा
गया,
लेकिन
वे
इसके
लिए
तैयार
नहीं
हुए
और
मोहलत
मांगी।
बैठक
के
बाद
सीएम
ने
एक्स
कर
कहा
कि
माननीय
हाईकोर्ट
के
निर्देश
के
पालन
का
आदेश
दिया
गया
है।
हालांकि,
इसके
पूर्व
शाह
के
इस्तीफे
की
अटकलें
सरगर्म
रहीं।
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हाईकोर्ट
ने
लिया
स्वत:
संज्ञान
बता
दें,
12
मई
को
इंदौर
जिले
के
मानपुर
में
आयोजित
हलमा
कार्यक्रम
में
मोहन
सरकार
के
मंत्री
विजय
शाह
ने
भारतीय
सेना
की
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
को
लेकर
आपत्तिजनक
बयान
दिया
था।
इस
मामले
में
मप्र
हाईकोर्ट
ने
14
मई
को
स्वत:
संज्ञान
लेकर
प्रदेश
के
डीजीपी
को
शाह
के
खिलाफ
तत्काल
केस
दर्ज
करने
का
निर्देश
दिया
था।
हाईकोर्ट
के
जस्टिस
अतुल
श्रीधरन
और
जस्टिस
अनुराधा
शुक्ला
की
पीठ
ने
डीजीपी
को
मंत्री
पर
एफआईआर
दर्ज
करने
के
आदेश
दिए
थे,
वरना
अवमानना
की
कार्रवाई
की
बात
भी
कही
थी।
जब
सरकारी
वकील
ने
इसके
लिए
तीन
दिन
का
वक्त
मांगा
तो
हाईकोर्ट
ने
सख्त
रुख
अपनाया
और
कुछ
ही
घंटों
में
एफआईआर
दर्ज
करने
के
निर्देश
दिए
थे।
मानपुर
थाने
में
शाम
से
ही
पुलिस
अफसर
मौजूद
थे।
यह
कहा
था
हाईकोर्ट
ने
मंत्री
विजय
शाह
द्वारा
दिए
गए
बयान
में
प्रथम
दृष्टया
मुस्लिम
धर्म
के
सदस्यों
और
अन्य
व्यक्तियों
के
बीच
वैमनस्य
और
दुश्मनी
या
घृणा
या
दुर्भावना
की
भावना
पैदा
करने
की
प्रवृत्ति
है,
जो
उसी
धर्म
से
संबंधित
नहीं
हैं।
न्यायालय
मध्य
प्रदेश
के
पुलिस
महानिदेशक
को
निर्देश
देता
है
कि
वह
मंत्री
विजय
शाह
के
खिलाफ
बीएनएस
की
धारा
152,
196(1)(बी)
और
197(1)(सी)
के
तहत
अपराधों
के
लिए
तत्काल
एफआईआर
दर्ज
करें।
एजी
कार्यालय
को
निर्देश
दिया
जाता
है
कि
यह
आदेश
तत्काल
राज्य
के
पुलिस
महानिदेशक
कार्यालय
को
प्रेषित
किया
जाए।
यह
बोले
थे
शाह
कर्नल
सोफिया
के
बारे
में
इंदौर
के
समीप
मानपुर
में
आयोजित
हलमा
कार्यक्रम
में
मंत्री
शाह
ने
कहा
था
कि
जिन
आतंकियों
ने
पहलगाम
में
लोगों
को
मारा,
उनके
कपड़े
उतरवाए।
उन
आतंकियों
ने
हमारी
बहनों
का
सिंदूर
उजाड़ा।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
उन्हीं
की
बहन
को
भेजकर
उनकी
ऐसी-तैसी
करवाई।
मामला
जब
गरमाने
लगा
तो
भाजपा
संगठन
ने
मंत्री
शाह
को
मंगलवार
को
भोपाल
तलब
किया।
वे
हवाई
चप्पल
में
ही
पार्टी
कार्यालय
पहुंचे
और
वरिष्ठ
नेतागणों
की
फटकार
खाने
के
बाद
अपने
बयान
पर
खेद
प्रकरण
करते
नजर
आए।
इसके
बाद
उन्होंने
माफी
भी
मांगी
और
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
को
अपनी
सगी
बहन
से
ज्यादा
बताया
था,
लेकिन
उनकी
यह
माफी
काम
नहीं
आई।
उमा
भारती
ने
इस्तीफे
की
मांग
की
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
के
खिलाफ
शाह
की
आपत्तिजनक
टिप्पणी
के
बाद
से
राजनीतिक
और
सामाजिक
हलकों
में
भारी
नाराजगी
देखने
को
मिली।
इस
मामले
ने
तीन
दिनों
से
राजनीतिक
गलियारों
में
हलचल
मचा
दी
थी।
कांग्रेस
और
विपक्षी
पार्टियों
ने
पूरे
प्रदेश
में
प्रदर्शन
शुरू
कर
दिए
थे
और
मंत्री
के
इस्तीफे
की
मांग
की
थी।
वहीं
भाजपा
के
भीतर
भी
इस
बयान
को
लेकर
असहजता
थी।
पूर्व
मुख्यमंत्री
उमा
भारती
समेत
कई
भाजपा
नेताओं
ने
भी
शाह
के
खिलाफ
सख्त
कार्रवाई
की
मांग
की
थी।
उमा
भारती
ने
शाह
को
तत्काल
बर्खास्त
करने
और
एफआईआर
की
मांग
की
थी।
केंद्रीय
नेतृत्व
को
भेजी
रिपोर्ट
पार्टी
सूत्रों
के
अनुसार,
प्रदेश
भाजपा
के
शीर्ष
नेताओं
–
शिवप्रकाश,
महेंद्र
सिंह,
वीडी
शर्मा
और
हितानंद
शर्मा
ने
भोपाल
में
इस
पूरे
विवाद
पर
चर्चा
और
राष्ट्रीय
अध्यक्ष
जेपी
नड्डा
को
विस्तृत
रिपोर्ट
भेजी
गई।
मामले
में
राष्ट्रीय
नेतृत्व
ने
भी
शाह
के
खिलाफ
कड़ी
नाराजगी
जताई।