
लाडली
बहन
योजना
आने
के
बाद
से
मध्य
प्रदेश
में
लगातार
वृद्धा
पेंशन
बढ़ाने
की
मांग
उठ
रही
है।
अब
मध्य
प्रदेश
विधानसभा
के
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
सरकार
को
एक
पत्र
लिखा
हैं।
जिसमें
उन्होंने
पेंशन
बढ़ाने
की
मांग
की
है।
उमंग
सिंघार
ने
वृद्धावस्था
पेंशन
को
600
रुपये
से
बढ़ाकर
1500
रुपये
किये
जाने
का
अनुरोध
किया
है।
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बीजेपी
का
संकल्प
पत्र
भी
लगाया
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
सामाजिक
न्याय
एवं
दिव्यांगजन
सशक्तिकरण
विभाग
(मध्य
प्रदेश
शासन)
को
एक
पत्र
लिखा
है।
जिसमें
उन्होंने
पेंशन
बढ़ाने
की
मांग
की
है।
उमंग
ने
पत्र
में
लिखा-श्री
बाल
कृष्ण
चतुर्वेदी
एवं
अन्य
पेंशनरों
से
प्राप्त
संयुक्त
हस्ताक्षरित
एवं
बीजेपी
का
संकल्प
पत्र
मूलत:
संलग्न
है,
जिसमें
सभी
पेंशनरों
द्वारा
वृद्धावस्था
पेंशन
को
600
रुपये
से
बढ़ाकर
1500
रुपये
किये
जाने
का
अनुरोध
किया
है।
उक्तानुसार
पेंशन
वृद्धि
का
अनुरोध
है।
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वर्तमान
पेंशन जरूरतों
के
हिसाब
से
बेहद
कम
फिलहाल,
60
वर्ष
या
उससे
अधिक
उम्र
के
लोगों
को
वृद्धजन
पेंशन
योजना
के
तहत
600
मासिक
सहायता
मिलती
है,
जो
उनकी
जरूरतों
के
हिसाब
से
बेहद
कम
है।
वहीं,
विधवा
(कल्याणी)
महिलाओं
और
दिव्यांगजनों
को
भी
इसी
राशि
पर
गुजारा
करना
पड़
रहा
है।
इस
समस्या
को
देखते
हुए
सरकार
पेंशन
राशि
को
बढ़ाने
पर
विचार
कर
रही
है।
पेंशन
बढ़ने
से
सरकार
पर
क्या
होगा
असर?
वर्तमान
में,
सरकार
55
लाख
से
ज्यादा
लाभार्थियों
को
हर
महीने
331
करोड़
की
पेंशन
राशि
वितरित
करती
है।
यदि
नई
योजना
को
मंजूरी
मिलती
है,
तो
सरकार
को
हर
महीने
लगभग
₹827
करोड़
रुपये
खर्च
करने
होंगे।
यानी
सरकार
पर
हर
महीने
496
करोड़
का
अतिरिक्त
वित्तीय
बोझ
बढ़ेगा।