
छिंदवाड़ा
जिले
के
अमरवाड़ा
में
एक
सरकारी
स्कूल
के
चपरासी
ने
जिंदगी
खत्म
कर
ली।
वार्ड
नंबर
9
में
रहने
वाले
56
साल
के
सरवन
जावरे
ने
गुरुवार
को
जहरीला
पदार्थ
खा
लिया।
परिवार
वालों
ने
उन्हें
तुरंत
अस्पताल
पहुंचाया,
लेकिन
जान
नहीं
बच
सकी।
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सरवन
जावरे
शासकीय
माध्यमिक
शाला
कोहपानी
में
चपरासी
थे।
सुबह
की
चाय
के
बाद
वह
कमरे
में
गए
और
दरवाजा
बंद
कर
लिया।
कुछ
देर
बाद
जब
वह
बाहर
नहीं
निकले
तो
परिजन
ने
दरवाजा
तोड़ा।
अंदर
देखा
तो
वह
अचेत
पड़े
थे।
पास
में
ही
एक
बोतल
में
जहरीला
पदार्थ
था।
उन्हें
फौरन
अमरवाड़ा
अस्पताल
ले
जाया
गया,
लेकिन
इलाज
के
दौरान
उन्होंने
दम
तोड़
दिया।
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गन
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शुरू
हुआ
विवाद
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राजनीतिक
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भाजपा
नेता
विजय
पांडे
और
बेटों
पर
केस
दर्ज
लालू
चौरसिया
मांग
रहा
था दो
लाख
रुपए
सरवन
ने
अपनी
मौत
से
पहले
एक
सुसाइड
नोट
छोड़ा।
उसमें
लिखा
कि
लालू
चौरसिया
नामक
व्यक्ति
उनसे
दो
लाख
रुपए
मांग
रहा
था।
जब
उन्होंने
पैसे
देने
से
मना
किया,
तो
जान
से
मारने
की
धमकी
दी
गई।
यह
डर
और
मानसिक
तनाव
इतना
बढ़
गया
कि
सरवन
ने
आत्महत्या
जैसा
बड़ा
कदम
उठा
लिया।
अमरवाड़ा
थाना
प्रभारी
राजेंद्र
धुर्वे
ने
बताया
कि
मामला
संज्ञान
में
लिया
गया
है।
सुसाइड
नोट
को
जब्त
कर
लिया
गया
है
और
मृतक
के
परिजनों
के
बयान
दर्ज
किए
जा
रहे
हैं।
जिन
व्यक्तियों
के
नाम
सामने
आए
हैं,
उनसे
भी
पूछताछ
की
जाएगी।
फिलहाल
मर्ग
कायम
कर
जांच
शुरू
कर
दी
गई
है।
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के
नशे
में
बेटे
ने
पीट-पीटकर
कर
दी
पिता
की
हत्या,
सड़क
से
घसीटकर
घर
में
रखा
शव
जाने
वाले
ने
पीछे
छोड़
दिए
सवाल…
सरवन
जावरे
की
मौत
ने
मोहल्ले
और
स्कूल
दोनों
में
गहरी
उदासी
फैला
दी
है।
पड़ोसी
बताते
हैं
कि
वह
बेहद
शांत
स्वभाव
के
और
अपने
काम
में
ईमानदार
थे।
किसी
से
ऊंची
आवाज
में
बात
करते
नहीं
देखा
गया।
एक
पड़ोसी
ने
कहा
कि
सरवन
भैया
तो
हर
त्यौहार
पर
बच्चों
को
टॉफी
बांटते
थे,
कभी
सोचा
नहीं
था
कि
वो
इतना
बड़ा
कदम
उठा
लेंगे।