
धार
की
मनावर
पुलिस
ने
एक
अंधे
कत्ल
का
चौंकाने
वाला
खुलासा
किया
है
जहां
बड़े
भाई
और
भाभी
ने
मिलकर
महज
ज़मीन
के
लालच
में
अपने
छोटे
भाई
की
हत्या
की
साजिश
रची।
ढाई
लाख
रुपए
में
भाई
की
हत्या
करवा
दी,
ये
पूरा
मामला
किसी
फिल्मी
कहानी
से
कम
नहीं
है।
निसरपुर
थाना
अंतर्गत
23
अप्रैल
कों
मलवाडा
घाट,
नर्मदा
नदी
के
किनारे
एक
अज्ञात
शव
बरामद
होता
है।
शव
की
पहचान
नहीं
हो
पाती
है।
निसरपुर
पुलिस
ने
दो-तीन
दिन
इंतजार
करने
के
बाद
अज्ञात
शव
का
अंतिम
संस्कार
कर
दिया।
मरने
वाले
के
दाहिने
हाथ
पर
दिल
और
अंदर
GM
और
बाएं
हाथ
में
चांदी
कलर
के
धातु
की
अंगूठी
थी।
बस
पुलिस
को
लगा
यही
शक
हुआ
कि
मरने
वाला
कोई
खास
व्यक्ति
था।
मृतक
के
मामले
में
तफ्तीश
की
गई।
तो
पता
चलता
है
कि 22
अप्रैल
2025
को
एक
व्यक्ति
की
गुमशुदगी
की
रिपोर्ट
मनावर
थाने
में
दर्ज
करवाई
गई
है।
पुलिस
दोनों
मामलों
को
जोड़ती
है
और
गुमशुदगी
दर्ज
कराने
वाली
महिलों
को
मृतक
के
बारे
में
बताया
जाता
है।
महिला
मरने
वाले
को
अपना
पति
बताती
है।
फिर
पुलिस
जमीन
के
अंदर
दफनाई
गई
लाश
को
बाहर
निकालती
है।
शव
की
पहचान
गलसिंह
पिता
प्रताप,
निवासी
ग्राम
देवरा
के
रूप
में
होती
है।
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की
मूर्ति
से
खिलवाड़,
पहली
बार
चोरी,
दूसरी
बार
तोड़ी,
तीसरी
बार
फिर
से
किया
गया
स्थापित
पुलिस
को
जांच
के
दौरान
शक
होता
है
कि
ये
कोई
सामान्य
मौत
नहीं,
बल्कि
एक
सुनियोजित
हत्या
है,
जैसे-जैसे
मर्ग
जांच
आगे
बढ़ती
है
वैसे-वैसे
चौंकाने
वाले
खुलासे
सामने
आते
हैं,
दरअसल
गलसिंह
ने
दस
महीने
पहले
पिता
की
ज़मीन
अपनी
पत्नी
संगीता
के
नाम
करवा
दी
थी।
बस
यहीं
से
बड़े
भाई
भाभी
के
मन
में
छोटे
भाई
गलसिंह
के
लिए
दुश्मनी
की
कहानी
शुरू
हुई।
बड़े
भाई
छोटू
और
उसकी
पत्नी
रेखा
के
दिल
में
दुश्मनी
के
चलते
गलसिंह
को
रास्ते
से
हटाने
की
बात
आती
है।
इसके
बाद
बड़े
भाई
और
भाभी
अपने
एक
सहयोगी महेन्द्र
और
उसकी
पत्नी
सपना
के
साथ
मिलकर
सपना
को
गलसिंह
से
प्रेम
जाल
में
फंसाने
का
प्लान
बनाते
हैं।
सपना
और
गलसिंह
के
बीच
बातचीत
शुरू
होती
है,
प्रेम
संबंध
बनते
हैं
और
फिर
गलसिंह
को
मनावर
बुलाया
जाता
है,
मनावर
में
गलसिंह
को
खाटू
श्याम
मंदिर
के
पास
लाया
जाता
है।
जहाँ
इन
चारों
के
अळावा
कुछ
और
लोग
रहते
हैं।
सभी
गलसिंह
को
जमकर
पीटते
हैं।
दुपट्टा
बांधकर
दम
घोंट
देते
हैं।
फिर
शव
को
गाड़ी
में
डालकर
बड़वानी
पुलिया
से
नर्मदा
नदी
में
फेंक
दिया
जाता
है।
इस
हत्या
के
लिए
छोटू
ने
ढाई
लाख
रुपये
का
सौदा
किया
होता
है।
सभी
को
ये
रकम
दी
जाती
है।
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में
जल
रहा
यूनियन
कार्बाइड
का
जहरीला
कचरा,
हर
घंटे
में
हो
रहा
270
किलो
कचरे
का
निष्पादन
मनावर
पुलिस
की
सतर्कता
और
तकनीकी
जांच
से
हत्या
का
पर्दाफाश
हुआ,
निरीक्षक
ईश्वरसिंह
और
उनकी
टीम
ने
दिन-रात
मेहनत
कर
आठ
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है,
घटना
में
शामिल
छोटू,
रेखा,
महेन्द्र,
सपना
करण,
रोहित,
कपिल
उर्फ
भुरू,
रोहित
उर्फ
अल्लू
को
गिरफ्तार
कर
लिया
गया
है।