
सोहागपुर
थाने
के
पुलिस
कर्मियों
पर
शासकीय
जिला
चिकित्सालय
में
पदस्थ
एक
शिशु
रोग
विशेषज्ञ
के
साथ
मारपीट
करने
का
आरोप
लगा
है।
आरोप
है
कि
होमगार्ड
ग्राउंड
के
सामने
रहने
वाले
डॉक्टर
के
साथ
न
केवल
घर
के
सामने
मारपीट
की
गई,
बल्कि
उन्हें
पुलिस
वाहन
में
जबरन
बैठाकर
सोहागपुर
थाना
ले
जाया
गया।
वहां
छह
पुलिस
कर्मियों
ने
डाॅक्टर
की
डंडे
और
लात-घूंसों
से
जमकर
पिटाई
कर
उन्हें
अधमरा
कर
दिया।
मारपीट
में
बुरी
तरह
घायल
हुए
डॉक्टर
का
मेडिकल
कॉलेज
में
उपचार
चल
रहा
है।
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Trending
Videos
इस
घटना
के
बारे
में
स्वयं
पीड़ित
डॉक्टर
कृष्नेंद्र
द्विवेदी
ने
बताया
कि
वह
शासकीय
कुशाभाऊ
जिला
चिकित्सालय
में
शिशु
रोग
विशेषज्ञ
के
रूप
में
पदस्थ
हैं।
बीती
रात
एक
इमरजेंसी
कॉल
के
बाद
मैं
अस्पताल
से
अपने
घर
लगभग
सवा
एक
बजे
पहुंचा।
मैंने
घर
के
बाहर
गाड़ी
से
ही
पत्नी
को
फोन
करके
दरवाजा
खोलने
के
लिए
कहा।
इस
बीच
वहां
पुलिस
का
एक
वाहन
पहुंचा,
जिसमें
दो
लोग
मौजूद
थे।
इनमे
से
एक
ने
वर्दी
पहन
रखी
थी,
जबकि
दूसरा
सिविल
ड्रेस
में
था।
उक्त
पुलिस
कर्मियों
ने
पहले
तो
मुझसे
इतनी
रात
में
बाहर
सड़क
किनारे
खड़े
होने
के
बारे
में
पूछा।
जिस
पर
मैंने
कहा
कि
यह
सामने
मेरा
घर
है,
लेकिन
उक्त
पुलिस
कर्मियों
को
मेरी
बात
गलत
लगी
और
उन्होंने
मुझे
गालियां
देना
शुरू
कर
दी।
मेरे
द्वारा
विरोध
करने
पर
मुझे
मेरी
गाड़ी
से
नीचे
उतारकर
डंडे
से
मारना
शुरू
कर
दिया।
इस
दौरान
पत्नी
और
पिता
घर
से
बाहर
निकले
और
वह
हाथ
जोड़कर
पुलिस
कर्मियों
से
विनती
कर
रहे
थे
कि
मत
मारो।
इतना
ही
नहीं
मुझे
पुलिस
वाहन
में
जबरन
बैठाकर
सोहागपुर
थाना
ले
आए।
मुझे
थाना
लाने
वाले
पुलिस
कर्मियों
में
एएसआई
सुखवंत
और
एक
अन्य
सिविल
ड्रेस
वाला
व्यक्ति
था।
थाना
लाने
के
बाद
दोनों
मुझे
जबरन
लाॅकअप
के
अंदर
डाल
दिए।
वहां
एएसआई
सुखवंत
समेत
पांच
से
छः
अन्य
पुलिस
कर्मियों
द्वारा
मेरे
साथ
डंडे
एवं
लात
घूंसों
से
जमकर
मारपीट
की
गई।
उक्त
पुलिस
कर्मियों
ने
जब
तक
मेरे
साथ
मारपीट
बंद
नहीं
की
जब
तक
मैं
अचेत
नहीं
हो
गया।
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मेडिकल
कॉलेज
में
चल
रहा
उपचार
डाॅक्टर
के
साथ
रात
में
मारपीट
के
बाद
सुबह
पुलिस
उनकी
एमएलसी
कराने
मेडिकल
कॉलेज
लेकर
गए।
वहां
उनके
शरीर
पर
गंभीर
चोट
को
देखते
हुए
एडमिट
कर
लिया
गया।
पीड़ित
चिकित्सक
के
पूरे
शरीर
में
गंभीर
चोटें
दिखाई
दे
रही
हैं।
वह
सही
से
खड़े
भी
नहीं
हो
पा
रहें
हैं।
ये
भी
पढ़ें- मंत्री
शाह
और
डिप्टी
सीएम
के
बयान
को
लेकर
पूर्व
सैनिकों
ने
जताया
विरोध,
सड़को
पर
उतरने
की
दी
चेतावनी
पुलिस
के
खिलाफ
फूटा
आक्रोश
चिकित्सक
के
साथ
की
गई
इस
बर्बरता
की
खबर
जैसे
ही
सुबह
फैली
तो
चिकित्सकों
का
गुस्सा
फूट
पड़ा।
जिला
चिकित्सालय
समेत
अन्य
चिकित्सक
सभी
एकजुट
होकर
कमिश्नर
के
पास
पहुंचे
और
दोषी
पुलिस
कर्मियों
पर
कार्रवाई
की
मांग
की
है।
सभी
ने
एक
सुर
में
कहा
कि
इस
घटना
की
निष्पक्ष
रूप
से
जांच
कराकर
दोषी
पुलिस
कर्मियों
के
खिलाफ
कड़ी
वैधानिक
कार्रवाई
की
जाए।
साथ
ही
चेतावनी
देते
हुए
कहा
कि
अगर
शीघ्र
इस
पर
कार्रवाई
नहीं
की
जाती
है
तो
फिर
हम
लोग
कड़े
कदम
उठाने
को
मजबूर
होंगे।
वहीं
जिला
अस्पताल
के
सारे
डॉक्टर,
मेडिकल
कॉलेज
पहुंचे
और
उपचार
ले
रहे
पीड़ित
डॉक्टर
से
मुलाकात
की।
ये
भी
पढ़ें- कर्ज
से
परेशान
होकर
युवती
ने
किया
था
सुसाइड,
परिवार
को
कर्ज
का
पता
ही
नहीं
था
दोषियों
पर
हो
कड़ी
कार्रवाई
इस
संबंध
में
इंडियन
मेडिकल
एसोसिएशन
के
महासचिव
डाॅक्टर
आदित्य
द्विवेदी
ने
कहा
कि
उक्त
घाटना
की
निष्पक्ष
रूप
से
जांच
कराकर
दोषी
के
खिलाफ
कड़ी
कार्रवाई
की
जाए।
वहीं
पुलिस
अधीक्षक
राम
जी
श्रीवास्तव
से
बात
की
गई
तो
उन्होंने
कहा
कि
डॉक्टर
और
उनके
परिजनों
की
ओर
से
इस
मामले
की
कोई
शिकायत
थाने
में
नहीं
दी
गई
है।
मुझे
मीडिया
के
माध्यम
से
जानकारी
मिली
थी।
मैंने
एक
डीएसपी
और
टीआई
को
मेडिकल
कॉलेज
डॉक्टर
के
बयान
के
लिए
भेजा
है।
रही
बात
मारपीट
की
तो
रात्रि
गश्ती
के
दौरान
डॉक्टर
और
पुलिस
कर्मी
के
बीच
कुछ
कहासुनी
हुई
थी,
जिसमें
हाथापाई
हुई
है।
पुलिसकर्मी
का
भी
मेडिकल
करवाया
गया
है।
जांच
के
बाद
कार्रवाई
की
जाएगी।