
रीवा
के
मनगवां
से
भाजपा
विधायक
नरेंद्र
प्रजापति
एक
बार
फिर
अपने
बयान
को
लेकर
विवादों
में
आ
गए
हैं।
तिरंगा
यात्रा
के
बाद
एक
जनसभा
को
संबोधित
करते
हुए
उन्होंने
दावा
किया
कि
भारत
ने
पाकिस्तान
के
साथ
सीजफायर
संयुक्त
राष्ट्र
(UN)
के
आदेश
पर
किया
है।
यह
बयान
ऐसे
समय
पर
आया
है
जब
भारत
सरकार
खुद
साफ
कर
चुकी
है
कि
उसने
किसी
बाहरी
दबाव
में
यह
निर्णय
नहीं
लिया।
ये
भी
पढ़ें-सेना
का
पाकिस्तान
पर
करारा
प्रहार,
इन
नेताओं
की
बदजुबानी
से
मचा
बवाल,
ऐसे
बिगड़ते
गए
बोल
तिरंगा
यात्रा
की
सभा
में
भाजपा
विधायक
नरेन्द्र
प्रजापति
ने
कहा,
‘भारत
ने
1973
और
63
की
लड़ाई
लड़ी।
उसमें
पाकिस्तान
को धूल
चटाने
का
काम
किया
है।
मैं
तो
ये
बात
कहता
हूं
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
यह
जो
कार्यक्रम
आयोजित
हो
रहा
है पाकिस्तान
समाप्त
कर
दिया
जाता अगर
कहीं
यूनाइटेड
नेशन
के
द्वारा
सीजफायर
का
हम
लोगों
को
आदेश
ना
आता।
सीजफायर
अगर
ना
होता
तो
मैं
समझता
हूं
कि मोदी
जी
ने
जो बात
कही
थी
कि
बहुत
ही
तरीके
से
बहुत
ही जल्दी
जवाब
दिया
जाएगा
और
बहुत
करारा
जवाब
दिया
जाएगा।’
मंच
इस
बयान
के
बाद
विधायक
ने
इस
मामले
में
सफाई
भी
दी।
उन्होंने
कहा
कि
मेरे
बयान
में
यूएन
को
यूएस
पढ़ा
और
समझा
जाए।
हालांकि
इस
मसले
पर
कांग्रेस
नेता
अरुण
यादव
ने
आपत्ति
जताई
है।
उन्होंने
एक्स
पर
लिखा
कि
इस
पर
भाजपा
को
जवाब
देना
चाहिए।
अब
तो
भारतीय
जनता
पार्टी
के
विधायक
नरेंद्र
प्रजापति
खुद
कह
रहे
हैं
कि
ऑपरेशन
सिंदूर
को
लेकर
अकस्मात
किया
गया
सीजफायर
यूनाइटेड
नेशंस
के
निर्देश
पर
ही
हुआ
था,
अब
तो
रक्षा
मंत्री
श्री
राजनाथ
सिंह,
प्रधानमंत्री
श्री
नरेंद्र
मोदी
को
देश
को
बताना
होगा
कि
मध्यस्थ
से
भी
बड़ा
मध्यस्थ
कौन…
pic.twitter.com/xmR3gnSUbq—
Arun
Subhashchandra
Yadav
(@MPArunYadav)
May
17,
2025
ये
भी
पढ़ें-मंत्री
शाह
का
भाषण
जिन्होंने
रूबरू
सुना,
उसकी
गवाही
लेगी
अब
पुलिस
इससे
पहले
भी
भाजपा
के
कई
नेताओं
के
विवादित
बयान
सामने
आ
चुके
हैं।
मंत्री
विजय
शाह
ने
महिला
सैन्य
अधिकारी
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
को
लेकर
आपत्तिजनक
टिप्पणी
की
थी,
जिसमें
उन्हें
आतंकवादियों
की
बहन
तक
कह
दिया
गया।
वहीं,
मध्यप्रदेश
के
डिप्टी
सीएम
जगदीश
देवड़ा
ने
बयान
दिया
कि
प्रधानमंत्री
मोदी
के
चरणों
में
सेना
और
देश
का
हर
नागरिक
समर्पित
है,
जिससे
लोकतांत्रिक
मूल्यों
को
लेकर
भी
सवाल
उठे।