
मैहर
में
एक
सड़क
हादसे
के
बाद
घायलों
का
इलाज
सिविल
अस्पताल
में
टॉर्च
की
रोशनी
में
किया
गया।
शनिवार
की
शाम
एनएच-30
पर
एक
कार
दुर्घटनाग्रस्त
हो
गई
थी।
घायलों
को
अस्पताल
लाया
गया,
लेकिन
बिजली
गुल
होने
के
कारण
डॉक्टरों
को
टॉर्च
की
रोशनी
में
इलाज
करना
पड़ा।
इस
घटना
ने
सरकार
के
स्वास्थ्य
सेवाओं
के
दावों
की
पोल
खोल
दी
है।
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का
पाकिस्तान
पर
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प्रहार,
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की
बदजुबानी
से
मचा
बवाल,
ऐसे
बिगड़ते
गए
बोल
जानकारी
के
अनुसार,
एक
तेज
रफ्तार
कार
अमरपाटन
से
लौट
रही
थी।
कार
में
एक
ही
परिवार
के
सदस्य
सवार
थे।
तभी
सड़क
पर
अचानक
एक
मवेशी
आ
गया।
मवेशी
को
बचाने
की
कोशिश
में
गाड़ी
अनियंत्रित
होकर
पलट
गई।
पलटने
के
बाद
कार
में
आग
लग
गई।
इस
घटना
में
कुन्तु
सेन
(35),
अभिषेक
सेन
(20),
अनन्य
सेन
(10)
और
निधि
सेन
(7)
को
मामूली
चोटें
आईं।
कार
चालक
बृजेंद्र
सोंधिया
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गए।
सभी
घायल
मैहर
के
वार्ड
क्रमांक
छह
के
रहने
वाले
हैं।
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ने
नाम
बदलकर
मुस्लिम
युवती
को
फंसाया,
दुष्कर्म
कर
धर्म
बदलने
का
दबाव
बनाया;
मप्र
का
ऐसा
पहला
मामला
सीएसपी
ने
दिखाई
मानवता,
पहुंचाया
अस्पताल
हादसे
के
बाद
मैहर
के
सीएसपी
राजीव
पाठक
ने
मानवता
दिखाई।
वह
मौके
से
गुजर
रहे
थे।
उन्होंने
तत्काल
रुककर
ग्रामीणों
की
मदद
से
कार
में
लगी
आग
बुझाई
और
घायलों
को
कार
से
बाहर
निकालकर
अपने
वाहन
से
मैहर
सिविल
अस्पताल
पहुंचाया।
अस्पताल
पहुंचने
के
बाद
एक
और
मुसीबत
सामने
आई।
इलाज
के
दौरान
अस्पताल
की
बिजली
चली
गई।
ऐसे
में
डॉक्टरों
को
मोबाइल
की
टॉर्च
की
रोशनी
में
घायलों
का
इलाज
करना
पड़ा।
करीब
एक
घंटे
तक
बिजली
नहीं
आई,
जिससे
इलाज
में
काफी
परेशानी
हुई।
घायलों
के
परिवारजनों
और
वहां
मौजूद
लोगों
ने
अस्पताल
में
बिजली
का
बैकअप
नहीं
होने
पर
प्रबंधन
के
खिलाफ
नाराजगी
जाहिर
की।