
दमोह
जिले
के
बटियागढ़
थाना
क्षेत्र
के
महुअट
गांव
के
सरकारी
स्कूल
परिसर
में
एक
शिक्षक
का
शव
रविवार
सुबह
में
फंदे
से
लटका
मिला।
शिक्षक
जिस
स्कूल
में
पदस्थ
थे
वहीं
उन्होंने
फांसी
लगा
ली।
ग्रामीणों
ने
शव
देखा
तो
शिक्षक
के
घर
सूचना
दी
परिजन
मौके
पर
पहुंची
और
पुलिस
को
बुलाया।
शव
का
पोस्टमार्टम
कराकर
परिजनों
के
सुपर्द
कर
मामला
जांच
में
लिया
है।
घटना
का
कारण
अज्ञात
है।
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सकती
है
बड़ी
घटना
विज्ञापन
बताया
गया
कि
शनिवार
सुबह
करीब
11
बजे
मृतक
शिक्षक
माधव
सिंह
लोधी
अपने
घर
से
निकले
थे।
दोपहर
में
वह
पास
के
ही
गांव
मगरोन
के
स्कूल
भी
गए
थे
और
शाम
को
वापस
फिर
गांव
पहुंचे
थे।
मृतक
शिक्षक
के
बेटे
जगदीश
लोधी
ने
बताया
कि
शनिवार
शाम
करीब
पांच
बजे
सभी
ने
उन्हें
गांव
में
देखा
था।
सब
कुछ
ठीक
था
इसीलिए
किसी
तरह
का
संदेह
नहीं
हुआ।
रात
10:30
बजे
तक
जब
वह
घर
नहीं
पहुंचे
तो
हमने
उनकी
खोजबीन
शुरू
की।
गांव
में
पूछा,
कुछ
रिश्तेदारों
को
भी
फोन
लगाए,
लेकिन
कहीं
कोई
सुराग
नहीं
लगाया।
सुबह
करीब
दस
बजे
खबर
मिली
की
स्कूल
परिसर
में
उनका
शव
एक
पेड़
पर
फंदे
से
लटका
है।
पुलिस
को
खबर
की
गई।
पुलिस
ने
मौके
पर
पहुंच
कर
शव
को
अपने
कब्जे
में
किया
और
पोस्टमार्टम
कराने
के
बाद
परिजनों
को
सौंप
दिया।
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खुशी
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बाल-बाल
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जानकारी
के
अनुसार
मृतक
शिक्षक
माधव
सिंह
इसी
गांव
में
रहते
थे
और
गांव
के
ही
सरकारी
स्कूल
में
प्राथमिक
स्कूल
के
शिक्षक
के
तौर
पर
पदस्थ
थे,
जहां
पर
उनका
शव
लटका
मिला
है।
हालांकि
इस
समय
स्कूल
की
छुट्टियां
चल
रही
हैं,
लेकिन
अभी
तक
शिक्षक
की
मौत
से
जुड़ा
कारण
स्पष्ट
नहीं
हो
पाया
है।
स्थानीय
लोगों
के
अनुसार
शिक्षक
माधव
काफी
सहज
और
सरल
स्वभाव
के
व्यक्ति
थे।
उनका
किसी
से
कोई
विवाद
नहीं
था।
उनके
चार
बेटे
हैं,
चारों
की
शादियां
हो
चुकी
है
और
सभी
खुशी-खुशी
अपने
परिवार
चला
रहे।
पुलिस
ने
मर्ग
कम
कर
मामले
की
जांच
शुरू
कर
दी।