Indore News: सीएम ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ, कल मालवी परंपरा से होगा मंत्रियों का स्वागत

इंदौर
का
राजवाड़ा
20
मई
को
ऐतिहासिक
निर्णयों
का
साक्षी
बनेगा।
इस
राजवाड़ा
में
मध्यप्रदेश
सरकार
की
मंत्रिमंडल
की
विशेष
बैठक
आयोजित
हो
रही
है।
यह
बैठक
लोकमाता
देवी
अहिल्याबाई
होलकर
की
300वीं
जयंती
को
चिरस्थायी
बनाए
जाने
के
उद्देश्य
से
आयोजित
होगी।
यह
इंदौर
के
लिए
गौरव
का
ऐतिहासिक
क्षण
होगा।
मध्यप्रदेश
मंत्रिमंडल
की
विशेष
बैठक
के
लिए
राजवाड़ा
को
आधुनिक
और
परम्परागत
शैली
के
अनुसार
सजाया
गया
है।
यह
पहला
अवसर
होगा
जब
प्रदेश
मंत्रिमंडल,
ऐतिहासिक
विरासत
से
युक्त
इस
भव्य
स्थल
पर
एकत्रित
होकर
जनहित
से
जुड़ी
महत्वपूर्ण
नीतियों
पर
मंथन
करेगा।

विकास
यात्रा
पर
आधारित
प्रदर्शनी
का
किया
शुभारंभ

राजवाड़ा
में
होने
वाली
कैबिनेट
बैठक
की
पूर्व
संध्या
पर
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
राजवाड़ा
स्थित
देवी
अहिल्या
उद्यान
के
पास
लोकमाता
देवी
अहिल्या
बाई
के
जीवन
दर्शन
से
प्रेरित
राज्य
शासन
की
योजना
और
कार्यों
पर
आधारित
विकास
यात्रा
प्रदर्शनी
का
शुभारंभ
किया।
मुख्यमंत्री
ने
प्रदर्शनी
का
अवलोकन
किया
और
इसकी
सराहना
की।
यह
प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
नेतृत्व
में
बनी
मंत्रिपरिषद
द्वारा
वर्ष
2023
से
लेकर
अब
तक
लिए
गए
महत्वपूर्ण
निर्णयों
और
उन
पर
अमल
पर
आधारित
है।
प्रदर्शनी
में
केन्द्र
शासन
और
राज्य
शासन
द्वारा
चलायी
जा
रही
विभिन्न
कल्याणकारी
योजनाओं
और
कार्यक्रमों
को
भी
विशेष
रूप
से
प्रदर्शित
किया
गया
है। 


राजवाड़ा
को
सांस्कृतिक
वैभव
के
प्रतीक
के
रूप
में
सजाया
गया 

इस
बैठक
को
गरिमा
और
परंपरा
का
संगम
बनाने
के
लिए
व्यापक
तैयारियां
की
गई
हैं।
राजवाड़ा
को
सांस्कृतिक
वैभव
के
प्रतीक
के
रूप
में
सजाया
गया
है।
राजवाड़ा
में
मां
देवी
अहिल्या
बाई
होलकर
की
स्मृति
में
पारंपरिक
शैली
और
आधुनिक
साज-सज्जा
की
गई
है।
भवन
के
भीतर
और
बाहर
मालवी
संस्कृति
की
झलक
स्पष्ट
रूप
से
दिखाई
दे
रही
है।
प्रकाश,
पुष्प
एवं
पारंपरिक
सजावट
का
संयोजन
इसे
एक
अलग
विशेष
स्वरूप
प्रदान
कर
रहा
है।


देवी
अहिल्या
बाई
होलकर
को
नमन
से
होगी
बैठक
की
शुरुआत

बैठक
का
शुभारंभ
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
एवं
समस्त
मंत्रीगण
द्वारा
मां
देवी
अहिल्याबाई
की
प्रतिमा
पर
माल्यार्पण
से
होगा।
इसके
उपरांत
वे
राजवाड़ा
में
प्रवेश
करेंगे,
जहां
भूतल
पर
मंत्रिमंडल
की
बैठक
आयोजित
की
जाएगी।
बैठक
में
प्रदेश
के
विकास,
जनकल्याण,
सुशासन
से
जुड़ी
योजनाओं
पर
चर्चा
संभावित
है।


मालवी
परंपरा
में
होगा
स्वागत
और
भोजन

आयोजन
में
आने
वाले
समस्त
अतिथियों
के
स्वागत-सत्कार
की
व्यवस्था
मालवी
परंपरा
के
अनुरूप
की
गई
है।
बैठक
के
उपरांत
प्रथम
तल
पर
पारंपरिक
मालवी
भोज
का
आयोजन
किया
जाएगा,
जिसमें
स्थानीय
व्यंजन
विशेष
रूप
से
दाल-बाटी,
दही
बड़ा,
मावा
बाटी
आदि
परोसे
जाएंगे।


अस्थायी
सचिवालय
एवं
सुरक्षा
की
चाकचौबंद
व्यवस्था

राजवाड़ा
परिसर
में
अस्थायी
सचिवालय
की
स्थापना
की
गई
है,
जहां
बैठक
के
संबंध
में
सभी
प्रशासनिक
गतिविधियां
संचालित
होंगी।
सुरक्षा
के
लिए
विशेष
पुलिस
दल
तैनात
किया
गया
है।
परिवहन,
आवास
और
सुरक्षा
की
सभी
व्यवस्थाओं
के
लिए
अधिकारियों
को
अलग-अलग
जिम्मेदारियां
सौंपी
गई
हैं।
लाइजनिंग
अधिकारियों
की
नियुक्ति
मंत्रियों
एवं
वरिष्ठ
अधिकारियों
के
सहयोग
हेतु
की
गई
है।


देवी
अहिल्याबाई
होलकर
के
जीवन
और
सुशासन
पर
आधारित
प्रदर्शनी

इस
ऐतिहासिक
बैठक
के
साथ-साथ
विविध
प्रदर्शनी
का
आयोजन
भी
किया
जा
रहा
है।
इसमें
एक
खंड
देवी
अहिल्याबाई
होलकर
के
जीवन,
व्यक्तित्व
एवं
कृतित्व
पर
आधारित
प्रदर्शनी
का
होगा।
इसमें
लोकमाता
के
त्याग,
सेवा,
प्रशासनिक
दक्षता,
धार्मिक
सहिष्णुता
और
समाज
कल्याण
के
विविध
दृश्य
चित्रों
और
अन्य
माध्यमों
के
जरिए
प्रस्तुत
किए
गए
हैं। 


अहिल्या
दर्शन
से
प्रेरित
राज्य
शासन
की
योजनाओं
और
कार्यों
पर
आधारित
प्रदर्शनी

इस
खंड
में
प्रदेश
सरकार
द्वारा
लोकमाता
के
सिद्धांतों
जैसे
सुशासन,
न्यायप्रियता,
महिला
सशक्तिकरण,
लोकसेवा
और
जनकल्याण
पर
आधारित
योजनाओं
का
प्रदर्शन
किया
गए
हैं।
साथ
ही
इंदौर
के
विकास
पर
आधारित
अन्य
चित्र
प्रदर्शनी
भी
लगाई
गई
है।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
द्वारा
राजवाड़ा
के
संरक्षण
एवं
पुर्नस्थापन
परियोजना
के
तहत
11.21
करोड़
रुपए
स्वीकृत
किए
गए
हैं।
इस
राशि
से
राजवाड़ा
के
दरबार
हाल
के
संरक्षण
एवं
पुर्नस्थापन
का
कार्य
किया
जाएगा।
मुख्यमंत्री
द्वारा
इन
कार्यों
का
भूमिपूजन
किया
जाना
प्रस्तावित
है।