MP News: इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक आज, 80 साल बाद होल्कर दरबार में लिए जाएंगे ये बड़े फैसले

मध्य
प्रदेश
के
इंदौर
शहर
के
ऐतिहासिक
राजवाड़ा
में
आज
मंगलवार
को
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
की
अध्यक्षता
में
कैबिनेट
की
बैठक
होने
जा
रही
है।
बैठक
की
शुरुआत
लोकमाता
अहिल्याबाई
होल्कर
की
प्रतिमा
पर
माल्यार्पण
(फूल
चढ़ाकर
सम्मान)
से
होगी।
यह
बैठक
राजवाड़ा
के
भूतल
(ग्राउंड
फ्लोर)
पर
होगी,
जिसमें
राज्य
के
विकास,
जनता
के
भले
और
बेहतर
शासन
से
जुड़ी
योजनाओं
पर
चर्चा
की
जाएगी।
इसमें
भोपाल,
इंदौर
और
ओंकारेश्वर
से
जुड़े
कई
महत्वपूर्ण
फैसले
लिए
जा
सकते
हैं।

इस
खास
बैठक
का
आयोजन
देवी
अहिल्याबाई
होल्कर
की
300वीं
जयंती
को
यादगार
बनाने
के
लिए
किया
जा
रहा
है।
पहली
बार
ऐसा
होगा
जब
मध्य
प्रदेश
की
कैबिनेट
राजधानी
भोपाल
के
बजाय
किसी
ऐतिहासिक
स्थान,
जैसे
कि
राजवाड़ा
में
बैठक
करेगी
और
जनता
से
जुड़े
मुद्दों
पर
चर्चा
करेगी।


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सरकार
ले
सकती
है
ये
बड़े
फैसले


मेट्रोपॉलिटन
रीजन
एक्ट
पर
मुहर
संभव

इंदौर
के
राजवाड़ा
में
हो
रही
कैबिनेट
बैठक
में
मध्यप्रदेश
मेट्रोपॉलिटन
नियोजन
एवं
विकास
अधिनियम
2025
(Metropolitan
Act)
को
मंजूरी
मिल
सकती
है।
इसके
लागू
होते
ही
भोपाल
और
इंदौर
को
तेजी
से
विकसित
मेट्रोपॉलिटन
क्षेत्र
के
रूप
में
विकसित
किया
जाएगा।
इससे
मध्यप्रदेश
देश
का
13वां
राज्य
बन
जाएगा,
जहां
यह
अधिनियम
लागू
होगा।

इस
योजना
के
तहत
एकीकृत
मास्टर
प्लान
(सभी
विभागों
की
साझा
योजना)
तैयार
की
जाएगी।
अगले
14
महीनों
में
एक
खास
प्लान
बनाया
जाएगा
जिसमें
रोजगार,
पर्यटन,
स्वास्थ्य,
घर
और
उद्योग
जैसे
क्षेत्रों
को
प्राथमिकता
दी
जाएगी।
इसके
लिए
18
विभागों
से
जानकारी
मांगी
गई
है।

विजन
2047:
भविष्य
के
20
साल
की
योजना

बैठक
में
एक
और
खास
मुद्दा
होगा

“विजन
2047”,
यानी
राज्य
अगले
20
साल
में
कहां
पहुंचेगा,
इस
पर
चर्चा
होगी।
इसमें
शिक्षा,
स्वास्थ्य,
बुनियादी
ढांचा,
पर्यावरण
और
महिलाओं
के
सशक्तिकरण
पर
लंबी
अवधि
की
योजनाएं
बनाई
जाएंगी।
सभी
मंत्री
अपने
अपने
विभाग
का
भविष्य
का
लक्ष्य
बताएंगे।


स्वच्छता
अभियान
2029
तक
बढ़
सकता
है

मुख्यमंत्री
स्वच्छता
अभियान
को
2029
तक
बढ़ाने
पर
भी
बैठक
में
विचार
किया
जाएगा।
इस
योजना
को
आगे
बढ़ाने
में
227
करोड़
रुपये
खर्च
होने
का
अनुमान
है,
जिसमें
से
167
करोड़
रुपये
राज्य
सरकार
खर्च
करेगी।


देवी
अहिल्याबाई
होलकर
वाइल्डलाइफ
सेंचुरी
बनने
की
तैयारी

राज्य
सरकार
इंदौर
और
खरगोन
की
सीमा
पर
फैली
कारकूट
रेंज
के
करीब
7,000
हेक्टेयर
क्षेत्र
को
देवी
अहिल्याबाई
होलकर
वाइल्डलाइफ
सेंचुरी
घोषित
करने
जा
रही
है।
यह
मध्यप्रदेश
की
26वीं
सेंचुरी
होगी
और
इसे
अहिल्याबाई
की
300वीं
जयंती
पर
पर्यावरण
संरक्षण
का
प्रतीक
माना
जाएगा।

इस
सेंचुरी
में
जनापाव
की
पहाड़ियां,
चोरल
के
जंगल
और
सुंदर
घाटियाँ
भी
शामिल
होंगी।
जनापाव
को
भगवान
परशुराम
की
जन्मस्थली
माना
जाता
है
और
यहीं
से
चंबल
समेत
8
नदियों
का
उद्गम
होता
है।
मुख्यमंत्री
इस
सेंचुरी
की
आधिकारिक
घोषणा
भी
कर
सकते
हैं।


मालवी
परंपरा
में
स्वागत
और
भव्य
भोजन
की
व्यवस्था

कैबिनेट
बैठक
में
आने
वाले
सभी
मेहमानों
का
स्वागत
मालवी
परंपरा
के
अनुसार
किया
जाएगा।
बैठक
के
बाद
राजवाड़ा
के
प्रथम
तल
पर
पारंपरिक
मालवी
भोजन
का
आयोजन
होगा।
इसमें
खासतौर
पर
स्थानीय
व्यंजन
जैसे
दाल
बाटी,
दही
बड़ा,
मावा
बाटी
आदि
परोसे
जाएंगे।



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खुलासा

राजवाड़ा
परिसर
में
एक
अस्थायी
सचिवालय
भी
बनाया
गया
है,
जहां
बैठक
से
जुड़ी
सभी
प्रशासनिक
कामकाज
होंगे।
सुरक्षा
के
लिए
खास
पुलिस
दल
तैनात
किए
गए
हैं।
बैठक
की
परिवहन,
आवास
और
सुरक्षा
की
जिम्मेदारी
अलग
अलग
अधिकारियों
को
दी
गई
है।

मंत्रियों
और
वरिष्ठ
अधिकारियों
की
मदद
के
लिए
लाइजनिंग
अधिकारी
भी
नियुक्त
किए
गए
हैं।
राजवाड़ा
भवन
का
निर्माण
श्रीमंत
मल्हारराव
होलकर
महाराज
ने
शुरू
किया
था
और
इसे
लोकमाता
अहिल्या
बाई
होलकर
ने
पूरा
किया
था।
उसी
जगह
अब
मंत्रिमंडल
की
बैठक
हो
रही
है,
जहां
उन्हें
सम्मान
दिया
जाएगा।


1945
में
हुई
थी
आखिरी
बैठक

देवी
अहिल्या
बाई
के
समय
में
राजवाड़ा
शासन
और
न्याय
का
मुख्य
केंद्र
था।
उन्हीं
की
परंपरा
को
आगे
बढ़ाते
हुए
होलकर
परिवार
के
सदस्य
इस
दरबार
हॉल
में
कई
अहम
फैसले
लेते
थे।
1945
में
यशवंतराव
तृतीय
ने
यहां
आखिरी
बार
मंत्रिमंडल
की
बैठक
की
थी।


आज
राजवाड़ा
में
बैठक
क्यों
हो
रही
है?

मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
बताया
कि
इस
दिन
लोकमाता
देवी
अहिल्या
बाई
होलकर
की
जयंती
भी
है।
साथ
ही
इसी
दिन
उनका
विवाह
दिवस
और
महाराजा
मल्हार
राव
होलकर
की
पुण्यतिथि
भी
होती
है।


तैयारी
में
जुटे
250
अधिकारी 

बैठक
के
लिए
लगभग
250
अधिकारी
अलग
अलग
जिम्मेदारियों
के
साथ
सुबह
से
काम
में
लगे
थे।
संभागायुक्त
दीपक
सिंह,
पुलिस
कमिश्नर
संतोष
सिंह
और
कलेक्टर
आशीष
सिंह
भी
हर
व्यवस्था
पर
नजर
रख
रहे
थे।