अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर विशेष कैबिनेट बैठक: महिला सशक्तिकरण से लेकर शहरी विकास तक लिए गए अहम फैसले


मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
विज़न
के
तहत
मध्य
प्रदेश
में
शहरी
विकास
को
नई
दिशा
देने
के
लिए
राज्य
सरकार
ने
“मध्य
प्रदेश
महानगर
क्षेत्र
नियोजन
एवं
विकास
अधिनियम
2025”
के
प्रारूप
को
मंजूरी
दे
दी
है।
इस
अधिनियम
के
लागू
होने
पर
दस
लाख
से
अधिक
आबादी
वाले
क्षेत्रों
में
‘महानगर
योजना
समिति’
और
‘महानगर
क्षेत्र
विकास
प्राधिकरण’
का
गठन
होगा।
राज्य
सरकार
ने
संविधान
के
74वें
संशोधन
के
प्रावधानों
के
तहत
यह
कानून
लाने
का
निर्णय
किया,
जिससे
महानगरों
का
सुनियोजित
और
संतुलित
विकास
सुनिश्चित
हो
सकेगा।
 इसमें
इंदौर
और
भोपाल
 के
क्षेत्र
शामिल
होंगे।
इंदौर
क्षेत्र
में
इंदौर,
उज्जैन,
देवास
और
धार
और
भोपाल
क्षेत्र
में
भोपाल,
सीहोर,
रायसेन,
विदिशा
और
ब्यावरा
(राजगढ़)
शामिल
होंगे।
यहां
महानगर
योजना
समिति
और
विकास
प्राधिकरण
की
स्थापना
की
जाएगी। महानगर
विकास
प्राधिकरण
द्वारा
तैयार
योजनाएं
महानगर
योजना
समिति
से
होकर
राज्य
सरकार
को
भेजी
जाएंगी।
मंजूरी
मिलने
के
बाद
इनका
क्रियान्वयन
शुरू
होगा।
योजनाओं
में
शिक्षा,
स्वास्थ्य,
औद्योगिक
विकास,
रोजगार
और
आधारभूत
संरचना
को
प्राथमिकता
दी
जाएगी।
यह 
प्राधिकरण
भविष्य
की
जरूरतों-
जैसे
सड़क,
पानी,
कृषि
भूमि
का
प्रबंधन—के
लिए
दीर्घकालिक
योजना
तैयार
करेगी।


इंदौर
मेट्रो
और
दो
हवाई
अड्डों
का
लोकार्पण
31
को
पीएम
करेंगे 

मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
भोपाल
से
ही
इंदौर
मेट्रो
प्रोजेक्ट
और
दतिया

सतना
हवाई
अड्डे
का
लोकार्पण
करेंगे।
साथ
ही
21
मई
से
31
मई
तक
मां
अहिल्या
बाई
की
300वीं
जयंती
पर
प्रदेशभर
में
विविध
सांस्कृतिक
कार्यक्रमों
का
आयोजन
होगा।
इंदौर
में
एकल
कविता
पाठ,
सांस्कृतिक
प्रस्तुतियां
और
महिलाओं
के
लिए
समर्पित
कार्यक्रम
राजवाड़ा
परिसर
में
होंगे।


राहगीर
योजना”
से
बचेगी
जान,
मिलेगा
25
हजार
का
इनाम

सड़क
हादसों
में
घायलों
की
मदद
के
लिए
मुख्यमंत्री
ने
“राहगीर
योजना”
की
घोषणा
की।
यदि
कोई
व्यक्ति
दुर्घटना
में
घायल
को
अस्पताल
पहुंचाता
है
तो
उसे 
25,000
रुपए
तक
की
प्रोत्साहन
राशि
मिलेगी।
उसे
पुलिस
द्वारा
परेशान
नहीं
किया
जाएगा,
बल्कि
सहयोग
किया
जाएगा।
योजना
के
लिए
संबंधित
व्यक्ति
को
दुर्घटना
वाली
जगह
से
108

कॉल
करना
भी
अनिवार्य
होगा। 


मुख्यमंत्री
शहरी
स्वच्छता
मिशन
को
आगे
बढ़ाया 

मुख्यमंत्री
शहरी
स्वच्छता
मिशन
को
फिर
से
प्रारंभ
किया
जाएगा।
277
करोड़
की
राशि
स्वीकृत
की
गई
है
ताकि
नगर
निगमों
को
संसाधनों
की
कमी

हो। मुख्यममंत्री
शहरी
स्वच्छता
मिशन
योजना 
2025-26
से
2028-29
तक
लागू
होगी।
इस
दौरान
राज्य
सरकार
167.74
करोड़
और
निकाय
का
अंशदान
59.31
करोड़
होगा।
कुल
अनुमानित
व्यय
227
करोड़
रुपए
खर्च
होगा।
इस
राशि
से
 सफाई
व्यवस्था
के
लिए
आधुनिक
मशीनें
दी
जाएंगी। 
इसमें
डी-स्लजिंग
वाहन,
सीवर
लाइन
सफाई
उपकरण,
ठोस
अपशिष्ट
परिवहन
वाहन
और
सफाईमित्रा
के
लिए
पीपीई
किट
खरीदी
जाएगी। 


प्रदेश
में
शुरू
होगा
लोकमाता
देवी
अहिल्या
बाई
प्रशिक्षण
कार्यक्रम 

कैबिनेट
ने
प्रदेश
में
कौशल
विकास
के
लिए
 “लोकमाता
देवी
अहिल्या
बाई
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
लागू
करने
को
स्वीकृति
दी
है।
इसमें
प्रदेश
के
युवाओं
को
रोजगार
से
जोड़ने
के
लिए
नया
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
प्रारंभ
किया
जाएगा।
इसमें
महिला
और
पुरुष
कोई
भी
शामिल
हो
सकेगा। 
MPSSDEGB
को
योजना
के
संचालन
हेतु
सैद्धांतिक
सहमति
प्रदान
की
गई।
 

वर्किंग
वुमन
हॉस्टल
के
लिए
249.66
करोड़
की
परियोजना
स्वीकृत

राज्य
सरकार
ने
सभी
औद्योगिक
क्षेत्रों
में
कार्यरत
महिलाओं
के
लिए
वर्किंग
वूमन
हॉस्टल
निर्माण
की
योजना
को
भी
मंजूरी
दी
है,
जिससे
महिला
कर्मचारियों
को
सुरक्षित
और
सुलभ
आवास
की
सुविधा
मिल
सके।बैठक
में
प्रदेश
में
वर्किंग
वुमन
हॉस्टल
के
लिए
249.66
करोड़
की
परियोजना
स्वीकृत
की
गई
है।
भारत
सरकार
की
“स्पेशल
असिस्टेंस
फॉर
कैपिटल
इन्वेस्टमेंट
2024-25”
स्कीम
के
तहत
परियोजनाएं
स्वीकृत
की
गई
है।
इसमें
औद्योगिक
पार्क
विक्रम
उद्योगपुरी
 उज्जैन
के
लिए
66.36
करोड़,
औद्योगिक
पार्क
पीथमपुर
सेक्टर-1
और
सेक्टर-2
धार
के
लिए
76.46
करोड़,
औद्योगिक
पार्क
मालनपुर-घिरौंगी,
भिंड
के
लिए
29.41
करोड़,
औद्योगिक
पार्क
मंडीदीप,
रायसेन
के
लिए
77.43
करोड़
 रुपए
को
स्वीकृति
दी
गई।
मालनपुर
परियोजना
के
लिए
भारत
सरकार
से
23.16
करोड़
स्वीकृत।
शेष
₹6.25
करोड़
एमपीआईडीसी
द्वारा
वहन
किया
जाएगा।


ओंकारेश्वर
में
“अद्वैत
लोक”
के
निर्माण
के
लिए
2195.54
करोड़
की
पुनरीक्षित
स्वीकृति

कैबिनेट
ने
एकात्मधाम
परियोजना
के
अंतर्गत
आचार्य
शंकर
संग्रहालय
“अद्वैत
लोक”
निर्माण
के
लिए
राशि
स्वीकृत।
“अद्वैत
लोक”
के
निर्माण
के
लिए
2195.54
करोड़
की
पुनरीक्षित
स्वीकृति
दी
गई
है।
इसमें
शंकराचार्य
के
जीवन,
साहित्य
और
सनातन
परंपरा
से
जुड़ी
गतिविधियों
के
लिए
पुस्तकालय,
रिसर्च
सेंटर
और
हॉस्टल
भी
बनाए
जाएंगे।
1
हजार
लोगों
के
रूकने
के
लिए
हॉस्टल
समेत
अन्य
सुविधाएं
उपलब्ध
होगी।
यहां
भारतीय
सनातन
को
समझने
के
लिए
रूक
सकेंगे। 


इंदौर
और
रीवा
मेडिकल
कॉलेजों
को
मिलेगी
आधुनिक
सुविधाएं

कैबिनेट
ने
इंदौर
के
महात्मा
गांधी
स्मृति
चिकित्सा
महाविद्यालय
से
संबंद्ध
महाराजा
यशवंतराव
चिकित्सालय
परिसर
में
 नवीन
चिकित्सालय
भवन,
मिनी
ऑडिटोरियम,
 नर्सिंग
होस्टल
और
पार्किंग
के
लिए
773.07
करोड़
की
स्वीकृति
और
चिकित्सा
महाविद्यालय
रीवा
में
श्यामशाह
चिकित्सा
महाविद्यालय
में
ओपीडी
ब्लॉक,
मेटेरनिटी
ब्लॉक,
स्टॉफ
क्वांटर,
नर्सिंग
कॉलेज
तथा
हॉस्टल
एवं
अन्य
कार्यों
के
लिए
321
करोड़
रुपए
की
स्वीकृति
दी
गई
है।