
सड़क
दुर्घटनाओं
में
घायल
लोगों
को
समय
रहते
अस्पताल
पहुंचाने
वाले
मददगार
नागरिकों
को
अब
25,000
का
इनाम
मिलेगा।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
द्वारा
शुरू
की
गई
“राहवीर
योजना”
को
मध्य
प्रदेश
में
भी
लागू
कर
दिया
गया
है।
इंदौर
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
अध्यक्षता
में
हुई
कैबिनेट
बैठक
में
योजना
को
स्वीकृति
दी
गई।
इसके
लिए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
प्रधानमंत्री
को
धन्यवाद
देते
हुए
कहा
कि
इस
योजना
से
आम
नागरिकों
में
मानवीय
संवेदनाएं
और
तत्परता
बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
बताया
कि
प्रदेश
सरकार
पहले
से
ही
108
एम्बुलेंस
और
एयर
एम्बुलेंस
सेवाएं
संचालित
कर
रही
है।
अब
केंद्र
सरकार
की
“राहवीर
योजना”
को
भी
पूरी
तरह
लागू
करते
हुए
जिला
कलेक्टरों
को
इसके
क्रियान्वयन
के
निर्देश
जारी
कर
दिए
गए
हैं।
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क्या
है
राहवीर
योजना?
यदि
कोई
नागरिक
सड़क
दुर्घटना
में
घायल
व्यक्ति
को
“गोल्डन-ऑवर”
(पहले
1
घंटे)
के
भीतर
अस्पताल
पहुंचाता
है
और
घायल
की
जान
बच
जाती
है,
तो
उस
मददगार
को
25,000
रुपए
का
इनाम
दिया
जाएगा।
यह
पुरस्कार
राशि
पहले
5,000
थी,
जिसे
अब
बढ़ाकर
25,000
कर
दिया
गया
है।
घायल
को
सीधे
अस्पताल
पहुंचाने
पर
अस्पताल
द्वारा
पुलिस
को
सूचना
दी
जाएगी
और
इसकी
एक
प्रति
उस
नागरिक
को
भी
सौंपी
जाएगी।
पुलिस
कलेक्टर
को
भी
इस
संबंध
में
पत्र
लिखेगी
और
इसके
बाद
परिवहन
विभाग
द्वारा
मददगार
के
बैंक
खाते
में
सीधे
राशि
ट्रांसफर
की
जाएगी।
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सरकार
की
मानवता
केंद्रित
पहल
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
यह
योजना
ना
सिर्फ
लोगों
को
समय
पर
चिकित्सा
सहायता
दिलाने
में
मददगार
होगी,
बल्कि
“हर
जान
कीमती
है”
की
भावना
को
भी
मजबूती
प्रदान
करेगी।
उन्होंने
प्रदेशवासियों
से
अपील
की
कि
सड़क
हादसों
में
घायल
लोगों
की
मदद
के
लिए
आगे
आएं,
क्योंकि
अब
सरकार
न
केवल
उनकी
सहायता
करेगी,
बल्कि
उन्हें
सम्मानित
भी
करेगी।