
शहडोल
जिले
के
ब्यौहारी
तहसील
के
सनौसी
और
डोडा
गांव
के
जंगलों
में
हाथियों
के
हमले
से
तीन
ग्रामीणों
की
दर्दनाक
मौत
हो
गई।
यह
क्षेत्र
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
की
सीमा
से
सटा
हुआ
है।
घटना
के
बाद
पूरे
इलाके
में
दहशत
का
माहौल
है।
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
तत्काल
जांच
के
निर्देश
दिए
हैं।
वन
विभाग
ने
भी
तेजी
से
कार्रवाई
करते
हुए
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
से
मंगलवार
सुबह
तीस
सदस्यीय
विशेष
रेस्क्यू
टीम
को
रवाना
कर
दिया।
यह
टीम
दो
प्रशिक्षित
हाथियों,
एक
विशाल
पिंजरे
और
तीन
ट्रकों
के
साथ
जंगल
में
भेजी
गई
है।
टाइगर
रिजर्व
प्रबंधन
ने
क्षेत्र
में
अलर्ट
जारी
कर
गश्त
बढ़ा
दी
थी।
रेस्क्यू
अभियान
की
कमान
संजय
और
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
क्षेत्र
संचालक
और
उपसंचालक
को
सौंपी
गई
है।
इनके
साथ
वन्यजीव
विशेषज्ञ
डॉक्टरों
और
आठ
सदस्यों
की
विशेष
निगरानी
टीम
है।
टीम
ने
दो
हाथियों
को
चिन्हित
किया
है,
जिनकी
गतिविधियों
पर
सतत
निगरानी
रखी
जा
रही
है।
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
जब
हाथियों
को
उकसाया
या
परेशान
किया
जाता
है,
तो
वे
हमलावर
हो
सकते
हैं।
कभी-कभी
उनके
झुंड
के
किसी
सदस्य
के
साथ
हुई
किसी
पुरानी
घटना
की
प्रतिक्रिया
में
भी
हाथी
आक्रामक
हो
जाते
हैं।
ग्रामीणों
द्वारा
शोर
मचाना,
खदेड़ना
या
उनके
पास
जाना
भी
ऐसी
घटनाओं
की
वजह
बन
सकता
है।
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पढ़ें-
बांधवगढ़
जंगल
से
हटे
जंगली
हाथी,
संजय
गांधी
टाइगर
रिजर्व
की
तरफ
बढ़े,
वीडियो
आया
सामने
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
उपसंचालक
पी.के.
वर्मा
ने
बताया
कि,
“हमारी
रेस्क्यू
टीम
पूरी
तरह
से
तैयार
है।
मौके
पर
दो
प्रशिक्षित
हाथी
और
पिंजरा
भेजा
गया
है।
हाथियों
की
गतिविधियों
की
निगरानी
की
जा
रही
है
और
जल्द
ही
सुरक्षित
रेस्क्यू
कर
उन्हें
जंगल
में
वापस
ले
जाया
जाएगा।”
यह
रेस्क्यू
दल
संजय
गांधी
टाइगर
रिजर्व
जाएगा
और
बिगड़ैल
हाथियों
को
रेस्क्यू
करेगा।
दोनों
हाथी
संजय
गांधी
टाइगर
रिजर्व
के
जंगलों
में
हैं।