
ऑपरेशन
सिंदूर
की
सफला
के
बाद
देश
में
विवादित
बयान
को
लेकर
जंग
छिड़ी
हुई
है। कर्नल
सोफिया
कुरैशी
पर
विवादित
बयान
देने
के
मामले
में
सुप्रीम
कोर्ट
के
निर्देश
पर
मध्यप्रदेश
सरकार
ने
विशेष
जांच
दल
(एसआईटी)
गठित
की
है।
एसआईटी
टीम
में
सागर
रेंज
के
आईजी
प्रमोद
वर्मा
को
मुखिया
बनाया
गया
है।
वर्मा
के
अलावा
एक
महिला
और
एक
पुरुष
आईपीएस
को
इस
टीम
में
शामिल
किया
गया
है।
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
एसआईटी
में
शामिल
दो
अफसरों
पर
सवाल
उठाए
हैं।
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दो
अधिकारी
मंत्री
शाह
के
साथ
किया काम
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
एक्स
पर
लिखा
कि
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
पर
दिए
गए
आपत्तिजनक
बयान
के
मामले
में
मंत्री
विजय
शाह
के
खिलाफ
सरकार
ने
जो
तीन
सदस्यीय
SIT
गठित
की
है,
उसकी
निष्पक्षता
पर
गंभीर
सवाल
उठ
रहे
हैं।सिंघार
ने
आगे
लिखा
कि
सूत्रों
से
पता
चला
है।
SIT
में
शामिल
IG
प्रमोद
वर्मा
2010
में
SP
खरगोन
थे।
उसी
वक्त
विजय
शाह
जिले
के
प्रभारी
मंत्री
थे।
डी
कल्याण
चक्रवर्ती
2018
में
SP
खरगोन
थे।
उस
समय
विजय
शाह
वन
मंत्री
थे।
नेता
प्रतिपक्ष
ने
आगे
लिखा
कि
सरकार
पर
सवाल
उठते
हैं,
क्या
सुप्रीम
कोर्ट
को
रिपोर्ट
देने
के
नाम
पर
सरकार
आंख
मिचौली
खेल
रही
है?
या
फिर
SIT
की
निष्पक्षता
सिर्फ
दिखावा
बनकर
रह
गई
है?
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एक
दिन
पहले
गठित
हुई
एसआईटी
सुप्रीम
कोर्ट
के
बाद
डीजीपी
कैलाश
मकवाना
ने
सोमवार
रात
को
जांच
के
लिए
एसआईटी
का
गठन
कर
इसका
आदेश
जारी
कर
दिया।
तीन
सदस्यीय
एसआईटी
में
1.
प्रमोद
वर्मा,
आईजी
सागर
जोन,
2.
कल्याण
चक्रवर्ती,
डीआईजी,
3.
एसएएफ,
वाहिनी
सिंह,
एसपी,
डिंडौरी
शामिल
हैं।
ये
तीनों
आईपीएस
अधिकारी
विजय
शाह
मामले
की
जांच
करेंगे।
गौरतलब
है
कि
मंत्री
विजय
शाह
ने
12
मई
को
महू
के
रायकुंडा
गांव
में
एक
कार्यक्रम
को
संबोधित
करते
हुए
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
को
आतंकवादियों
की
बहन
बताया
था।
इस
मामले
में
हाईकोर्ट
के
आदेश
पर
मंत्री
के
खिलाफ
14
मई
को
महू
के
मानपुर
थाने
में
एफआईआर
दर्ज
की
गई
थी।
जिसके
खिलाफ
विजय
शाह
सुप्रीम
कोर्ट
पहुंचे
थे।