लव-जिहाद की पड़ताल: महिला आयोग की रिपोर्ट में नेटवर्क और फंडिंग की आशंका, सरकार को सौंपी जांच सिफारिशें


राजधानी
में
कॉलेज
छात्राओं
से
जुड़े
लव-जिहाद
मामलों
को
लेकर
राष्ट्रीय
महिला
आयोग
ने
राज्यपाल
और
मुख्यमंत्री
को
अपनी
जांच
रिपोर्ट
सौंप
दी
है।
आयोग
ने
इन
घटनाओं
को
महज
व्यक्तिगत
नहीं,
बल्कि
संगठित
साजिश
का
हिस्सा
बताया
है।
रिपोर्ट
में
कहा
गया
है
कि
आरोपियों
ने
पीड़िताओं
पर
धर्मांतरण
का
दबाव
बनाया
और
उनके
पीछे
किसी
संगठित
नेटवर्क
या
फंडिंग
की
संभावना
जताई
है।
यह
रिपोर्ट
आयोग
की
एक
जांच
टीम
द्वारा
तैयार
की
गई
है,
जिसका
नेतृत्व
झारखंड
की
पूर्व
डीजीपी
निर्मल
कौर
ने
किया।
टीम
ने
3
से
5
मई
तक
भोपाल
में
रहकर
विभिन्न
पक्षों
से
जानकारी
जुटाई। आयोग
ने
अपनी
रिपोर्ट
में
अनुशंसा
की
है
कि
कुछ
शिक्षण
संस्थान
सस्ती
दरों
पर
ली
गई
जमीन
और
सरकारी
योजनाओं
का
अनुचित
लाभ
उठा
रहे
हैं।
स्कॉलरशिप
और
मुफ्त
शिक्षा
योजनाओं
की
आड़
में
शिक्षा
के
नाम
पर
व्यावसायिक
रैकेट
चलाए
जा
रहे
हैं।
ऐसी
गतिविधियों
की
गहन
जांच
होनी
चाहिए।


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रिपोर्ट
में
पुलिस
के
लिए
भी
दिए
सुझाव 

आयोग
ने
पुलिस
को
लेकर
भी
अपनी
रिपोर्ट
में
सुझाव
दिए
हैं।
इसमें
आरोपियों
के
खिलाफ
संगठित
अपराध
की
धाराओं
में
केस
दर्ज
करने
की
सिफारिश
की
गई
है।
धर्मांतरण
दबाव
और
संदिग्ध
फंडिंग
एंगल
की
जांच
करने
को
कहा
गया
है।
ड्रग्स
के
उपयोग
या
तस्करी
के
एंगल
से
भी
जांच
करने
का
सुझाव
दिया
गया
है।
साथ
ही
कहा
गया
है
कि
पीड़िताओं
की
मानसिक
स्थिति
को
देखते
हुए
पोस्ट
ट्रॉमेटिक
स्ट्रेस
डिसऑर्डर
से
बचाव
के
लिए
काउंसलिंग,
जेंडर
सेंसिटाइजेशन
और
संवाद
कौशल
में
पुलिसकर्मियों
को
प्रशिक्षित
करने
साथ
ही
मोहल्ला
समितियों
के
साथ
त्रैमासिक
बैठकें
नियमित
करने
को
कहा
गया
है। 


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कॉलेजों
के
लिए
दिशा-निर्देश

सभी
कॉलेजों
को
POSH
(प्रिवेंशन
ऑफ
सेक्सुअल
हरासमेंट)
नियमों
का
अनुपालन
सुनिश्चित
कर
इसकी
रिपोर्ट
प्रशासन
को
देना
अनिवार्य
किया
गया
है।
इसमें
निर्देश
दिए
गए
है
कि
आंतरिक
शिकायत
समितियों
को
प्रशिक्षित
किया
जाए।
संस्थानों
में
हेल्पलाइन
नंबर
और
ई-मेल
आईडी
स्पष्ट
रूप
से
प्रदर्शित
हों।
स्कॉलरशिप
प्राप्त
छात्रों
की
उपस्थिति
और
कॉलेज
छोड़ने
के
कारणों
का
रिकॉर्ड
रखना
जरूरी।
महिला
केंद्रित
योजनाओं
की
राशि
के
उपयोग
और
वितरण
की
जानकारी
भी
साझा
की
जाए।


क्यों
जरूरी
है
गहन
जांच?

रिपोर्ट
में
कहा
गया
है
कि
गिरफ्तार
आरोपी
छात्राओं
को
महंगे
उपहार,
ब्रांडेड
कपड़े
और
बाइक
जैसी
चीजों
से
लुभाकर
प्रेम-जाल
में
फंसा
रहे
थे।
जबकि
उनकी
पारिवारिक
आर्थिक
स्थिति
कमजोर
पाई
गई,
लेकिन
जीवनशैली
अत्यधिक
ऐशोआराम
वाली
थी।
इससे
संगठित
अपराध,
विशेषकर
ड्रग्स
तस्करी
या
अन्य
फंडिंग
स्रोतों
की
संभावना
की
ओर
संकेत
मिलता
है।