Bhopal: भोपाल-इंदौर मेट्रो में तुर्की की कंपनी को मिला काम, कांग्रेस ने मेट्रो ऑफिस का किया घेराव, लगाए नारे


भारत-पाकिस्तान
के
बीच
तनाव
के
दौरान
तुर्की
द्वारा
पाकिस्तान
का
समर्थन
किए
जाने
के
बाद
लगातार
भारत
मे
तुर्की
का
विरोध
किया
जा
रहा
है।
भोपाल-इंदौर
मेट्रो
में
तुर्की
की
कंपनी
असिस
गार्ड
का
ठेका
है।
वह
स्टेशनों
पर
ऑटोमैटिक
फेयर
कलेक्शन
सिस्टम
लगा
रही
है।
इसके
विरोध
में
बुधवार
को
कांग्रेस
भी
मैदान
में
उतर
गई
है।
पूर्व
मंत्री
पीसी
शर्मा
के
नेतृत्व
में
कांग्रेसियों
ने
मेट्रो
ऑफिस
का
घेराव
किया।
यहां
पर
पाकिस्तान
मुर्दाबाद
के
नारे
भी
लगाए
गए।
शर्मा
ने
कहा
कि
तुर्की
ने
पाकिस्तान
का
साथ
दिया
है।
ऐसे
में
देश
खतरे
में
है।
सॉफ्टवेयर
के
जरिए
तुर्की
देश
को
संकट
में
डाल
सकता
है।
सात
दिन
के
अंदर
टेंडर
निरस्त
होना
चाहिए।


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7
दिन
का
दिया
मोहलत,
नहीं
तो
होगा
बड़ा
आंदोलन 

शर्मा
ने
बताया
कि
7
दिन
का
वक्त
दिया
है।
इस
अवधि
में
मेट्रो
कॉर्पोरेशन
तुर्की
का
सामान
निकाल
लें,
वरना
मेट्रो
ऑफिस
के
सामने
ही
बड़ा
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
मेट्रो
प्रोजेक्ट
जीएम
अजय
गुप्ता
को
कांग्रेस
ने
ज्ञापन
दिया।
प्रदर्शन
के
बीच
कांग्रेस
नेता
योगेंद्र
सिंह
गुड्डू
चौहान,
प्रवीण
सक्सेना,
राहुल
सिंह
राठौड़
भी
मौजूद
रहे।


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यह
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पढ़ें-
प्रधानमंत्री
के
आगमन
की
तैयारी
का
जायजा
लेने
पहुंचे
सीएम,
अधिकारियों
को
प्रबंध
के
लिए
दिए
दिशा-निर्देश


जानकारी
के
लिए
बता
दें
कि 

एमपी
मेट्रो
कॉर्पोरेशन
ने
मेट्रो
स्टेशनों
पर
ऑटोमैटिक
फेयर
कलेक्शन
के
लिए
साल
2024
में
इंटरनेशनल
टेंडर
कॉल
किए
थे।
कुल
3
कंपनियों
ने
टेंडर
भरे
थे।
इनमें
से
एक
तुर्की
की
असिस
इलेक्ट्रॉनिक
ब्लिसिम
सिस्टमेलेरी
भी
शामिल
है,
जबकि
दो
अन्य
कंपनी-
एनईसी
कॉर्पोरेशन
इंडिया
प्राइवेट
लिमिटेड
और
शेलिंग
फॉस्क
ग्लोबल
डिजिटल
टेक्नोलॉजी
थीं।
230
करोड़
रुपए
के
टेंडर
कॉल
के
मुकाबले
तुर्किए
की
कंपनी
ने
186
करोड़
52
लाख
रुपए
की
राशि
टेंडर
में
दी
थी।
दूसरे
स्थान
पर
एनईसी
कॉर्पोरेशन
इंडिया
लिमिटेड
ने
204.57
करोड़
का
प्रस्ताव
सौंपा
था।
इस
हिसाब
से
तुर्किए
की
कंपनी
को
टेंडर
हासिल
हो
गया।



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मुस्लिम
युवती
ने
हिंदू
को
फंसाया,
मरने
की
धमकी
देकर
की
शादी,
निकली
तीन
बच्चों
की
मां;
हैरान
कर
देगा
मामला


यहां
कंपनी
का
चल
रहा
काम

टेंडर
मिलने
के
बाद
कंपनी
ने
स्टेशनों
पर
सिस्टम
लगाने
भी
शुरू
कर
दिए।
भोपाल
में
सुभाष
नगर,
केंद्रीय
स्कूल,
डीबी
मॉल,
एमपी
नगर
और
रानी
कमलापति
स्टेशन
पर
गेट्स
लगाए
जा
चुके
हैं
जबकि
डीआरएम
तिराहा,
अलकापुरी
और
एम्स
में
काम
चल
रहा
है।
इंदौर
में
भी
5
स्टेशन-
गांधीनगर
से
सुपर
कॉरिडोर-3
तक
सिस्टम
इंस्टॉल
किया
जा
चुका
है।
भोपाल
और
इंदौर
के
पहले
फेस
के
कुल
53
स्टेशनों
पर
कंपनी
काम
करेगी।
कंपनी
के
जिम्मे
सबसे
महत्वपूर्ण
ऑटोमैटिक
फेयर
कलेक्शन
यानी
किराया
लेने
की
पूरी
प्रक्रिया
का
सिस्टम
तैयार
करने
का
काम
है।
जिसमें
कार्ड
के
जरिए
किराया
लेने
के
बाद
ही
गेट
खुलना
भी
शामिल
है।
यह
कंपनी
सिस्टम
का
पूरा
मेंटेनेंस
भी
करेगी।