
उमरिया
जिले
में
भीषण
गर्मी
से
जूझ
रहे
लोगों
को
बुधवार
को
मौसम
ने
बड़ी
राहत
दी।
मई
माह
की
तपती
दोपहर
में
जहां
तापमान
चरम
पर
पहुंच
गया
था,
वहीं
जिले
के
कई
गांवों
में
अचानक
मौसम
ने
करवट
ली
और
तेज
हवाओं
के
साथ
जोरदार
बारिश
और
ओलावृष्टि
हुई।
विश्वविख्यात
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
पनपथा
कोर
एरिया
के
समीप
स्थित
आधा
दर्जन
गांवों
में
तेज
बारिश
और
ओले
गिरने
की
खबर
है।
स्थानीय
लोगों
के
अनुसार
दोपहर
के
समय
आसमान
में
अचानक
काले
बादल
छा
गए
और
तेज
हवा
चलने
लगी।
इसके
कुछ
ही
देर
बाद
बारिश
शुरू
हुई
जो
धीरे-धीरे
तेज
होती
गई।
इसी
के
साथ
मटर
के
दाने
के
आकार
के
ओले
भी
गिरने
लगे,
जिससे
खेतों,
पेड़ों
और
मकानों
की
छतों
पर
आवाज़
गूंजने
लगी।
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
करीब
10
से
15
मिनट
तक
तेज
बारिश
और
ओलावृष्टि
का
सिलसिला
चलता
रहा।
इस
अचानक
बदले
मौसम
से
जहां
तापमान
में
भारी
गिरावट
दर्ज
की
गई,
वहीं
लोगों
को
भीषण
गर्मी
से
अस्थायी
राहत
मिली।
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के
छप्पर
के
साथ
उड़े
दो
बच्चे,
मकान
भी
हुआ
तबाह
मौसम
वैज्ञानिकों
के
अनुसार
यह
बदलाव
पश्चिमी
विक्षोभ
और
बंगाल
की
खाड़ी
में
बन
रही
नमी
के
कारण
हुआ
है।
मई
के
आखिरी
सप्ताह
में
आमतौर
पर
उमरिया
जैसे
क्षेत्रों
में
तापमान
44
से
46
डिग्री
सेल्सियस
तक
पहुंच
जाता
है,
लेकिन
इस
बार
अचानक
हुई
ओलावृष्टि
ने
सभी
को
चौंका
दिया
है।
मौसम
विभाग
ने
आने
वाले
दिनों
में
और
भी
ऐसे
बदलाव
की
संभावना
जताई
है,
हालांकि
यह
अस्थायी
ही
होंगे।
गौरतलब
है
कि
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
पनपथा
कोर
एरिया
से
सटे
गांवों
—
खितौली,
मनपुर,
पनपथा,
बोदर,
कुशलपुर,
और
पचगांव
में
सबसे
अधिक
असर
देखा
गया।
हालांकि
ओलों
से
कुछ
फसल
को
नुकसान
की
आशंका
जताई
जा
रही
है,
लेकिन
विस्तृत
सर्वे
के
बाद
ही
सही
स्थिति
सामने
आएगी।
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ढूंढने
गए
दो
ग्रामीणों
पर
जानलेवा
हमला,
हालत
गंभीर
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
भीषण
गर्मी
से
राहत
के
इस
प्राकृतिक
तोहफे
से
बच्चों
और
बुजुर्गों
ने
भी
राहत
की
सांस
ली।
कई
लोग
अपने
घरों
से
बाहर
निकलकर
बारिश
का
आनंद
लेते
देखे
गए।
हालांकि
कुछ
किसानों
ने
चिंता
भी
जताई
कि
यदि
बारिश
और
ओलावृष्टि
का
सिलसिला
यूं
ही
जारी
रहा
तो
इससे
खेतों
में
खड़ी
सब्जियों
और
दलहन
फसलों
को
नुकसान
हो
सकता
है।
फिलहाल
मौसम
सुहावना
हो
गया
है
और
तापमान
में
6
से
8
डिग्री
की
गिरावट
दर्ज
की
गई
है।
प्रशासन
ने
भी
प्रभावित
क्षेत्रों
से
रिपोर्ट
मंगवाई
है
और
नुकसान
का
आकलन
शुरू
कर
दिया
गया
है।